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एक थे जिन्ना, एक थी रती

एक थे जिन्ना, एक थी रती

‘मिस्टर और मिसेज़ जिन्ना’ नामक पुस्तक लेखिका शीला रेड्डी ने जिन्ना और रती के प्रेम विवाह पर लिखी है। इसमें पाकिस्तान के जनक मोहम्मद अली जिन्ना और रती पेटिट के प्रेम विवाह की बहुत ही दिलचस्प दास्तान कई पत्रों के प्रमाण आदि के आधार पर तैयार की है। पुस्तक का प्रकाशन मंजुल पब्लिशिंग हाउस ने किया है और अनुवाद मदन सोनी का है। पुस्तक में जिन्ना के विद्यार्थी जीवन से बैरिस्टर तथा राजनेता तक बनने का विस्तार से वर्णन है। कांग्रेस और मुस्लिम लीग से उनके सम्बंधों और आंदोलनों में उनकी भूमिका की भी व्यापक चर्चा की है लेकिन पुस्तक की मूल कथा जिन्ना-रती के बेमेल प्रेम-कथा के इर्दगिर्द ही चलती है।

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पुस्तक में जिन्ना और उनके जीवन के कई महत्वपूर्ण रहस्यों को पाठकों के सामने रखा है जिनके बारे में अभी तक अधिकांश लोगों को पता नहीं। आम कथाओं की तरह शादी के बाद इन दोनों में भी आपसी मनमुटाव होने लगा था। बेहद रईस खानदान की रती घुट-घुट कर जीते हुए मात्र 29 साल की युवावस्था में ही चल बसी। लेखिका के मुताबिक जिन्ना ताउम्र बाद में शादी नहीं कर पाए। इस जोड़े की एकमात्र संतान यानी जिन्ना की बेटी ‘दीना’ ने भी अपने पिता की राय के खिलाफ स्वेच्छा से एक गैर-मुस्लिम से विवाह किया।

 

             उदय इंडिया ब्यूरो

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