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सैनिक और कूटनीतिक नजरिये से सफल आपरेशन

सैनिक और कूटनीतिक नजरिये से सफल आपरेशन

मुझे लगा कि भूकंप आ गया – बालाकोट के एक निवासी  द्वारा भारत के हवाई हमले के बाद दिया गया बयान, बीबीसी उर्दू में दिया गया बयान। देश में इमरजेंसी जैसे हालात है, प्रधानमंत्री संसद में बयान दें। 26 फरवरी की दोपहर को पूर्व विदेश मंत्री हिना रब्बानी ने पाक की संसद में कहा।

ये दो दृश्य है महाविजय के महा मंगलवार के। दुनियाभर में आतंक का पर्याय बने पाकिस्तान के हैं। आसपास के देशों में आतंक फैलाने वाला पाकिस्तान भारत के हवाई हमले के बाद खुद खौफ में  है। पिछले 66-67 साल से हम कह रहे थे छोटा मुल्क हमें परेशान कर रहा है। अब वह छवि खत्म हो गई है। अब हमपर जो हमला करेगा उसका कड़ा उत्तर देने में हम सक्षम हैं। सरकार ने उसी अनुरुप काम किया है। पाकिस्तान के लिए यह कड़ा संदेश है अब हम पर हमला हुआ तो हम पाकिस्तान में घुसकर आतंकियों को मारेंगे।

फरवरी 25 को देश ने रणभूमि के वीरों के स्मारक का उद्घाटन किया था और उसके अगले ही दिन सुबह पाकिस्तान में जैश-ए-मोहम्मद के 300 से भी ज्यादा आतंकियों को ढेर कर पुलवामा के आतंकी हमले का करारा जवाब दे दिया। जैश का सरगाना अजहर भले ही बच गया हो मगर कई बड़े आतंकी मारे गए।

भारतीय वायुसेना ने मंगलवार तड़के  मात्र 15 मिनटों में जैश-ए-मोहम्मद के एक दर्जन ठिकानों पर अचानक हमला किया। यह कार्यवाई भारत ने डंके की चोट पर की। भीगी बिल्ली बने पाकिस्तान ने भी माना कि उसके क्षेत्र में भारत के विमान घुस गए थे। बालाकोट में भारत ने जिस आतंकी कैम्प पर हमला किया, उसे मसूद अजहर का एक नजदीकी रिश्तेदार ही चलाता था। पुलवामा हमले के 12 दिन बाद भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान को कायदे से समझा दिया कि अब खैरियत चाहते हो तो आतंकियों को पालना बंद करो। बार-बार परमाणु बम से हमला करने की धमकी देने वाले पाकिस्तान को अब तो समझ आ ही गया होगा कि अगर अब गड़बड़ की तो अंजाम बुरा होगा।

पाकिस्तान पर इस हमले से सारा देश अब राहत की सांस ले रहा है। अब भारत को कोई सॉफ्ट पॉवर कहने से पहले दस बार सोचेगा। आखिर भारत ने पाकिस्तान की तो कमर तोड़ कर रख ही दी है।

इंडियन एयर फोर्स ने हमले में पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वाह प्रांत के बालाकोट क्षेत्र के अलावा एलओसी के पार पीओके के मुजफ्फराबाद और चकोटी इलाके में भी बमबारी की। अंबाला के वायुसेना अड्डे से उड़े 12 मिराज विमानों ने 1000 किलो बम बरसाए। इस क्रम में जैश का कंट्रोल रूम तक भी उड़ा दिया गया।

यह हमला न केवल सैनिक नजरिये से वरन कूटनीतिक दृष्टि से भी सफलता की उम्दा मिसाल था। उसने पाकिस्तान के आतंकवादी चरित्र को एक बार फिर बेनकाब कर उसे कटघरे में खड़ा कर दिया। हमला न सैनिक ठिकाने पर किया गया था न नागरिक बस्ती पर। वरन पुलवामा, पठानकोट, भारतीय संसद पर आतंकी हमला करने वाले जैश-ए-मोहम्मद के मुख्य उच्च ट्रैनिग सेंटर सैय्यद अहमद ट्रैनिंग सेंटर पर किया गया। जिसमें जैश के कई बड़े आतंकी बैठे टाले मारे गए। उसमें जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर के दो भाई, और साला सहित जैश के कई बड़े आतंकी मारे गए। भारतीय वायुसेना द्वारा पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के तीन जगहों पर आतंकी ट्रेनिंग शिविर को नेस्तनाबूद किए गए। इस तरह से पाकिस्तान का आतंकवादी चेहरा फिर उजागर हो गया। बालाकोट इमरान के राज्य खैबर पख्तूनख्वाह में आता है।

जैश के नेतृत्व यह सफाया इस बात की और संकेत करता है कि मोदी सरकार में बहुत सोच समझकर और विस्तृत खुफिया जानकारी के बाद अपने निशाने को चुना था जिसके कारण पुलवामा के आतंकी हमले को अंजाम देनेवाले जैश  के कई बड़े आतंकी मारे गए उनका पूरा ट्रैनिंग सेंटर तबाह हो गया। यह सेंटर जैश के लिए कितना महत्वपूर्ण था इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि वहां 40-42 फिदायिनों को ट्रैनिंग दी जाती है जो पुलवामा जैसे हमले कर सकते थे। ‘भारत ने बालाकोट में जैश-ए-मोहम्मद के सबसे बड़े आतंकी शिविर पर हमला किया जिसमें जैश के कई टॉप कमांडर ट्रेनिंग लेने वाले और देने वाले मारे गए हैं। इस कैंप का नेतृत्व युसुफ अजहर उर्फ उस्ताद गौरी कर रहे थे जो जैश-ए-मोहम्मद प्रमुख मसूह अजहर का जीजा था।’

भारत के विदेश सचिव विजय गोखले ने कहा कि ‘भारत ने यह हमला इसलिए किया कि क्योंकि हमें सूचना मिली थी कि जैश भारत में और आतंकी हमले करने की योजना बना रहा था और इस कैंप में फिदायीन तैयार किए जा रहे थे। भारतीय वायुसेना ने जिस जगह हमला किया वह ऊंचाई पर है और घने जंगलों के बीच है। भारत ने इस बात का पूरा ध्यान रखा है कि इससे किसी आम नागरिक को कोई नुकसान न पहुंचे।

मगर भारत ने आरोप लगाया कि जैश-ए-मोहम्मद जैसे संगठन और इतने बड़े आतंकी शिविर बिना पाकिस्तानी अधिकारियों के नहीं चल सकते हैं। भारत बार-बार पाकिस्तान से इस आतंकी संगठनों पर नियंत्रण करने को कहता रहा है जो संयुक्त राष्ट्र द्वारा प्रतिबंधित हैं। इस आपरेशन की सबसे बड़ी सफलता यह भी है इसमें कोई सैनिक बराहत नहीं हुआ न ही कोई विमान क्षतिग्रस्त हुआ। एक रक्षा विशेषज्ञ के मुताबिक किसी विमान को खरोंच भी नहीं आई। इनमें से कुछ भी होता तो यह सारे आपरेशन पर ही सवाल खड़े कर देता।

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ऑपरेशन की प्लानिंग कितनी अचूक थी इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि विमानों के लिए पाकिस्तान में ऑपरेशन के लिए तय किया गया था क्योंकि सेना का अंदाजा था कि हमला होने पर पाक सेना को रिस्पांड करने में 20 मिनट लगते है इसलिए इतने समय में भारतीय विमान अपना ऑपरेशन करके लौट आए। जबकि यह आपरेशन उरी सर्जिकल स्ट्राइक की तुलना में काफी बड़ा और दुसाहसपूर्ण था। इसमें जोखिम भी ज्यादा था।

उरी की सर्जिकल स्ट्राइक से तो पाकिस्तान मुकर गया था। मगर इससे मुकरना मुश्किल था। बीबीसी की उर्दू सर्विस ने कुछ ही घंटे बाद एक चश्मदीद का बयान छापा था। इसके बाद संसद में भी हंगामा हुआ। विपक्ष मरान खान के बयान की मांग करने लगा। हमले के कुछ समय बाद ही पाकिस्तान सरकार ने ट्वीट करके कहा कि भारतीय विमानों ने एलओसी का उल्लंघन करने और बालकोट के आसपास बम बरसाने की बात कबूल की। मगर बाकी कुछ कबूला नहीं। मगर पाकिस्तान की जनता में अब यह सवाल उठने लगा है कि भारतीय विमान पाकिस्तान की सीमा में इतने अंदर तक कैसे घुस आए और पाक वायुसेना के विमानों ने उनका कोई मुकाबला कैसे नहीं किया।

रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह सारा आपरेशन बहुत सूझबूज के साथ तैयार किया। इसमें पाकिस्तान को चकमा देकर तैयार किया गया। इसके तहत 15 फरवरी के बाद कराची और ग्वादर बंदरगाहों की ओर नौसेना की पनडुब्बियों को जाने को कहा गया। एलोसी पर थलसेना ने सरगर्मी बढाई। मगर आखिरकार हमला हुआ वायुसेना के विमानों के जरिये। और ऐसा सफल हमला कि पुलवामा के 40 सैनिकों की मौत के बदले लगभग 400 जैश आतंकवादियों को मार गिराया।

रक्षा मंत्रालय के एक सूत्र मुताबिक मिराज 2000 का इस्तेमाल इसलिए किया गया क्योंकि, ‘मिराज में लक्ष्य पर निशाना साधने की क्षमता है। इसमें स्मार्ट और पारंपरिक होने सहित सभी तरह के हथियार हैं।’

मिराज 2000 भारतीय वायु सेना के बेड़े के कई विमानों में से एक है। मिराज 2000 बहुआयामी, एकल इंजन जेट है जो ‘एक और दो सीटों’ के डिजाइन में आता है। भारत के अन्य लड़ाकू विमानों की तुलना में ये हल्का है और यह 2336 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड से उड़ सकता है। यही एक प्रमुख कारण है कि भारतीय वायु सेना ने मंगलवार के अभियान में मिराज 2000 को चुना, जहां तक बमबारी की क्षमता की बात है मिराज 2000 हवा से हवा में और हवा से जमीन पर मार करने की मिसाइल हमला करने की क्षमता रखता है। ये लेजर गाईडेड बम चलाने और मल्टी टारगेट डॉपलर रडार भी लेकर चलता है।

भारतीय वायुसेना द्वारा पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के तीन जगहों पर आतंकी ट्रेनिंग शिविर को नेस्तनाबूद किए जाने के बाद पाकिस्तान बौखला गया है। सर्जिकल सट्राइक 2 के बाद प्रधानमंत्री इमरान खान की अध्यक्षता में राष्ट्रीय सुरक्षा समिति की बैठक की। इस बैठक में विदेश मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय, वित्त मंत्रालय सहित स्टाफ समिति के अधिकारी और सिविल आर्मी के अधिकारियों ने भाग लिया।

मीटिंग के इस बैठक में बालाकोट के पास भारतीय वायुसेना द्वारा की गई कार्रवाई का पाकिस्तान ने सिरे से खंडन किया है और कहा है कि बालाकोट के पास कोई हताहत नहीं हुआ है। तहरीके-ए-पाकिस्तान के ट्विटर हैंडल पर पाकिस्तान सरकार की तरफ से लिखा गया है कि भारत सरकार एक बार फिर से मनगढंत दावे कर रही है जिसका कोई सिर पैर नहीं है।

पाकिस्तानी चैनल जियो टीवी के अनुसार भारतीय वायुसेना द्वारा पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में हमले को पाकिस्तान सरकार ने संजीदगी से लेते हुए कहा कि हमलोग लगातार दुनिया को बता रहे हैं कि भारत हमपर हमला कर सकता है, भारत ने आज पाकिस्तान के खिलाफ कार्रवाई की। भारत ने लाइन ऑफ कंट्रोल का भी उल्लंघन किया है अब पाकिस्तान भी आत्म सुरक्षा के लिए कदम उठा सकता है। ‘भारत के खिलाफ जवाबी कार्रवाई करना पाकिस्तान का हक है।’ पाकिस्तान की इस तरह की प्रतिक्रिया होना स्वाभाविक ही है। इतनी बात तय है कि पाकिस्तान भविष्य में अपने आतंकी हमले तेज कर सकता है।

भारतीय वायुेसना की कार्रवाई के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राजस्थान के चुरू पहुंचे। पीएम ने राज्य के चुरू की जनसभा में इस कार्रवाई पर अपनी पहली प्रतिक्रिया दी। उन्होंने जोशीले अंदाज में सभा को संबोधित किया और फिर 2014 में दिए अपने भाषण को याद दिलाया और एक जोशीली कविता पढ़ी: भाषण शुरू करने से पहले पीएम ने देशवासियों को झुक-झुक कर अभिवादन किया।

सौगंध मुझे इस मिट्टी की मैं देश नहीं मिटने दूंगा

मैं देश नहीं रुकने दूंगा, मैं देश नहीं झुकने दूंगा

सौगंध मुझे है मिट्टी की मैं देश नहीं मिटने दूंगा

मेरा वचन है भारत मां को, तेरा शीष झुकने नहीं दूंगा

जाग मेरा देश मेरा, हर भारतवासी जीतेगा

सौगंध मुझे इस मिट्टी की मैं देश नहीं मिटने दूंगा।

हमें फिर से दोहराना है और खुद को याद दिलाना है न भटकेंगे, न अटकेंगे,

कुछ भी हो हम न देश नहीं रुकने दूंगा।

सतीश पेडणेकर

 

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