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दिलीप सिंह राठौड़ : कर्मठ नेता

दिलीप सिंह राठौड़ : कर्मठ नेता

दिलीप सिंह राठौड़ एक सामान्य राजपूत परिवार में जन्मे। प्रबल राष्ट्रवाद की भावना से ओतप्रोत श्री राठौड़ ने राष्ट्रीय उत्थान में समाजवाद के  महत्व को पहचान कर सर्व समाज के उत्थान के लिए कार्य किया जिसे समाज के सभी वर्गों ने सराहा। इसके फलस्वरूप उन्हें एक कर्मठ कार्यकर्ता के रूप में काफी लोकप्रियता  मिली जिसके फलस्वरूप उन्हें भारतीय जनता पार्टी के सूरत जिले के अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी दी गयी। इनके कार्यकाल के दौरान भारतीय जनता पार्टी ने सूरत जिले में विधानसभा चुनाव, लोकसभा चुनाव, जिला पंचायत चुनाव, तालुका पंचायत चुनाव में भारी मतों से जीत हासिल की। जब संगठन पर्व 2019 आया, तब आदरणीय श्री नरेंद्र भाई मोदीजी के नेतृत्व वाली भारतीय जनता पार्टी की सरकार के विकास और ऐतिहासिक उपलब्धियों को लेकर पूरे जिले में गांव-गांव जाकर 5,000 किलोमीटर की यात्रा की।

239 शक्ति केंद्रों में 478 आईटी सेल के कन्वीनरों की नियुक्ति की गयी और उन्हें ऑनलाइन सदस्यता के लिए प्रशिक्षित किया। 21000 पेज प्रमुखों और भारतीय जनता पार्टी के सभी कार्यकर्ताओं की जवाबदेही तय करके उनकी 7 विधानसभा मत विस्तार में होदेदार के पद पर नियुक्ति की गयी। इसके अलावा जिला कक्षाएं एवं कॉल सेंटर खोले गए। 24,000 मैसेज और कॉल्स किए और इस तरह कड़ी मेहनत से 2,02,700 से भी ज्यादा भारतीय जनता पार्टी के नए सदस्य बनाए जो पूरे गुजरात राज्य में सभी जिलों में सबसे ज्यादा हैं।

इस सदस्यता अभियान के दौरान गांवों में प्रवास के दौरान श्री दिलीप सिंह राठौड़ ने 15,000 से भी ज्यादा वृक्ष लगाए और जल संचय से संबंधित जरूरी जानकारी लोगों को दी।

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श्री राठौड़ ने सोशल मीडिया के माध्यम से सदस्यता अभियान, जल संचयन और वृक्षारोपण अभियान का भरपूर प्रचार किया। सदस्यता अभियान की यात्रा के दौरान उन्होंने  जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 और 35ए को हटाने की जरूरत पर लोगो को अवगत कराया।

उनके कार्यकाल के दौरान सर्वसमाज के महापुरुषों जैसे  आदिवासी समाज के बिरसा मुंडा जी, ब्राहम्ण समाज के भगवान परशुराम जी, राजपूत समाज के महाराणा प्रताप जी, दलित समाज के डॉक्टर भीमराव अंबेडकर जी के जन्मदिनों पर सभी समाज के लोगों को इकट्ठा कर राष्ट्रहित में इन महान आत्माओं के योगदान को याद किया एंवम समाज के विभिन्न वर्गों के बीच की दूरियां और गलतफहमियां मिटाई।

सूरत से महेन्द्र राउत

 

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