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बंगलुरू तक पहुंचा इस्लामिक स्टेट

बंगलुरू तक पहुंचा इस्लामिक स्टेट

By बंगलुरू से एस.ए. हेमंत कुमार

एशिया का सिलिकॉन वैली कहे जाने वाले बंगलुरू की ख्याति में एक धब्बा और लग गया कि पश्चिम बंगाल का रहने वाला मेहदी मसरूर बिस्वास विश्व के सबसे खतरनाक आतंकवादी इस्लामिक स्टेट ऑफ सीरिया ऐंड इराक – ‘आईएसआईएस’ (अब इस्लामिक स्टेट) के लिए यहां बैठकर ट्विट कर रहा था। वह केवल ट्विट ही नहीं कर रहा था, बल्कि उसने ब्रिटेन के चैनल-4 को अपना साक्षात्कार भी दिया। चैनल के खुलासे के बाद बंगलुरू पुलिस ने उत्तरी बंगलुरू के जालाहल्ली के अयप्पा नगर के  सुजाता अपार्टमेंट से पूछताछ के लिए मेहदी को गिरफ्तार कर लिया। यहां से कुछ ही दूरी पर भारतीय वायुसेना का संवेदनशील विंग है।

 बंगलुरू के डीसीपी (क्राईम) को धमकी भरे ईमेल

03-01-2015

”हम अपने भाई को तुम्हारे हाथों में नहीं छोड़ सकते। हम इसका बदला लेंगे। हमारी प्रतिक्रिया का इंतजार करो।’’ यह मेल मेहदी की गिरफ्तारी के कुछ ही घंटे बाद अभिषेक गोयल को मिला। यह मैसेज account@abouanfal16 नाम के ट्विटर अकाउंट से भेजा गया। हालांकि पुलिस इससे चिंतित नहीं है, लेकिन इतनी तेज प्रतिक्रिया से चकित जरूर है।

बेहद साधारण दिखने वाला 23 वर्षीय मेहदी की गिरफ्तारी के साथ ही सॉफ्टवेयर उद्योग और शिक्षा के लिए चर्चित बंगलुरू विश्व भर में सुर्खियां बन गया। बंगलुरूवासियों के लिए रविवार की सुबह सदमा वाला रहा, जब उन्हें खबरों से पता चला कि उनके शहर में इस्लामिक स्टेट का कट्टरपंथी रह रहा है। मेहदी के पड़ोस में रहने वाली गृहिणी गिरिजा कहती हैं – ”हमें विश्वास ही नहीं हो रहा है कि इस्लामिक स्टेट का समर्थक हमारे बीच रह रहा है।’’

खुफिया एजेंसियों द्वारा तकनीक और कॉमनसेंस का अनोखा प्रयोग

03-01-2015

ब्रिटीश चैनल-4 को दिए गए साक्षात्कार के दौरान मेहदी द्वारा पहने गए टी-शर्ट को आईबी और रॉ ने अपने जांच का आधार बनाया। ट्विटर अकाउंट के आईपी ऐड्रेस से उनहें कुछ खास हासिल नहीं हुआ था, क्योंकि उसका सर्वर लॉग डिटेल नहीं था। एजेंसियों ने हजारों कॉल डिटेल और फेसबुक अकाउंट को खंगालते हुए अंतत: गुरू नानक इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी तक पहुंची, जहां से उसने बैचलर ऑफ इंजीनियरिंग की पढ़ाई की थी। उसके बाद एजेंसियां आगे बढ़ती गईं और सिटी क्राईम ब्रांच के अधिकारी मेहदी के जालाहल्ली स्थित सुजाता अपार्टमेंट के दरवाजे तक पहुंच गर्इं।

सरल दिखने वाला, लेकिन बेहद सूक्ष्मता के साथ हुई मेहदी की गिरफ्तारी से यह भी सवाल उठा कि इस्लामिक स्टेट के समर्थकों की पहचान करने के लिए कहीं केन्द्रीय खुफिया एजेंसियों – आईबी और रॉ, ने ही तो मेहदी को स्थापित नहीं किया था। लेकिन, पुलिस ने इस संभावना को खारिज करते हुए बताया कि मेहदी इस्लामिक स्टेट की विचारधारा का हार्डकोर फॉलोवर है। वैश्विक स्तर पर मेहदी के ट्विटर अकाउंट के 17,786 फॉलोवर थे।

संयुक्त पुलिस कमीश्रर (अपराध) हेमंत निम्बलकर ने बताया – ”उसका (बिस्वास) कहना है कि उसने किसी भी व्यक्ति की न ही बंगलुरू में भर्ती की है और न कर्नाटक या दक्षिण भारत में, लेकिन हम उसके बयान को सत्यापित कर रहे हैं। उसका कहना है कि इस्लामिक स्टेट से सहानुभूति रखने वाले अन्य देशों के अंग्रेजीभाषी लोगों के संपर्क में था।’’

23 वर्ष पुरानी याद ताजा

03-01-2015

खुफिया एजेंसियों द्वारा मेहदी की गिरफ्तारी टीवी और प्रिंट मीडिया में आते ही बंगलुरूवासियों को 23 वर्ष पुरानी घटना की याद ताजा हो गई, जब कर्नाटक और तमिलनाडु पुलिस की संयुक्त टीम ने राजीव गांधी के हत्यारोपी लिट्टे के आतंकियों, शिवरासन और शुभा को कोननकुंटे में मार गिराया था। लिट्टे के इन चरमपंथियों के बगल में रहने वाले किसान थिम्मे गौड़ा ने तब कहा था – ”हमें कभी पता ही नहीं चला कि राजीव गांधी की हत्या में शामिल मोस्ट वांटेड अपराधी हमारे बगल में रहते हैं।’’ मेहदी की गिरफ्तारी पर वही प्रतिक्रिया एक बार फिर सुनने को मिल रही है।

मेहदी पश्चिम बंगाल के गुरू नानक इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से इलेक्ट्रीकल इंजीनियरिंग में स्नातक है। कैंपस प्लेसमेंट में उसे आईटीसी फूड की तरफ से नौकरी का प्रस्ताव मिला था। कोलकाता पुलिस के सत्यापन के बाद ही मेहदी ने पीनया में अपने नौकरी की शुरूआत की थी।
आईटीसी अधिकारियों की बयान के आधार पर एक पुलिस अधिकारी ने उदय इंडिया को बताया – ”पुलिस सत्यापन के आधार पर उसका कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है। वह खुद तक सीमित रहने वाला अच्छा लड़का था। ऑफिस में भी उसके बहुत अधिक दोस्त नहीं थे। हालांकि वह अपना काम बेहतर तरीके से करता था।’’

7 वर्ष पुराने इतिहास का दोहराव

03-01-2015

बंगलुरू तीसरी बार गलत कारणों से विश्व भर की सुर्खियों में है। पहली बार यह शहर तब सुर्खियों में आया, जब यहीं का एक जिहादी, काफिल ने आरडीएक्स से भरे जीप को ग्लासगोव एयरपोर्ट पर घुसा दिया था। काफिल स्थानीय कॉलेज से इंजीनियरिंग कर चुका था और दक्षिण बंगलुरू के बनसंकरी-2 एरिया में रहता था। ग्लागोव एयरपोर्ट पर चोट लगने के कारण बाद में उसकी मृत्यु हो गई। बाद में उसके भाई डॉ. सबील अहमद को इस घटना में शामिल होने के संदेह के आधार पर ऑस्ट्रेलिया में गिरफ्तार किया गया, लेकिन पुख्ता सबूत के अभाव में बाद में रिहा कर दिया गया। कुख्यात जिहादी भटकल भी कर्नाटक के चेहरे पर एक काले धब्बे है।

पश्चिम बंगाल बिजली बोर्ड से सेवानिवृत्त कर्मचारी का बेटा मेहदी की दो बड़ी बहनें भी हैं जो पश्चिम बंगाल के सोदेपुर में अपने मां-बाप के साथ रहती हैं। मेहदी के पिता मेकाईल बिस्वास ने अपने बेटे का किसी भी आतंकवादी संगठन से संपर्क को नकार दिया है। मेकाईल ने पुलिस से कहा – ”आईएसआईएस क्या है? मैं इस नाम को नहीं जानता हूं। मेरे बेटे ने मुझे बताया कि उसका ट्विटर अकाउंट हैक हो गया था। मेरा बेटा किसी भी गैर-कानूनी काम का हिस्सेदार नहीं हो सकता।’’

पुलिस के अनुसार, मेहदी आईएसआईएस से संबंधित अरबी ट्विट का अंग्रेजी में अनुवाद करता था और आईएसआईएस की वहाबी विचारधारा का अर्थ समझाने के लिए उसे दुबारा पोस्ट करता था। मेहदी ने जो भी पोस्ट किए वह एशियाई देशों (भारत पढ़ें) के खिलाफ जिहाद छेडऩे से संबंधित था। पुलिस का कहना है – ”उसके खिलाफ हमने एफआईआर दर्ज की और उसमें एशियाई देशों के खिलाफ साजिश रचने, उकसाने और युद्ध छेडऩे के साथ-साथ आतंकवादी गतिविधियों में शामिल होने से संबंधित धाराएं लगाईं है।’’

मेहदी सीरिया-इराक की स्थिति से पूरा परिचित

03-01-2015

सीरिया और इराक की वर्तमान स्थिति, इतिहास, भूगोल, सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति की मेहदी की जानकारी देखकर अधिकारी चकित रह गए। उसे सीरिया और इराक के बड़े शहरों की गलियों से लेकर लेनों तक की जानकारी है। यहां तक कि मेहदी इस्लामिक स्टेट और अमेरिका के नेतृत्व वाले सुरक्षाबलों के हर मूवमेंट की जानकारी रखता था। पुलिस के अनुसार, सीरिया और इराक की हर घटना की उसे रियल-टाईम जानकारी होती थी।

तो क्या मेहदी की गिरफ्तारी से एक बड़ा खतरा टल गया है? इसका जवाब पुलिस ने सकारात्मक दिया, क्योंकि सऊदी अरब में नौकरी के बहाने सीरिया में जाने की कोशिश करने वाले दक्षिण भारत के युवाओं का वह एक तरह से प्रेरणास्रोत था। इस्लामिक स्टेट से सहानुभूति रखने वाले इस युवा की गिरफ्तारी के साथ ही बंगलुरूवासियों ने राहत की सांस ली है, लेकिन इस बात को लेकर वे अभी भी सदमे में हैं कि उनके पड़ोस में एक ऐसा युवा रहता था जो पश्चिम एशिया में लगातार नरसंहार करने वाले इस्लामिक स्टेट जैसे खुंखार आतंकवादी संगठन से संबंध रखता था। इसके बाद क्या होगा, यह एक बड़ा सवाल है, जो बंगलुरूवासियों के साथ-साथ दुनिया भर के लोगों के जुबान पर है।

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