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गुजरात के स्थानीय निकाय चुनाव कमल ही कमल

गुजरात के स्थानीय निकाय चुनाव  कमल ही कमल

पिछले महीने 8 नवम्बर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 500 और 1000 के पुराने नोटों पर पूर्ण प्रतिबन्ध लगाने का निर्णय लिया, जिसे लोगों ने नोटबंदी का नाम दिया। नोटबंदी को लेकर पूरे देश में चर्चा हो रही है। मोदी सरकार के इस फैसले को  अधिकतर लोग देश से काला धन को पूरी तरह खत्म करने में सामर्थ्य मानते हुए समर्थन कर रहे हैं, जबकि विपक्षी दल मोदी सरकार द्वारा चलाये गए इस नोटबंदी नामक ब्रह्मास्त्र से किसी भी प्रकार बचने के लिए विरोध कर रहे हैं।  इसी बीच भारतीय जनता पार्टी के लिए एक सकारात्मक परिणाम गुजरात से आये हैं।  नोटबंदी के बाद गुजरात में हुए स्थानीय निकाय और पंचायत चुनावों में बीजेपी को बड़ी जीत हासिल हुई है। गुजरात के इन चुनावों के परिणाम को जानने के लिए  देश-विदेश की मीडिया से लेकर देश के सभी आम नागरिक तक अत्याधिक उत्सुक थे।  इसका कारण यह है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष अमित शाह तथा वित्त मंत्री अरुण जेटली (राज्यसभा सदस्य, गुजरात)  जैसे भाजपा के बड़े दिग्गज नेता, जिनका इस नोटबंदी में प्रमुख योगदान है, गुजरात से आते हैं। इसी क्रम में हमारे देश के नवनिर्वाचित रिजर्व बैंक के गवर्नर उर्जित पटेल पर दृष्टि डाले तो वो भी गुजरात से ही आते हैं। नोटबंदी के बाद राजनीतिक विश्लेषकों की इस चुनाव पर गहरी नजर थी।  क्योंकि इनमें से कुछ का मानना था कि इस नोटबंदी का निर्णय मोदी सरकार पर भारी पड़ेगा। लेकिन गुजरात से आये इस परिणाम ने कुछ बुद्विजीवियों के मुंह को बंद कर दिया। यह परिणाम स्पष्ट दिखाता है कि लोग भारत के प्रधानमंत्री के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलना  चाहते हैं।

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गुजरात के वलसाड के वापी नगरपालिका की 44 सीटों में 41 सीटों पर बीजेपी की जीत हुई, जबकि सिर्फ तीन सीटों पर ही कांग्रेस खाता खोल पाई। वहीं दूसरी तरफ सूरत की कनकपुर कनसाड  नगरपालिका की 28 सीटों में से 27 सीटों पर भारतीय जनता पार्टी की बम्पर जीत हुई है। सूरत की कनकपुर कनसाड नगरपालिका के इस चुनाव में सूरत जिला के भाजपा  अध्यक्ष दिलीप सिंह राठौर, महामंत्री महेश वासवा,  महामंत्री संदीप देसाई, महामंत्री आश्विन पटेल, कनकपुर प्रभारी और जिला के भाजपा उपाध्यक्ष राजेंद्र सोलंकी, युथ फॉर गुजरात के अध्यक्ष तथा युवा भाजपा नेता जिग्नेश पटिल का अहम योगदान रहा।

कनकपुर  नगरपालिका में उडिय़ा समाज का अहम् योगदान रहा, जिसमे  जग्गनाथ मन्दिर के राजा श्री दिलीप टिब्रेवाल, लक्षमन नायक, गोपीनाथ लेंका, सुभाष गनतायत आदि लोगों ने प्रमुख योगदान दिया। कनकपुर कनसाड में वोटरों की संख्या लगभग साढ़े सत्तरह हजार है और इस निकाय चुनाव में कुल 67 प्रतिशत मतदान हुआ,जिसमें उडिय़ा समाज के वोटरों की संख्या लगभग पांच हजार है जो उडिय़ा समाज के इस बहुमूल्य योगदान को दर्शाता है। उडिय़ा समाज से भाजपा प्रत्याशी रश्मित रामाजी राव डोरा तथा विजय पटनायक विजयी रहे।

सूरत से महेन्द्र राउत

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