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भारत की सुरक्षा में नागरिकों का अहम योगदान

भारत की सुरक्षा में नागरिकों का अहम योगदान

पिछले 27 दिसंबर 2018 को राष्ट्रीय सुरक्षा जागरण मंच (फैंस) द्वारा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ स्वयंसेवक इन्द्रेश कुमार के मार्गदर्शन में एक दिवसीय अखिल भारतीय कार्यशाला ‘मंथन-राष्ट्रीय सुरक्षा-एक दृष्टि’ का आयोजन अंबेडकर अंतरराष्ट्रीय सभागार में किया गया, जिसमें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सर कार्यवाह सुरेश भैयाजी जोशी, भारत के विदेश राज्य मंत्री जनरल वी. के. सिंह, राज्यसभा सदस्य लेफ्टिनेंट जनरल डी. पी. वत्स तथा लेफ्टिनेंट जनरल के. जे. सिंह सहित कई बुद्धिजीवी व्यक्तियों ने इस संगोष्ठी में अपनी बात रखी। सर्वप्रथम आरएसएस के सर कार्यवाह सुरेश भैयाजी जोशी ने संगोष्ठी को संबोधित करते हुए कहा कि भारत ने कभी भी पाकिस्तान को अपना दुश्मन नहीं माना, लेकिन पाकिस्तान अपने जन्म से ही दुश्मनों जैसा व्यवहार करता है। चीन ने भले खुले तौर कोई दुश्मनी की बात नहीं की, लेकिन उसके व्यवहार से सीमा पर हमेशा हलचल रहती है। उन्होंने कहा कि भारत के साथ पाकिस्तान और चीन दुश्मनी का व्यवहार छोड़ दें तो पूरे एशिया में न सिर्फ अमन-चैन स्थापित हो जाएगा, बल्कि इस क्षेत्र से भूखमरी और गरीबी भी खत्म हो जाएगी। इससे और ज्यादा विकास होगा। पड़ोसी देशों की दुश्मनी की वजह से हथियारों और सेना पर एक बहुत बड़ी राशि खर्च होती है। अगर पड़ोसी देश दुश्मनी खत्म कर दें तो सेना व सुरक्षा पर खर्च होने वाला धन देशों में शिक्षा को सुधारने और गरीबी खत्म करने के काम आएगा।

भैया जी जोशी ने देश की सुरक्षा में आम जनमानस की भूमिका की ओर निदिृष्ट करते हुए कहा कि आज देश में मजहब, जाति व असहिष्णुता के नाम पर हिंसा फैलाई जा रही है। देश की सुरक्षा में देश के प्रत्येक नागरिकों को सजग रहनी चाहिये क्योंकि सजग जनमानस के बिना केवल सेना और सरकार देश की सुरक्षा नहीं कर सकतीं। दुश्मन भारत में आकर देश को नुकसान पहुंचाते हैं, इसलिए नागरिकों को भी अपने इस कर्तव्य को नहीं भूलना चाहियें।

विदेश राज्य मंत्री जनरल वी. के. सिंह ने भारत कि विदेश नीति पर बोलते हुए कहा कि भारत सरकार के कई अहम कदमों के कारण भारत की एक अलग पहचान बनी है, जो अब समूचे विश्व को भी दिखाई दे रही है। भारत की नीति अपने पड़ोसियों तथा विश्व के अन्य देशों के साथ चलने की है। उन्होंने चीन पर बोलते हुए कहा कि चीन के सैनिक जब भारत में कदम रखते है तो यह सभी को मालूम पड़ जाता है। लेकिन सच्चाई यह भी है कि हमारे भी सैनिक अब उस ओर पहले से ज्यादा जाते है, जिसे लोगों को दिखाया नहीं जाता।

संगोष्ठी के समापन देखते हुए इन्द्रेश कुमार ने सभा को संबोधित किया। पाकिस्तान पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि आज पाकिस्तान की हालत ऐसी है कि इसके अपने ही लोग इसके बटवारें की मांग कर रहे हैं। सिंधी, बलुच, पख्तुन अपने लिए अलग देश की मांग कर रहे है। उन्होंने कहा कि भारत के बटवारें के समय जो मुस्लिम पाकिस्तान गये थे, उन्हें आज तक पाकिस्तान ने अपना नागरिक नहीं माना है और ये लोग वहां मुजाहीर के रूप में जाने जाते हैं। और ये भी उन लोगों में से है, जो पाकिस्तान का बटवारा चाहते हैं। चीन पर उन्होंने कहा कि चीन से सरकार अपने स्तर पर डील करेगी, लेकिन हम नागरिकों को चीन में निर्मित वस्तुओं का बहिष्कार कर उसे आर्थिक रूप से कमजोर कर देंगे।

            (उदय इंडिया ब्यूरो)

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