ब्रेकिंग न्यूज़

मोदी सरकार की चुनौतियां

मोदी सरकार की चुनौतियां

चूंकि अब मोदी सरकार ने अपने कैबिनेट का फारमेशन कर लिया है, इसलिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार के सामने देश को चलाने हेतु किस प्रकार की चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा इसे देखना आवश्यक है। मोदी के नेतृत्व वाली एनडीए पर मतदाताओं ने बड़ी आशा के साथ विश्वास जताया है, जिस पर लगातार सभी की नजरें होंगी। यह तो निश्चित ही है कि मोदी-विरोधी उनका विरोध करने का कोई मौका नहीं छोड़ेंगे। इस दिशा में सरकार ने साकारात्मक कदम उठाये हैं, लेकिन अभी यह देखना बाकी है कि क्या वह समस्याओं का सामाधान करने में सफल होती है। पिछले और हाल ही में खत्म हुए लोकसभा चुनावों का प्रचार-प्रसार भ्रष्टाचार के विरोध में रहा है। खासकर इस मामले को नरेन्द्र मोदी को गंभीरता से लेना चाहिये। प्रधानमंत्री मोदी को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके कै बिनेट के नये मंत्रियों का भी भ्रष्टाचारी की ओर झुकाव न हो। लेकिन यह तो वास्तविकता है कि भ्रष्टाचार को देश से पूरी तरह समाप्त करना मोदी के लिए एक बड़ी चुनौती होगी और उसके लिए सख्त कानून की आवश्यकता होगी।

शपथग्रहण समारोह में ‘बिम्सटेक’ देशों के सदस्यों को बुलाकर सरकार ने विदेश निति में एक अहम कदम उठाया है। पड़ोसी मुल्कों के साथ रिश्तों पर गहरी नजर होनी चाहिये। वहीं दूसरी तरफ रूस और अमेरिका के साथ भी संबंधों को बनाये रखना आवश्यक है। चीन और पाकिस्तान के साथ कड़ी नीति अपनाने के बावजूद, मोदी को भारत और अमेरिका के साथ रिश्तों को और मजबूत बनाना होगा, ताकि अमेरिका पाकिस्तान से आतंक को खत्म करने के लिए उस पर दबाव बना सके। आंतक रिक सुरक्षा भी सबसे अहम मुद्दों में से एक है। चुनाव के समय नक्सलियों ने सुरक्षा बलों पर हमला किया, इसलिए आंतरिक सुरक्षा के मामलों में भी नई रणनीति अपनानी  होगी।  दूसरी सबसे बड़ी चिंता न आंतरिक आतंकवाद  का उभरना  है। मोदी सरकार को पैरामिलीट्री, पुलिस और खुफिया ऐजेंसियों का आधुनिकरण करना होगा जिससे आतंकियों का आसानी से सफाया किया जा सके।

चुनाव के समय विरोधी दल के नेताओं ने अर्थव्यवस्था पर प्रश्नचिन्ह खड़ा किया था। अत: सरकार को अर्थव्यवस्था सुधारने के संबंध में शीघ्र ही कड़े कदम उठाने होंगे। प्रमुख बुनियादी ढाचा परियोजनाओं पर बड़े स्तर पर काम करना होगा। मोदी सरकार के लिए सबसे अहम मुद्दों में से एक है युवाओं के लिए रोजगार का उत्सर्जन करना, जो चुनाव के समय एक अहम मुद्दा था। इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि अल्पसंख्यक, खासतौर से मुस्लिम समाज यह गहराई से देख रहा है कि मोदी सरकार का ऐजेंडा केवल प्रो-हिन्दूत्व वाला ही न हो।  इसलिए मोदी सरकार को अल्पसंख्यक समाज की अच्छी प्रकार से देखभाल करनी होगी, जिनके मन में कांग्रेस ने भय का माहौल पैदा कर रखा है।

इस पृष्ठभूमि में यह कहना आवश्यक है कि प्रधानमंत्री मोदी ने एक संतुलित कैबिनेट का चुनाव किया है। जिसके अंतर्गत रक्षा मामलों को सावधानी से समझने वाले राजनाथ सिंह का रक्षामंत्री के रूप में चयन किया है। कश्मीर मे असंतुलन तथा उग्रवाद को देखते हुए अमित साह को गृहमंत्री के रूप में चुना है। एक अच्छे राजनायिक होने के नाते एस जयशंकर को विदेश मंत्री के रूप में चुना है। निर्मला सितारमण का वित्तमंत्री एवं पीयूष गोयल का रेलमंत्री के रूप में चुनाव एक सही निर्णय है।

Deepak Kumar Rath

  दीपक कुमार रथ

(editor@udayindia.in)

Leave a Reply

Your email address will not be published.