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उत्तर प्रदेश के विकास के लिए मेरा भाजपा में शामिल होना जरूरी था – रीता बहुगुण जोशी

उत्तर प्रदेश के विकास के लिए मेरा भाजपा में शामिल होना जरूरी था – रीता बहुगुण जोशी

उत्तर प्रदेश में वास्तव में माफिया का राज है और राज्य को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जैसे एक दूरदर्शी नेता की जरूरत है। कांग्रेस की अहमियत उसकी गलत नीतियों के कारण आम आदमी के बीच में घट चुकी है। राहुल गांधी को पहले ही देश की जनता नकार चुकी है, इसीलिए मैंने भाजपा से जुडऩा महत्वपूर्ण समझा ताकि यूपी को एक विकसित राज्य बनाया जा सके,’’ कहती है रीता बहुगुणा जोशी, उत्तर प्रदेश कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष, नीलाभ कृष्ण से हुई खास बातचीत में। प्रस्तुत हैं इस बातचीत के प्रमुख अंश:-

आप कांग्रेस को छोड़ कर भाजपा से जुड़ी हैं। 2017 में होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में भाजपा को कहां पर देखती हैं?

कांग्रेस पार्टी का जनाधार उत्तर प्रदेश में खत्म हो चुका है। प्रशान्त किशोर को चुनाव प्रचार की कमान मिलने से कांग्रेस के सारे बड़े नेता प्रभावहीन हो चुके है। उत्तर प्रदेश कि जनता राहुल गांधी और शीला दीक्षित के नेतृत्व के लिए तैयार नही है। इसलिए उत्तर प्रदेश के लोगों को यदि बसपा और सपा के शासन के कुप्रभाव से बचाना हैं तथा पिछले सत्ताईस वर्षो से जो उत्तर प्रदेश का विकास रूका हुआ है, उसे पूरा करना है तो  भारतीय जनता पार्टी ही एक मात्र विकल्प के रूप मे दिखती है। उत्तर प्रदेश कि जनता में मोदी जी के प्रति आज भी विश्वास कायम है और यदि भाजपा को उत्तर प्रदेश में स्पष्ट बहुमत प्राप्त करना हैं तो सभी दलों से मेरे जैसे लोगों को एक साथ आना पड़ेगा।

जब आप कांग्रेस में थी तब आपने मोदी जी और भाजपा को बहुत खरी-खोटी सुनाई, क्या भाजपा के कार्यकत्ताओं की आपके प्रति नाराजगी कम होगी?

मैं कांग्रेस पार्टी की एक सदस्या थी और पार्टी लाईन के हिसाब से बोलना आवश्यक होता हैं, इसलिए मैने अपने कर्तव्य का निर्वहन किया। जहां तक मेरी विचारधारा की बात हैं तो वो हमेशा से भाजपा के साथ रही है। मोदी जी ने कहा है कि उनके लिए संविधान ही सबसे बड़ा धर्म ग्रन्थ है। अभी हाल ही में राजनाथ सिंह जी का बयान आया था कि भाजपा अल्पसंख्यक वर्ग के उपर किसी प्रकार का उत्पीडऩ नही होने देगी तथा अल्पसंख्यक वर्ग के लिए उन्होने किसान  सम्मेलन से लेकर कई योजनाएं चलाने की बात कही है। यदि भाजपा अल्पसंख्यक वर्ग तक पहुंचना चाहती है तो मैं भी इसमें अवश्य अपना हाथ बंटा सकती हूं। पार्टी मेरी विचारधारा जानती है और जहां तक संभव होगा, मैं पार्टी के साथ खड़ी रहूंगी।

उत्तर प्रदेश में मायावती और शीला दीक्षित अपनी-अपनी पार्टी के तरफ  से मुख्यमंत्री के चेहरे के रूप मे हंै। क्या भाजपा की तरफ से आप मुख्यमंत्री का चेहरा हो सकती हैं?

जब मैं उत्तर प्रदेश राज्य कांगे्रस की अध्यक्षा  थी तब  भी मुख्यमंत्री का चेहरा नहीं थी और मै अभी-अभी भाजपा से जुड़ी हूं। मैंने चुनाव लडऩे के लिए टिकट भी नहीं मांगा है और यदि पार्टी निर्णय लेगी तभी चुनाव में कदम रखूंगी।

आपने कहा की कांग्रेस में राहुल गांधी की कार्यशैली और प्रशान्त किशोर के  बढ़ते प्रभाव के कारण आप भाजपा से जुड़ी।

मैंने यह निर्णय राष्ट्र और राज्य के हित में लिया है। जिस प्रकार से मोदी जी अकेले आतंकवाद से लड़ रहे हैं, हर भारतीय का कर्तव्य हैं कि वो देशहित में भाजपा के साथ खड़ा हो और यह काम कांग्रेस नही कर रही है। इसके अलावा कांग्रेस पार्टी की स्थिति उत्तर प्रदेश में अत्यन्त दयनीय है जो लोगों को बसपा और सपा के कुप्रभाव से बचाने में असमर्थ है तथा मोदी जी की अपेक्षा जनता राहुल गांधी और शीला दीक्षित के  नेतृत्व के लिए तैयार नहीं है। इसलिए भाजपा ही एक मात्र विकल्प है।

आपने कहा कि प्रशान्त किशोर आप जैसे जमीनी नेताओं पर शासन चलाते हैं।

जब तक स्थानीय नेताओं के हिसाब से काम नही होगा तब तक कुछ संभव नहीं है। आधुनिक युग में पोल मैनेजर चाहिए न कि पोल डायरेक्टर और मुझे लगता हैं कि प्रशान्त किशोर पर पूरा कार्यभार छोड़ दिया गया है। मगर यह नहीं भूलना चाहिए कि पार्टी वही चलती है, जो कार्यकत्ताओं को सम्मान दे।

06-11-2016

क्या आप प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की कार्य शैली से खुश हो कर भारतीय जनता पार्टी के साथ आयी हैं या कोई और ही कारण है?

मोदी जी का एजेन्डा विकास करना हैं। वो  आतंकवाद का डट कर सामना कर रहे हैं। विदेश नीति सही दिशा में है। पड़ोसी देशों से रिश्ते सराहनीय हैं और जब  भारत ने पाकिस्तान में घुस कर सर्जिकल स्ट्राइक किया तो एक दो को छोड़ कर सभी देशों ने  भारत की प्रशंसा की।

कांग्रेस के साथ आपका 24 साल का लम्बा रिश्ता था। क्या कांग्रेस छोडऩे का निर्णय लेना आपके लिए मुश्किल भरा था?

कभी-कभी राष्ट्र और राज्य के हित में निर्णय लेने होते हैं और देश और राज्य में सुशासन लाने के लिए मोदी जी के नेतृत्व की आवश्यकता है, इसलिए मैं भारतीय जनता पार्टी के साथ आयी।

जैसा आपने कहा कि प्रशान्त किशोर का कांग्रेस में प्रभाव बढ़ा हैं तो क्या यह एक व्यक्तिगत नाराजगी हैं?

कोई व्यक्तिगत नाराजगी नही है, परन्तु कांग्रेस को जिस ओर बढऩा चाहिए था, उस ओर बढऩे में कांग्रेस पार्टी असफल रही है। अगर पूरा राष्ट्र सर्जिकल स्ट्राइक का समर्थन कर रहा हैं तो उस पर प्रमाण मांगने, खून की दलाली जैसे शब्दों का प्रयोग करना अपने राष्ट्र को कमजोर करना है। जब हम इन मामलो में सरकार पर संदेह उत्पन्न करते हैं तो अपने शत्रु राज्यों को मौका देते है। हम अपनी सेना पर संदेह उत्पन्न करते है। अगर सेना के डीजीएमओ ने कहा तो उस पर सवाल उठाने कि कोई गुंजाईश नहीं बचती है। कांग्रेस आम आदमी पार्टी जैसी छोटी पार्टी नहीं हैं, जिसके नेता कुछ भी बोलते हैं। कांग्रेस एक राष्ट्रीय दल है जिसको सभी लोग सुनते है। और जो वक्तव्य कांग्रेस के नेताओं ने दिया उससे आतंकवाद को बढ़ावा मिलता है।

ऐसा कहा जा रहा हैं कि सोनिया गांधी कांग्रेस के बड़े नेताओं को सुनती थी, लेकिन राहुल गांधी बड़े नेताओं को कम सुनते हैं।

जब से केन्द्रीय टीम निर्णय ले रही है तब से ऐसा हुआ है। तब से कांग्रेस सदस्यों में ताल-मेल की कमी स्पष्ट प्रतीत हो रही है। सोनिया गांधी सबको साथ ले कर चलती थी और कार्यकत्ताओं को सुनती थी लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण यह है कि अब यह नहीं हो रहा है। नेताओं को लग रहा हैं कि उनकी  भूमिका कम हो गई है।

आप राहुल गांधी के भविष्य को कैसे देखती हैं? 

देश की जनता में राहुल गांधी की स्वीकृति बहुत कम है।

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