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चमकते सितारे की पुकार सुनो

चमकते सितारे की पुकार सुनो

मंजिल थी पास उसके पर पास जाते ही वो थोड़ी दूर ओर चली गई, मेहनत कि थी उसने बहुत लेकिन मंजिल कहती थोड़ी और मेहनत फिर कर ये कहकर फिर चली गई। उसी मंजिल को पाने की तलाश में लगी हुई है त्रिपुरा की 23 वर्षीया खिलाड़ी दीपा करमाकर, जिसने अपने देश का नाम रोशन तो किया ही साथ ही पूरे विश्व में वो स्थान ग्रहण किया जिसको आज के समय में 5 ही लोग कर सकते हैं और वह है प्रोडुनोवा स्टंट, जिसमें अगर थोड़ी सी भी चूक हुई, तो खिलाड़ी की जान को खतरा हो सकता हैं। लेकिन दीपा जैसी खिलाड़ी को उन खतरों से डर नही लगता बल्कि खतरों को उनसे डर लगता है। लेकिन इन दिनों एक बात इस चमकते सितारे के दिमाग में काले धुऐं की तरह बढ़ती चली जा रहा है और वह बात है आविकासित त्रिपुरा, जो कि 10,491,69 किलोमीटर में फैला हुआ है, जहां सड़को की कमी है और जो हैं भी उनकी हालत काफी खराब है। रियो ओलांपिक से लौटने के बाद दीपा और पदक जीतने वाली दो अन्य खिलाडिय़ों- पी वी सिन्धु और साक्षी मलिक को हैदराबाद बैडमिंटन एसोसिएशन के अध्यक्ष वी चांमडेश्वर स्वामी द्वारा बीएमडब्लयू कार भेट की गई थी। कारों की चाबी मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर ने अपने हाथों से खिलाडिय़ों को दी थी। इन गाडिय़ों को भेंट करने का मकसद शायद खिलाडिय़ो को अच्छा महसूस करने का एक प्रतीक था लेकिन यह प्रतीकात्मकता तब संपूर्ण होती जब इस उपहार का सही तरीके  से प्रयोग किया जाता। बीएमडब्लयू एक ऐसी लक्जरी कार है जिसको चलने के लिए अच्छी सड़के तो चाहिए ही, बल्कि साथ-साथ अच्छा चलाने वाला भी चाहिये। अगर कार अच्छे तरीके से ना चला पाने के कारण से खराब हो जाती है तो अगरतला से 490 किलोमीटर दूर कोलकाता ही सबसे नजदीकी सर्विस सेंटर पड़ता है जहां कार ले जाने तथा वापस लाने मे 2 से 5 दिन लग जाएंगे। अगर मान लीजिये दीपा हर महीने गाड़ी खराब होने के कारण 490 किलोमीटर दूर कोलकाता जाती रहेंगी तो क्या वह अपने खेल पर ध्यान दे पाऐंगी? आज जिस गर्व के साथ भारत दीपा का नाम ले पाता है क्या उसके हारने के बाद ले पाऐगा? सवाल का जवाब सरकार के पास भी है और अपके पास भी। आज बड़े-बड़े राजनेता अपने भाषणों में इन खिलाडिय़ों का नाम लेकर गर्व महसूस करते है और कराते भी है। अगर इन खिलाडिय़ो का क्षरण हो गया तो फिर किस पर गर्व करेंगे? इसलिए अब जरुरत है महानगरों के साथ-साथ उन दूर दराज इलाकों पर भी ध्यान केंद्रित करने की जहां पर हर दिन दीपा करमाकर जैसे मजबूत, ताकतवर और सक्षम बच्चे विकसित होने का सपना बुनते हैं। सरकार को जरुरत है अब उन चमकते सितारे की पुकार सुनने की जो काले बदल के साये मे लुप्त हैं।

06-11-2016

डब्ल्यूडब्लयूई को नऐं चेहरे की तलाश

डब्ल्यूडब्लयूई का नाम सुनते ही द ग्रेट खली, जॉनसिना, आंडरटेकर, ट्रीपल एच तथा अन्य प्रसिद्ध नाम दिमाग में आने शुरु होते हैं। फिर वो महामंच याद आता है जिसमें सभी खिलाड़ी अपने-अपने अंदाज में मंच पर जबर्दस्त एंट्री लेते हैं। फिर स्टेज पर पहुंचने के बाद शुरुआत होती है एक धमाकेदर फाईट की जिसमें खिलाड़ी गोल्डन बेल्ट जीतने के लिए एक दूसरे से लड़ते हैं तथा जीतने वाले को गोल्डन बेल्ट मिलती है। द ग्रेट खली को भी 17 जुलाई 2007 को  ‘द वेकेंट चैंपियनशिप’ मिली थी तब पूरा भारत की नजरें उनके बेहतरीन प्रर्दशन पर उनकी प्रंशसा कर रही थी। लेकिन अब सवाल उठता है की अब कौन?

हाल ही में टेलेंट डेवलपमेंट, डब्लयूडब्लयूई के प्रमुख केनयोन सीमन दोहरे पदक विजेता सुशील कुमार से मिलने के लिये ऑरलैंड़ो से यहां आए हुए थे। उनको तलाश है एक ऐसे प्रसिद्ध ताकतवर खिलाड़ी की जो डब्ल्यूडब्लयूई के मंच पर लोगो की निगाहों में चमक उठे। उनसे हुई बातचीत के बारे में रमन रहेजा, जिनकी कंपनी सुपर स्पोटर्स जो सुशील कुमार के व्यवासायिक मामलो को देखती है, का कहना है कि पिछले चार महीनों से उनकी बातचीत चल रही हैं जल्द ही कुछ होगा, करीब एक महीने या इतने समय के अंदर हम कुछ तय करेंगे। सुशील कुमार उनसे मुलाकात होने के बाद कहते है कि मैं ऐसा नहीं कहूंगा कि मैं एमेच्योर कुश्ती छोड़ रहा हूं। मैं अन्य जगहों को भी देखना चाहता हूं लेकिन मैं सचमुच कुश्ती खेलना जारी रखना चाहता हूं।

सुशील कुमार को यदि पेशेवर सर्किट में पहलवानी करनी पड़ी तो उनको एमेच्योर कुश्ती छोडऩी होगी और फिर ऐसे में वह देश की ओर से किसी भी टूर्नामेंट मे हिस्सा नही ले सकेंगे।

06-11-2016

साइना बनी आईओसी एथलीट की सदस्य 

भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी साइना नेहवाल की खुशियो में चार चांद लग गए हैं। उनको अंतराष्ट्रीय ओलंपिक सीमित (आईओसी) के एथलीट आयोग के  लिए नियुक्त किया गया है। आईओसी के अध्यक्ष थॉमस बाक द्वारा उनको एक पत्र मिला जिसमें लिखा था, रियो ओलंपिक के दौरन (आईओसी) एथलीट आयोग के चुनाव में अपकी उम्मीदवारी को देखते हुए तथा अध्यक्ष से सलाह मशवरा करने के बाद हमें आपको एथलीट आयोग के सदस्य के रुप में नियुक्त करते हुए प्रसन्न्ता है। साइना के पिता हरविर सिंह ने इस नियुक्ति पर अपनी खुशियां जाहिर की तथा साइना की जल्द वापसी के लिए दुआ मांगी। घुटने की मोच से जूझ रही नेहवाल जल्द ही मैदान पर वापिस लोटेंगी। आयोग की अध्यक्ष ऐंजेला रुजियरो हैं आयोग में नौ उपाध्यक्ष तथा 10 अन्य सदस्य है तथा आयोग की अगली बैठक छह नवंबर को होनी है।

जितिन कुमार

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