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देश भर में बाढ़ का कहर

देश भर में बाढ़ का कहर

देश के कई हिस्सों में लोग बाढ़ से परेशान हैं, सबसे ज्यादा असर महाराष्ट्र, कर्नाटक और केरल में देखा जा रहा है, तीनों राज्यों के कई जिलों में एनडीआरएफ, तीनों सेनाएं, तटरक्षकबल और राज्य आपदा राहत बल लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा रहे हैं। केरल में बाढ़ के कारण पिछले तीन दिन में 22 लोगों की मौत हो गई है, राज्य में बारिश कम हुई है लेकिन वायनाड, मलप्पुरम, कासरगोड, कोझीकोड. एर्नाकुलम, थ्रिशुर में हालात काफी खराब हैं, यहां 351 राहत शिविरों में 23000 लोगों को रखा गया है, मुख्यमंत्री पिनरई विजयन ने हालात का जायजा लेने के लिए एक उच्चस्तरीय बैठक की है।

महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा असर कोल्हापुर और सांगली में देखा जा रहा है, सांगली के लिए नौसेना की 12 और राहत टीमें भेजी गई हैं, पश्चिम महाराष्ट्र के सांगली, सतारा, कोल्हापुर  में हालात बिगड़े हुए हैं.एनडीआरएफ की टीम बोट के जरिए लोगों को बचाने में जुटी है, एक-एक घऱ से महिलाएं-बुजुर्ग सब को सकुशल बाहर निकाला जा रहा है । इसके अलावा कोंकण के सिंधुदुर्ग, रत्नागिरी में भी  बाढ़ से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित है. कोल्हापुर में रेस्क्यू के लिए कुल 22 टीमों को लगाया गया है. एनडीआरएफ की 5 और नौसेना की 14 टीम जिले में मौजूद हैं, इसके साथ ही 200 के करीब जवानों वाली सेना की एक कॉलम भी रेस्क्यू में जुटी है. कोस्टगार्ड-एसडीआरएफ की एक एक टीम रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही है. कोल्हापुर की पंचगंगा नदी का जलस्तर थोड़ा कम हुआ है। कोल्हापुर के किनी गांव में 500 के करीब पैसेंजर बाढ़ के कारण फंस गए।

वहीं कर्नाटक में बेलगावी, हुबली, मैसूर , कोडागू और बगलकोट इलाके में बाढ़ का भारी असर है, यहां भी एनडीआरएफ, वायुसेना सहित राज्य आपदा राहत बल लोगों को हर संभव मदद पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं। मुख्यमंत्री बी एस येदयुरप्पा ने बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा कर अधिकारियों के साथ बैठक कर जरूरी निर्देश दिए। केन्द्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने भी बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया। इस सबके बीच केन्द्र सरकार भी हालात पर पैनी नजर बनाए हुए है, केरल, महाराष्ट्र, कर्नाटक और गुजरात सहित देश के दूसरे हिस्सों में बाढ़ की हालात की समीक्षा के लिए गृहमंत्रालय में एक उच्चस्तरीय बैठक हुई। पूरे देश में एनडीआरएफ की 83 टीम लगाई गयी हैं, सेना, वायुसेना, नौसेना और कोस्टगार्ड की 173 टीम लगी हैं। अभी तक 82000 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है, 2300 लोगों की जान बचाई गयी है।

पहाड़ों पर भी मौसम कहर बरपा रहा है, हिमाचल प्रदेश में चंडीगढ़-मनाली हाइवे मंडी और ऑट के बीच सड़क पर मलबा आने से बंद हो गया, ट्राफिक को डाइवर्ट कर हालात सामान्य बनाए गये। वहीं उत्तराखंड में भी चमोली जिले में भारी बारिश के कारण 10 घरों में मलबा भर गया, एसडीआरएफ ने यहां पर बचाव कार्य किया। वहीं मध्यप्रदेश, उड़ीशा और छत्तीसगढ़ के भी कई इलाकों में लोग बाढ़ के कारण जलभराव से परेशान हैं। मध्यप्रदेश के 9 जिलों में रेड अलर्ट घोषित किया गया है, छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा और बीजापुर क्षेत्र में बाढ़ का असर है, उड़ीशा में कालाहांडी और बोलांगीर इलाका बाढ़ से परेशान है।

मध्यप्रदेश में रायसेन, बदवानी, बैतूल, सागर और विदिशा में काफी हालात खराब हैं, यहां केन्द्र और राज्य के राहत बल सक्रिय हैं। छत्तीसगढ़ में दन्तेवाड़ा जिले की सीमा से लगे भैरमगढ़ ब्लाक के गुडरा नाला में बाढ़ के चलते रात भर फंसे रहे 15 ग्रामीणों को रेस्क्यू कर सुरक्षित निकाल लिया गया है। ओडिशा में इंद्रावती डैम के दो गेट खोल दिये गए हैं ताकि बाढ़ से राहत मिले। कुल मिलाकर प्रकृति का कहर देश के कई हिस्सों में दिख रहा है, केन्द्र और राज्य सरकारें मिलकर इस आपदा से लड़ रही हैं और लोगों को हर संभव राहत पहुंचाने की कोशिश कर रही हैं।

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