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भविष्य में मानव

भविष्य में मानव

‘होमो डेयस -आने वाले कल का संक्षिप्त इतिहास’ नामक पुस्तक के लेखक युवाल नोआ हरारी एक ऐसी दुनिया की कल्पना प्रस्तुत करते हैं जो बहुत ज्यादा दूर नहीं है, और जिसमें हम सर्वथा नयी चुनौतियों का सामना करने वाले हैं।

युवाल लिखते हैं, मनुष्य अन्य जीवों से अलग हो पाया, तकनीक के कारण। आग पर काबू पाकर, खेती की समझ बना कर और भाषा के इस्तेमाल से वोइस वृहद स्तर पर आपसी सहयोग जुटा पाया, जिसकी किसी और प्रजाति में कोई मिसाल नहीं है। जो शारीरिक तौर पर बलिष्ठ थे या जो तीक्ष्ण बुद्धि के थे, वे समाज में ताकत अर्जित कर पाए। फिर मशीनों का ईजाद हुआ, जिसने मानव हो या जानवर, दोनों के शारीरिक बल को निरर्थक बना दिया। तब बुद्धि की तीक्ष्णता मानव जाति की एक मात्र खासियत बची थी। आज हम चौथी औद्योगिक क्रांति के दौर में हैं। आज एल्गोरिदम, बिग डाटा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस नें यह प्रमाणित कर दिया है कि कंप्यूटर मनुष्य से कहीं ज्यादा बुद्धिमान है।

होमो डेयस

अनुवाद           : मदन सोनी

प्रकाशक           : मंजुल पब्लिशिंग हाउस

मूल्य               : 450 रु.

पृष्ठ                : 426

युवाल का प्रश्न है कि जब सब मशीनें कर लेंगी, तो मनुष्य क्या करेगा? वो दौर कैसा होगा, जब विज्ञान हमें मरने नहीं देगा और मशीनें हमें जीने नहीं देंगी? चिंता का विषय ये है कि ये दौर 100-200 सवाल दूर नहीं है बल्कि ऐसा दौर शुरू हो चुका है। दो से तीन दशक में ही हम खुद इस दौर को भोगना शुरू कर देंगे। हरारी का प्रश्न, हम सब का प्रश्न है कि ऐसे में क्या होगा। शायद पैदा होते ही वानप्रस्थ जाना पड़े। पर क्या तब तक वन बचेंगे?

इंसान दरअसल भगवान (होमो यानी मनुष्य और डेयस यानी भगवान) बनने के बेहद करीब है। पर दिक्कत ये है कि बहुत कम संख्या में इंसान भगवान बनेंगे और बहुत बड़ी संख्या में मानव जाति बेकार हो जाएगी। हर नए युग में मानव जाति क्या करेगी, ये पता लगाया जा सकता है पर आने वाला समय ऐसा है कि अधिकतर मानव क्या करेंगे, इसका अनुमान लगाना अभी असंभव है।

होमो डेयस उन परियोजनाओं, स्वप्नों और दु:स्वप्नों की पड़ताल करती है जो इक्कीसवीं सदी को आकार देने वाले हैं – मृत्यु पर विजय प्राप्त करने से लेकर कृत्रिम जीवन की रचना तक। यह किताब कुछ बुनियादी सवाल पूछती है:हम यहां से कहाँ जाएंगे? और हम अपनी ही विनाशकारी शक्तियों से इस नाजुक संसार की रक्षा कैसे करेंगे?

‘होमो डेयस -आने वाले कल का संक्षिप्त इतिहास’ नामक पुस्तक लोगों के आंतरिक मन को झकझोर देने वाली पुस्तक है। और इसका कारण इस पुस्तक का सौ प्रतिशत वास्तिविक होना। यह पुस्तक आम लोगों को सच्चाई से सामना करवाती है। लोगों को सोचने पर विवश करती है। लोगों को यह बताती है कि आप जो कुछ भी कर रहे है, उसका आपके आने वाले जीवन में क्या प्रभाव पड़ेगा। आज समाज की सबसे बड़ी समस्या यह हैं कि लोग अपने अस्तित्व को नहीं समझाना चाहते है। वह यह नहीं जानना चाहते कि वह अन्य जीव जन्तुओं से क्यों अलग है? कैसे अलग है? और यह पुस्तक इन सभी बातों को विधिवत रूप से बताती है। अत: यह पुस्तक पाठकों के लिए अत्यंत लाभकारी है और यह पाठकों को अवश्य ही आकर्षित करेगी।

उदय इंडिया ब्यूरो

 

 

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