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अनहोनी को होनी करता धोनी

अनहोनी को होनी करता धोनी

आप खेल के नए प्रारूप में देश की कप्तानी कर रहें हैं, वह भी विश्व कप के फाईनल में। आपको कप्तानी का भी ज्यादा अनुभव नहीं है। आपकी टीम में नए खिलाड़ी भी हैं। सामने है चिर प्रतिद्वंदी पाकिस्तान। जीत के लिए पाकिस्तान को आखिरी 6 गेंद में 9 रन बनाने हैं। भारत कभी पाकिस्तान से विश्व कप में नहीं हारा है। ऐसे में आप पर व आपकी टीम पर कितना दवाब होगा यह तो आप जानते ही हैं। आखिरी 6 गेंद के लिए आप एक ऐसे खिलाड़ी को जिम्मेदारी सौंप देते हैं जिसका शायद नाम भी कम ही लोगों ने सुना हो। और देखते ही देखते उस खिलाड़ी ने कमाल कर दिया। ऐसे ही विचित्र व सफल प्रयोगों से कप्तान के तौर पर भारत व दुनिया में अपना वर्चस्व बनाया महेंद्र सिंह धोनी ने।

उन्होंने एक बार फिर सबको चौंकाते हुए टीम इंडिया की टी-20 और वनडे की कप्तानी छोड़ दी है। हालांकि वे इन दोनों फॉर्मेट में विकेटकीपर-बल्लेबाज की अपनी भूमिका निभाते रहेंगे। 35 साल के धोनी ने दो साल पहले टेस्ट क्रिकेट से संन्यास के समय भी सबको चौंकाया था जब उन्होंने ऑस्ट्रेलिया में बीच सीरीज में इस फॉर्मेट में सदा के लिए सन्यास ले लिया था। धोनी को वनडे में भारत का सबसे सफल कप्तान माना जाता है। उन्होंने 199 वनडे और 72 टी-20 मैचों में भारत की कप्तानी की और इन दोनों ही फॉर्मेट में भारत को वल्र्ड चैंपियन बनाया।

2007 टी-20 वर्ल्ड  कप

2007 में जब राहुल द्रविड़ ने कप्तानी छोड़ी और सचिन तेंदुलकर व सौरव गांगुली जैसे दिग्गजों ने टी-20 का वर्ल्ड कप खेलने से इनकार किया तो धोनी को युवा ब्रिगेड की कमान सौंपी गई और अपने पहले ही टेस्ट में धोनी पास हो गए जब टीम इंडिया रोमांचक फाइनल मैच में पाकिस्तान को हराकर टी-20 की पहली वल्र्ड चैंपियन बनी।

2011 वनडे का वर्ल्ड कप

2011 के वनडे के विश्व कप में टीम इंडिया ने धोनी के नेतृत्व में चमत्कारिक प्रदर्शन किया और 2 अप्रैल को मुंबई के वानखेड़े में श्रीलंका के खिलाफ धोनी के ऐतिहासिक छक्के ने भारत को टी-20 की तरह वनडे का भी वल्र्ड चैंपियन बना दिया। भारत का ये दूसरा विश्वकप था और उससे पहले कपिल देव ने 1983 में भारत को ये गौरव दिलाया था।

2013 आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी

धोनी ने कप्तानी के अपने छठे साल में चैंपियंस ट्रॉफी में टीम इंडिया का नेतृत्व किया और विरोधियों को छठी का दूध याद दिलाया। मेजबान इंग्लैंड के साथ चैंपियंस ट्रॉफी का फाइनल बारिश के चलते एक टी-20 गेम में बदल गया लेकिन धोनी के धुरंधरों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अंग्रेजों के जबड़े से जीत छीन ली। इसके साथ ही धोनी ऐसे अकेले कप्तान बन गए जिसने आईसीसी की तीनों ट्रॉफी जीती हों।

कॉमनवेल्थ बैंक सीरीज 2007-08

धोनी के कप्तानी करियर का एक मील का पत्थर कॉमनवेल्थ बैंक सीरीज भी है जिसमें ऑस्ट्रेलिया और श्रीलंका जैसे धुरंधरों को मात देते हुए टीम इंडिया ने ऑस्ट्रेलिया में त्रिकोणीय सीरीज अपनी झोली ने डाल ली।


Kapil-Dev_9धोनी को बहुत सफल कप्तान बताते हुए भारत के पूर्व कप्तान कपिल देव ने कहा कि धोनी की कप्तानी में भारतीय क्रिकेट ने कई बड़ी उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्होंने कहा कि ये उनका निजी फैसला है और उन्होंने युवा खिलाडिय़ों को मौका देने के लिए ये कदम उठाया होगा।

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443816-sachin-tendulkar-event-700मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर ने ट्वीट कर धोनी को उनकी शानदार कप्तानी के लिए बधाई दी और कहा कि एमएस धोनी के इस फैसले का सम्मान होना चाहिए।

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saurav-gangulyमहेंद्र सिंह धोनी के कप्तानी छोडऩे के निर्णय पर पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली ने कोई हैरानी नहीं जताई, हालांकि गांगुली के मुताबिक धोनी अभी भी फिट हैं और वे 2019 का वल्र्ड कप खेल सकते हैं। गांगुली ने कहा कि बतौर कप्तान धोनी ने लगभग सभी टूर्नामेंट जीते हैं और वे एक उम्दा कप्तान रहे हैं।

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905133243जहीर अब्बास ने कहा कि धोनी जैसे कप्तान बार-बार पैदा नहीं होते लेकिन बतौर बल्लेबाज भी धोनी का योगदान कम नहीं है। अब्बास ने कहा,’मुझे याद पड़ता है जब 2005-06 में भारतीय टीम पाकिस्तान दौरे पर आई थी और लाहौर में धोनी ने 46 गेंद में 72 रन बनाकर भारत को जीत दिलाई थी। वहीं से उसके स्टारडम की शुरूआत हुई थी।‘


2009 वर्ल्ड टी-20 कप

2009 में जब भारत टी-20 का वर्ल्ड कप खेलने गया जो उससे सबसे ज्यादा उम्मीदें थीं क्योंकि वो पूर्व चैंपियन के रूप में टूर्नामेंट में उतरा था लेकिन भारत को इसमें जबर्दस्त हार मिली और कप्तान के रूप में पहली बार धोनी पर सवाल उठे।

2014 का टी-20 वर्ल्ड कप

2014 के वल्र्ड कप फाइनल में जब भारत और श्रीलंका आमने-सामने थे तो ये तय माना जा रहा था कि कप्तान धोनी अपने वल्र्ड कप की हैट्रिक पूरी करने जा रहे हैं लेकिन टीम इंडिया उस मैच में महज 130 रन बना सकी। वे भी तब जबकि अंतिम ओवरों में खुद धोनी और भारत के सिक्सर किंग युवराज सिंह मैदान में थे। श्रीलंका ये मैच आसानी से जीत गया और लगा कि धोनी का वक्त अब खत्म हो चुका था।

2015 का वर्ल्ड कप

2015 के वर्ल्ड कप को भारतीय क्रिकेट प्रेमी कभी नहीं भूल पाऐंगे। टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन कर रही टीम इंडिया सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया के सामने बिल्कुल पस्त नजर आई और कप्तान के रूप में माही का वनडे का आखिरी वल्र्ड कप टूर्नामेंट एक सपना बनकर रह गया।

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2016 वर्ल्ड टी-20 कप

2016 के टी-20 के वर्ल्ड कप में भी जैसे 2015 के वनडे के वल्र्ड कप जैसी कहानी दोहराई गई और सेमीफाइनल में मजबूत दिख रही टीम इंडिया वेस्टइंडीज के हाथों बुरी तरह परास्त हो गई। वेस्टइंडीज ही बाद में इस कप का विजेता बना लेकिन धोनी का कप्तानी के रूप में ये आखिरी बड़ा टूर्नामेंट भी भारत को कोई अच्छी खबर नही दे सका।

वनडे, टी-20, टेस्ट में सक्सेस रेट

एमएस धोनी ने 199 वनडे मैचों में कप्तानी की, जिनमे से 110 में जीत दिलाई और उन्का सक्सेस रेट 60 फीसदी रहा। इस मामले में भारत में उनसे पीछे अजहर हैं, जिन्होंने 174 मैचों में टीम की कप्तानी की और 90 में जीत दिलाई और उनका सक्सेस रेट 54 फीसदी रहा। टेस्ट में धोनी ने 60 मैचों में कप्तानी कर 27 में जीत दिलाई और सक्सेस रेट 45 फीसदी रहा। इस मामले में उनसे पीछे सौरव गांगुली हैं, जिन्होंने 49 मैचों में कप्तानी कर 21 टेस्ट में जीत दिलाई थी और उनका सक्सेस रेट 26 फीसदी रहा। धोनी की कप्तानी में इंडिया ने 72 टी20 खेले हैं, जिनमें से 41 में जीत मिली और सक्सेस रेट 60 फीसदी रहा। एमएस धोनी ने अपनी कप्तानी में टीम इंडिया के आईसीसी टी-20 वल्र्ड कप (2007), वनडे वल्र्ड कप (2011) दिलाए हैं और 2013 में चैंपियन्स ट्रॉफी में जीत दिलाई। उनकी कप्तानी में टीम इंडिया साल 2009 में टेस्ट मैचों में नंबर वन रही थी।

सौरभ अग्रवाल

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