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ब्रांड योगी का ‘मेक इन यूपी’

ब्रांड योगी का ‘मेक इन यूपी’

नरेंद्र मोदी के ‘वायव्रेंट गुजरात’ के बाद अब एक योगी तथा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री की बारी है लखनऊ को व्यापार और उद्योग के लिए मशहूर ‘दलाल स्ट्रीट’ में बदलने की। भारत में कोई योगी या संत ही असली सर्जक, प्रशासक या दूरदृष्टि संपन्न नेता हो सकता है, जो राष्ट्र या किसी राज्य को विश्व गुरु का गौरव दिला सके. उत्तर प्रदेश में योगी ही मुख्य प्रशासक हैं, जिनका लक्ष्य राज्य में असली ‘राम राज्य’ की स्थापना है। उत्तर प्रदेश पहले वस्तुत: ‘रावण राज’ के दौर से गुजर चुका है। कहा जाता है कि जब भी कोई विक्रमादित्य के सिंहासन पर बैठता है तो वह वास्तविक न्याय करता है, समृद्धि लाता है और बुरी ताकतों का नाश करता है।

अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के राजकाज का मार्च 2018 में साल भर पूरे हो रहे हैं। 2019 में अगले लोकसभा चुनावों में उनकी सरकार के कामकाज की बड़ी भूमिका रहने वाली है। उत्तर प्रदेश में भाजपा के हिंदू चेहरे के रूप में चर्चित भगवा वस्त्र धारी मुख्यमंत्री ने लोगों में वाकई भरोसे का माहौल पैदा किया है। आखिर देश सबसे अधिक 22 करोड़ की आबादी वाले राज्य में कानून-व्यवस्था की हालत में गजब का सुधार दिख रहा है। भाजपा की सरकार के पहले दलित मुख्यमंत्री मायावती और फिर अखिलेश यादव की बदौलत का उत्तर प्रदेश का प्रशासनिक ढांचा खस्ताहाल था। इसलिए योगी आदित्यनाथ के सामने सबसे बड़ी चुनौती माफिया सरगनाओं में डर पैदा करना था, जिनके आतंक से आम आदमी, पर्यटक और निहत्थे निवेशक सभी थरथर कांपते थे।

यह राज्य राजनैतिक रूप से सबसे अधिक संवेदनशील है। यहां जाति आधारित कई आंदोलन हो चुके हैं, सामुदायिक झगड़े और प्रायोजित राजनैतिक हिंसा भी हो चुकी है। दरअसल सभी राजनैतिक पार्टियों ने उत्तर प्रदेश को राजनैतिक प्रयोग की भूमि बनाया और उसका दोहन किया। चाहे राम मंदिर का आंदोलन हो या मंडल आंदोलन या दलित राजनीति, अल्पसंख्यक राजनीति या भाई-भतीजे की राजनीति। लेकिन अब मामला बदल चुका है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कहते हैं, ”यूपी भारत का ग्रोथ इंजन है। यह देश की तीसरी सबसे तेजी से बढऩे वाली अर्थव्यवस्था है। गंगा के उर्वर मैदान में स्थित इस राज्य को अकूत अवसरों का वरदान मिला हुआ है। मेरी सरकार की निवेशकों के अनुकूल नीति और सुशासन की पहल राज्य की आंतरिक शक्ति के प्रश्रय में योगदान दे रही है। हम राज्य को पसंदीदा निवेश मुकाम बनाने निश्चित रूप से लंबी यात्रा तय करेंगे।‘’

बेशक, यह अच्छा संदेश है और इससे पांच लाख करोड़ रुपए का निवेश आमंत्रित करने के मुख्यमंत्री के सपने को साकार करने में मदद मिलेगी। गौरतलब है कि अखिलेश यादव सरकार द्वारा आयोजित आगरा में पिछला निवेश सम्मेलन बड़ा झटका साबित हुआ था। कोई भी दमदार निवेश राज्य में तब सरकार की प्रतिकूल औद्योगिक नीति और कानू-व्यवस्था की लचर हालत के चलते निवेश करने का प्रस्ताव लेकर नहीं आया। अब योगी का दावा है कि उनकी सरकार ने उद्योगों को मंजूरी की एकल खिड़की के लिए 13 नीतियों की पहचान की है। इस बार राज्य सरकार ने उद्योग जगत, बॉलीवुड और दूसरे क्षेत्रों के विशेषज्ञों की एक कोर कमेटी बनाई है।

यकीनन राज्य में भारी संभावनाएं हैं क्योंकि यहां युवा आबादी 60 प्रतिशत से अधिक है और सबसे महत्वपूर्ण यह है कि निवेशकों के लिए यहां का बाजार अभी खाली है। राज्य ने सुरक्षा के लिए आतंत रोधी दस्ता कायम किया है और दर्जन भर से अधिक देशों के निवेशकों की स्वागत की तैयारी की है। फिर राज्य में ‘ब्रांड उत्तर प्रदेश’ स्थापित करने के लिए पांच हजार से अधिक प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया है। योगी की टीम इसके लिए पूरी तैयारी कर चुकी है। श्रम कानून आसान बनाए गए हैं, एयरो स्पेश मार्केट के लिए नई उड्डयन नीति बनाई गई है, विशेष माल ढुलाई कॉरीडोर, 24 घंटे चौकस पुलिस और दमकल दस्ते के साथ बहुआमी ट्रांसपोर्ट बनाए गए हैं।

योगी सरकार का लक्ष्य 2022 तक 20 लाख नौकरियों का सृजन है। ऐसा लगता है कि मोदी सरकार कारोबारी सहूलियत को बढ़ाने पर ज्यादा ध्यान दे रही है और वायव्रेंट गुजरात जैसा ही व्यावसायिक सम्मेलन आयोजित करना चाहती है। मोदी की मेक इन इंडिया नीति को आगे बढ़ाते हुए योगी अब ‘मेक इन यूपीÓ के प्रति बेहद गंभीर लग रहे हैं। वजह यह है कि राज्य में छोटे और बड़े उद्योगों के लिए एशिया में सबसे बड़े उपभोक्ता बाजार के साथ अकूत संभावनाएं हैं।

दरअसल भारी निवेश जुटाने के अलावा योगी को राज्य में समृद्धि लाने का भी श्रेय मिलेगा। इससे उन्हें राज्य में और उसके बाहर राजनैतिक बढ़त भी हासिल होगी। मोदी की तरह ही योगी सोशल मीडिया पर भारी सक्रिय हैं। वे मोदी के बाद भाजपा के सबसे अधिक भीड़ आकर्षित करने वाले नेता हैं। योगी कहते भी हैं, ”इस सम्मेलन के जरिए हम दुनिया भर के विशेषज्ञों और बेहतरीन दिमागों को हमारे साथ जुडऩे का मंच मुहैया कराना चाहते हैं। मैं सभी को उत्तर प्रदेश में निवेश के लिए पूरा सहयोग देने का आश्वासन देता है।ÓÓ योगी जी शुभ हो! यही उम्मीद है कि युवा मुख्यमंत्री हमारे राष्ट्र का गौरव कुछ और ऊंचा उठाएंगे। अब तो यह समय ही बताएगा कि मोदीनॉमिक्स ज्यादा कामयाब होता है या योगीनॉमिक्स!

दीपक कुमार रथ

दीपक कुमार रथ

(editor@udayindia.in)

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