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प्रचार के आखिरी दिन पश्चिम बंगाल में गरमाया सियासी पारा

प्रचार के आखिरी दिन पश्चिम बंगाल में गरमाया सियासी पारा

लोकसभा चुनाव के आखिरी दंगल में सियासी घमासान का केंद्र बना है ममता बनर्जी का किला पश्चिम बंगाल । 19 मई को होने वाले  आख़िरी चरण के मतदान में राज्य की 9 सीटों पर मतदान होना है । वैसे तो इन सभी सीटों पर  चुनाव प्रचार 17 मई की शाम पांच बजे ख़त्म होना था लेकिन चुनाव आयोग के आदेश के मुताबिक रात दस बजे प्रचार का काम खत्म हो रहा है। कोलकाता में बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के रोड शो में हुए हंगामे के बाद राज्य का सियासी पारा चढा हुआ है ।

प्रचार से कुछ घंटे पहले ही पीएम मोदी ने राज्य में दो रैलियां की । एक रैली थी मथुरापुरा में तो दूसरी थी दमदम में । दोनों रैलियों में पीएम के निशाने पर थी ममता बनर्जी  । पीएम ने अमित शाह के रोड शो में हुई हिंसा और ईश्वरचंद्र विद्यासागर की प्रतिमा तोड़ने का मामला उठाया । पीएम ने इस घटना को पाप करार देते हुए कहा कि यह कृत्य जिन्होंने किया है उन्हें कठोरतम सजा दी जानी चाहिए। पीएम ने ममता बनर्जी पर जोरदार हमला बोला और कहा कि हार के डर से मुझे धमकियां दी जा रही हैं ।

इससे पहले यूपी की एक रैली में पीएम ने कहा कि उनकी सरकार ईश्वरचंद्र विद्यासागर की पंचधातु से निर्मित प्रतिमा स्थापित कर तृणमूल कांग्रेस के गुंडों को जवाब देगी । वहीं प्रचार के आखिरी दिन पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी कोलकाता में पद यात्रा की । उनके साथ इस पदयात्रा में पार्टी के समर्थक बडी संख्या में मौजूद थे । इससे पहले बुधवार शाम चुनाव आयोग ने साफ कहा  कि पश्चिम बंगाल की बची हुई 9 सीटों पर 16 मई रात दस बजे के बाद से कोई प्रचार प्रसार नहीं होगा।

शायद ये पहली बार है जब आयोग ने अनुच्छेद 324 को इस तरीके से लागू किया है। इसके अलावा चुनाव आयोग ने चुनाव प्रक्रिया में दखल देने की वजह से राज्‍य के प्रधान सचिव अत्रीय भट्टाचार्य को पद से कार्यमुक्‍त और अपर महानिदेशक सीआईडी राजीव कुमार को पद से हटा दिया है। बीजेपी ने चुनावी हिंसा को लेकर चुनाव आयोग की कार्रवाई को ”बड़े गुनाह की छोटी सजा” करार देते हुए गुरुवार को आयोग को एक ज्ञापन सौंपा ।

पार्टी ने राज्य में बचे हुए सीटों पर मतदान के दौरान हर बूथ पर केंद्रीय अर्द्धसैनिक बलों की तैनाती तथा आपराधिक एवं अराजक तत्वों की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने की मांग की । वहीं कांग्रेस और बीएसपी ने चुनाव आयोग के फैसले पर सवाल खडे किए. उधर कोलकाता में बीजेपी ने आरोप लगाया है कि ममता राज में उसके कार्यकर्ताओं को परेशान किया जा रहा है । एक प्रेस कांफ्रेस में बीजेपी ने उन कार्यकर्ताओं को मीडिया के सामने पेश किया जिनकी पिटाई की गयी है । पार्टी ने कहा कि राज्य में अराजकता का माहौल है ।

दरअसल सातवें चरण के तहत पश्चिम बंगाल की दमदम, बारासात, बसीरहाट, जयनगर, मथुरापुर, जाधवपुर, डायमंड हार्बर, साउथ कोलकाता और नॉर्थ कोलकाता में चुनाव होना है । मतदान से पहले राज्य में जबरदस्त सियासी बवाल मचा है जिसके चलते चुनाव आयोग को कडा फैसला लेना पडा ।

हालांकि कुछ राजनीतिक दल चुनाव आयोग पर ही सवाल उठा रहे हैं लेकिन सच्चाई ये है कि आयोग को स्वतंत्र , निष्पक्ष और भयमुक्त चुनाव कराने के लिए सभी संभव कदम उठाने का संवैधानिक अधिकार मिला है और आयोग उसी के तहत ये कदम उठा रहा है ।

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