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जम्मू-कश्मीर में शांति और सौहार्दपूर्ण तरीके से मनाया गया ईद-उल-अजहा का त्योहार

जम्मू-कश्मीर में शांति और सौहार्दपूर्ण तरीके से मनाया गया ईद-उल-अजहा का त्योहार

कश्मीर घाटी में ईद-उल-अजहा के मौके पर सब कुछ सामान्य रहा. घाटी की फिजाओं में हालात सामान्य रहे और लोगों ने सौहार्दपूर्ण ढंग से त्योहार के मौके पर अलग-अलग मस्जिदों में जाकर विशेष नमाज़ अता की.

श्रीनगर की अलग-अलग मस्जिदों में लोगों ने ईद-उल-अजहा का त्योहार शांतिपूर्ण ढंग से मनाया. घाटी में अलग-अलग स्थानों पर बिना किसी हिंसा के शांति के साथ ईद की नमाज़ अता की गई. हज़ारों लोगों ने ईद की नमाज़ अता करने के बाद एक दूसरे को गले लगाकर मुबारकबाद दी.

श्रीनगर ही नहीं किश्तवाड़, पुलवामा, अनंतनाग, बारामूला समेत घाटी के अन्य शहरों में हजारों की संख्या में स्थानीय लोगों ने ईद-उल-अजहा मनाया. इस दौरान प्रशासन की ओर से धारा-144 में ढील दी गई और लोग घरों से बाहर निकलकर मस्जिदों में पहुंचे. कई जगहों पर जम्मू-कश्मीर पुलिस और सुरक्षाबलों ने नमाज के बाद मिठाई बांटी और ईद की मुबारकबाद दी.

केंद्रीय गृह मंत्रालय के अनुसार जम्मू-कश्मीर में लोग नमाज अता करने के लिए बड़ी संख्या में बाहर निकले. बांदीपोरा में दार उल उलूम रहिमिया में 5000 और जामिया मस्जिद में 2000, बारामूला में 10000, कुपवाड़ा की ईदगाह मस्जिद में 3500, सोपोर में 1500, कुलगाम के काजीगुंड में 5500, कैमोह में 6000, शोपियां में 3000, पुलवामा में 1800, अवंतीपोरा में 2500, अनंतनाग के अचबल में 3000 गंदेरबल में 7000 से अधिक, बडगाम के चरार-ए-शरीफ में 5000 और मगाम 8000 लोगों ने नमाज अता की. जम्मू में ईदगाह में पांच हजार से अधिक लोगों ने नमाज अता की.

जम्मू के विभिन्न इलाकों में भी ईद-उल-अजहा की नमाज शांतिपूर्ण ढंग से अता की गई. रामबन हो या कठुआ, उधमपुर या पुंछ जम्मू हो या राजौरी सब जगह शांति के साथ ईद की नमाज अता की गई. लोग मस्जिदों में पहुंचे और नमाज अता करने के बाद एक दूसरे को मुबारकबाद भी दी.

राज्य के तमाम और हिस्सों में भी ईद-उल-अजहा की नमाज शांति से संपन्न हुई. डोडा और रियासी जिलों में लोग मस्जिदों में गए और नमाज अता की.

वहीं लेह में भी ईद-उल-अजहा का त्योहार शांति से मना. मस्जिदों में लोगों की भारी भीड़ नमाज के लिए पहुंची.

ईद को देखते हुए घाटी के तमाम इलाकों में बाजार खोले गए, बैंक भी खोले गए. पिछले दो दिनों से घाटी के चप्पे-चप्पे पर हलचल दिखाई दी. बाजार में भी रौनक दिखाई दी. प्रशासन लगातार जम्मू-कश्मीर में स्थिति की समीक्षा कर रहा है. साथ ही यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि प्रतिबंधों से लोगों को कम से कम परेशानी हो. सरकार ने कश्मीर घाटी में पर्याप्त भोजन और अन्य आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता भी सुनिश्चित की है और कुछ सामग्री घरों तक पहुंचाए जाने की व्यवस्था करने के लिए भी कदम उठाए जा रहे हैं. इस बीच राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोवाल ने घाटी की सुरक्षा स्थिति का जायजा लेने के लिए शहर और दक्षिण कश्मीर के इलाकों का सोमवार को हवाई सर्वेक्षण किया.

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