ब्रेकिंग न्यूज़ 

अभी कितने जाएंगे सरदार

अभी कितने जाएंगे सरदार

आम आदमी पार्टी में सीडी कांड की बहार है। पूर्व मंत्री जहां इसके चलते जेल में हैं, वहीं पंजाब से भी बड़े आरोपों का दौर शुरू हो गया है। बताते हैं इसकी भनक अरविंद केजरीवाल को भी लग गई है। लिहाजा वह पहले ही कहने लगे हैं कि उनके पास 60 से अधिक सीडियों की जानकारी है। जब से केजरी ने यह राग अलापा है, दिल्ली में आप के कार्यकर्ता हड़क गए हैं, उन्हें समझ में नहीं आ रहा है कि तीन मंत्रियों की बलि चढ़ चुकी है। 21 विधायकों पर तलवार लटकी है, अमानातुल्ला खान पर भी आरोप है। आखिर सरदार बताएं तो सही अभी कितने और जाएंगे? पार्टी पांच साल सरकार चला पाएगी भी या नहीं?



मैं तो इसलिए नाराज था


01-10-2016

जब से आप विधायकों, मंत्रियों की कुंडली में राहु-केतु की दशा हावी हुई है, प्रंशात भूषण का बृहस्पति बलवान हो गया है। आशुतोष की साढ़े साती शुरू हो गई है तो संजय सिंह, आशीष खेतान का मंगल साथ नहीं दे रहा है। गोपाल राय पर पहले ही शनि की दृष्टि पड़ चुकी है। सोमनाथ भारती और तोमर महादशा में जा चुके हैं। ऐसे में प्रशांत भूषण और योगेन्द्र यादव घूम-घूमकर गा रहे हैं। दोनों का कहना है कि वह इसीलिए तो नाराज थो। अब भला केजरीवाल करें भी तो क्या करें?



बंडारू का प्रेम


01-10-2016

अपने श्रम एवं रोजगार मंत्री बंडारू दत्तात्रेय फिर नई मुसीबत बनने वाले हैं। बंडारू ने बरेली के पूर्व पी. एफ. कमिश्नर को वापस वहीं लाने के लिए दबाव बना दिया है। जबकि कमिश्नर महोदय चार्जशीटेड हैं, पेनाल्टी होल्डर हैं और आरोपों से घिरे हैं। सुना है ऐसे केन्द्रीय मुख्य श्रमायुक्त और सचिव ऐसा नहीं चाहते, लेकिन बंडारू बाबा अड़े हैं। देखिए आगे रोहित वेमुला कांड की तरह न जाने क्या गुल खिलाते है। जय हो बंडारू जी।



मंत्री जी डांट कर बुलाए गए


01-10-2016

खबर पक्की बताई जा रही है। भाजपा शासित राज्य के एक मंत्री एक कंपनी में श्रम कानूनों का अनुपालन देखने पहुंच गए। जैसे ही गए, गेट पर रोक लिए गए। दल बल सब परेशान। थोड़ी देर में कंपनी के मालिक खुद ही गेट पर आ गए। पहले समझाया। मंत्री जी नहीं माने। फिर झगड़ा किया। मंत्री जी तब भी नहीं माने। तब कंपनी मालिक ने सीधे सीएम को फोन लगा दिया। बस फिर क्या था मंत्री जी डांट भी खाए और लौट भी आए।



महबूबा की बदली भाषा


Layout 1

वक्त कब कैसी करवट ले किसे पता। कभी जम्मू-कश्मीर की सीएम महबूबा मफ्ती के भाव ही नहीं उतर रहे थे। पूरे गुस्से में रहती थीं। मिजाज यूं था कि वालिद चले गए और नयी सरकार बनाने में नाको चने चबवा दिए, लेकिन अब खबर है कि ऊंट पहाड़ के नीचे आ गया है। न तो वह कश्मीर में अशांति रोक पा रही हैं और न ही पीडीपी में बढ़ रहे अपने विरोध को। हां, अब राज्य में शांति के वास्ते केन्द्र सरकार की भाषा भी बोलने लगी हैं। वही भाषा जो भाजपा बोल रही है।



स्टेचू बन गए हैं


01-10-2016

बहन मायावती जी पूरी तरह से दलित एजेंडे पर चली गई हैं। अल्पसंख्यको को साधने में लगी हैं। वहीं ब्राह्मणों को ब्राह्मण भाईचारा समिति के भरोसे छोड़ दिया है। ऐसे में बसपा के नेता नंबर 2 सतीश चंद्र मिश्रा के पास कोई खास काम नहीं रह गया है। एक बसपाई भाई से पूछने पर जो उत्तर मिला आप भी सुन लीजिए। जनाब का कहना है कि जब भी कहीं रैली या जनसभा होती है तो मिश्रा जी बहन जी के बगल में स्टेचू की तरह खड़े हो जाते हैं बस।



प्रियंका बदलेंगी कुंडली


01-10-2016

राहुल बाबा किसान बनकर चाहे जितना उत्तर प्रदेश में खटिया तोड़ें लेकिन कांगे्रसियों की उम्मीद प्रियंका ही हैं। सूबे के एक बड़े नेता का कहना है कि राहुल गांधी केवल स्टार्ट अप हैं। अभी पार्टी के इंजन की चाबी घुमा रहे हैं। वैसे भी कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया की तबीयत ठीक नहीं है। इसलिए पूरी ताकत से चाबी ऐठ रहे हैं, लेकिन जोर प्रियंका के आने पर ही आएगा। सुना है प्रियंका नवंबर में जोरदार तरीके से कांग्रेस में एंट्री मारने वाली हैं। तभी शायद कांग्रेस की कुंडली में ग्रह चाल भी ठीक हो पाए।



शीला आंटी


01-10-2016

जब से कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश में सीएम पद का उम्मीदवार बनाया है, दम निकला जा रहा है। एक तो उत्तर प्रदेश ऊपर से 80 की उम्र। रह-रहकर तबीयत जवाब दे जा रही है। कभी वायरल तो कभी थकान। आखिर इस उम्र में इतनी मेहनत जो करनी पड़ रही है। ऊपर से कांग्रेस ने सरकार बनाने का सपना भी देख लिया है। अब भला कौन बताए जब बूढ़े को कप्तान बनाओगे तो भाई फील्ड में उसे हंफरी तो आएगी ही।


михаил безлепкин милицияэлектронный документооборот

Leave a Reply

Your email address will not be published.