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होनहार बिरवान के होत चिकने पात

होनहार बिरवान के होत चिकने पात

पद्मालय नंदा ऐसी पहली भारतीय बनी जिन्होंने 4 जून को जॉर्जिया (यूरोप) के बटूमि शहर में हुए फिनाले में  ‘‘गोल्डन क्राउन, लिटिल मिस यूनिवर्स इंटरनेट 2017’’ जीता, साथ ही ‘बेस्ट टैलेंट ऑफ वल्र्ड’ और ‘लिटिल मिस ग्रैंड प्रिञ्चस’ जैसे खिताब भी अपने नाम किये।

दुनिया की सबसे खूबसूरत महिलाओं में शुमार रानी गायत्री देवी की खूबसूरती का कायल सिर्फ हिन्दुस्तान ही नहीं, बल्कि दुनिया रही है। रानी के बाद खूबसूरती की इस कड़ी को सुष्मिता सेन, ऐश्वर्या राय, और प्रियंका चोपड़ा जैसी महिलाओं ने विश्व सुंदरी का खिताब हासिल करके आगे बढ़ाया। इसी क्रम में एक नया नाम 12 साल की पद्मालय नंदा का भी शामिल हुआ है, जो अपनी खूबसूरती की वजह से सोशल मीडिया से ले कर अखबार और न्यूज चैनलों की सुर्खियों में छाई हुई हैं।

Layout 1किसी बड़े मंच पर इतिहास रचना कोई साधारण काम नहीं होता। यह और भी कठिन हो जाता है जब बात ‘मिस वल्र्ड’ और ‘मिस यूनिवर्स’ जैसे खिताब की हो। मूल रूप से ओडिशा के कटक की रहने वाली बारह वर्षीय पद्मालय नंदा ऐसी पहली भारतीय बनी जिन्होंने 4 जून को जॉर्जिया (यूरोप) के बटूमि शहर में हुए फिनाले में ‘‘ गोल्डन क्राउन, लिटिल मिस यूनिवर्स इंटरनेट 2017’’ जीता साथ ही ‘बेस्ट टैलेंट ऑफ द वल्र्ड’ और ‘लिटिल मिस ग्रैंड पिक्स’ जैसे खिताब भी अपने नाम किये। अपनी शालीनता का परिचय देते हुए पद्मालय नंदा ने अपने इन  खिताबों  को  उन सारे होनहार बच्चों के नाम किया जो उनके जैसा बनने का हुनर रखते हैं।

यह ऐसा पहला मौका है जब किसी 12 वर्षीय भारतीय बच्ची ने इस प्रकार की प्रतियोगिता में अंतराष्ट्रीय खिताब जीता हो। इस प्रतियोगिता में पदमालय को कजखस्तान की डायना अलिम्बयेवा से कड़ी टक्कर देखने को मिली, लेकिन इंटरनेट पर पद्मालय नंदा के पक्ष में अधिक वोट पाने के कारण वो इस प्रतियोगिता की विजेता रहीं। लोगों का पद्मालया नंदा के पक्ष में खड़ा होना ही पद्मालय का ग्लोबल चेहरे के रूप में उभरने को दर्शाता है। मिस यूनिवर्स का खिताब अपने नाम करने के बाद पद्मालय सितम्बर में ग्रीस में होने वाले ‘‘लिटिल मिस वल्र्ड 2017’’ सहित जूनियर मॉडल इंटरनेशनल 2017 में भाग लेंगी।

नई दिल्ली में आयोजित एक प्रेस कांफेंरस को सम्बोधित करते हुए पद्मालय ने कहा कि वो अति प्रसन्न है कि उन्होंने अपने देश का प्रतिनिधित्व किया और वो इसमें सफल भी रहीं। उन्होंने बताया कि वो इस प्रतियोगिता के दौरान भारतीय संस्कृति, संबलपुरी डांस को जजों के सामने प्रस्तुत किया, जिससे प्रभावित होकर जजों ने भी उनकी सराहना की। जजों के प्रशंसा के बाद पद्मालय ने कहा कि वो इस प्रतियोगिता को केवल जितने ही नहीं आयी हैं बल्कि वो अपने देश की संस्कृति की अम्बेस्डर  के रूप में भारत की हजारों वर्ष पुरानी संस्कृति को विश्व के समक्ष प्रस्तुत करने  आई हैं। उन्होंने ऋग वेद का उद्दाहरण देते हुए ‘‘वसुधैव  कुटुंबकम’’ के विचार को संस्कृति, हिंदी, ओडिया और अंग्रेजी में एक ही पोस्टर के द्वारा लोगों के समक्ष रखा। इसी क्रम में पद्मालय और उनके माता-पिता ने आदिवासी संस्कृति को प्रदर्शित करने के लिए ओडिशा के बिस्वबासु, ललिता और उनकी माता के रूप में रॉयल एथनो पार्टी में भाग लिया।

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पद्मालय के पिता प्रसन्ना कुमार नंदा, जो सुप्रीम कोर्ट में वकील है, ने कहा कि इस प्रतियोगिता ने हम सभी को बता दिया कि भारत में अच्छे हुनर की कोई कमी नहीं है, बस आवश्यकता है आर्थिक मदद की। एक प्रश्न का जबाब देते हुए प्रसन्ना कुमार नंदा ने कहा कि ओएनजीसी और कीट जैसी संस्थाएं यदि आगे नहीं आयी होती तो आज पद्मालय ने  लिटिल मिस यूनिवर्स 2017 का खिताब अपने नाम नहीं किया होता। हम केंद्र सरकार का धन्यवाद देते है जिन्होंने हमे भरपूर सहयोग किया। उन्होंने बताया कि पद्मालय प्रतियोगिता में भाग लेने से पहले ओडिशा के राज्यपाल एस सी जमीर ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक, केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह और मानव संसाधन मंत्री प्रकाश जावड़ेकर से भी मिली। पद्मालय के इस प्रतियोगिता की विजेता होने पर उन्होंने कहा कि संभवत: जजों को हमारी संस्कृति की प्रस्तुति अधिक पसंद आयी जो लगभग गेम चेंजर साबित हुई।

                (उदय इंडिया ब्यूरो)компрессор винтовой воздушныйЛобановский

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