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”एसिड हमलों के पीडि़तों का हम मुफ्त उपचार करते हैं’’

”एसिड हमलों के पीडि़तों का हम मुफ्त उपचार करते हैं’’

‘द गुस्सी पीस प्राईज’ फिलीपिंस में मनिला स्थित एक चेरिटेबल फाउण्डेशन है, जो सिक्योरिटी और एक्सचेंज कमिशन में पंजीकृत हैं। इस संस्था का मुख्य उद्देश्य उन लोगों को पहचान कर पुरस्कृत करना है, जो पूरे विश्व भर में आम आदमी के जीवन को सुधारने और उन्हें मुख्यधारा में लाने के लिए चुपचाप अपना काम कर रहे हैं।

‘द गुस्सी पीस प्राईज’ द्वितीय विश्व युद्ध में जापान द्वारा किये जा रहे दुराचार के खिलाफ डटकर सामना करने वाले कैप्टन जेमेनिआनों जेवियर गुस्सी के कदमों से पे्ररित होकर उनके नाम से दिया जाता हैं। कैप्टन जेमेनिआनों जेवियर गुस्सी बाद में चलकर राजनेता बनें और मानवाधिकार के लिए जमकर लड़ा। गुस्सी को इस काम में उनकी पत्नी मैडम तेओदोरा सोतेजो गुस्सी का साथ मिला, जिन्होंने अपने जीवन में कई सारे चेरिटी के कार्य किये। मैडम गुस्सी ने अपने इस समाजिक कार्य के माध्यम से पूरे फिलीपिंस में निसहाय माताओं, बच्चों, बेरोजगार लागों  और गरिबों की मदद की। मैडम तेओदोरा सोतेजो गुस्सी के मृत्यु के पश्चात उनके पुत्र बेरी गुस्सी ने अपने माता-पिता के इस कार्य को संभाला और गुस्सी पीस प्राईज फाउण्डेशन का निर्माण किया। यह फाउण्डेशन पूरे विश्व भर में मानव समाज व मानवाधिकार के कल्याण, विज्ञान, राजनीति, मेडिकल, पत्रकारिता, व्यापार, रसायन अर्थव्यवस्था और साहित्य सहित अन्य क्षेत्र में कार्य करने वाले लोगों को पुरस्कृत करता है। गुस्सी पीस प्राईज का मुख्य कार्य मानवाधिकार, शासन तंत्र समानता तथा पूरे विश्व भर में नैतिक गठजोड़  व समन्वय को मजबूत करना हैं।  इस संदर्भ में अपने 40 वर्ष के कार्यकाल में 400 एसिड अटैक पीडि़तों की सेवा करने वाले भारत के प्रसिद्ध प्लास्टिक सर्जन डा. अशोक गुप्ता है। डा. गुप्ता मुम्बई के बम्बई हास्पीटल और जीटी हास्पीटल में इन एसिड पीडि़तों का मुफ्त में उपचार करते आ रहे हैं। यहां यह बताना आवश्यक है कि एक पीडि़त के उपचार में कम से कम 10 से 13 लाख रूपये के खर्च आते हैं। लेकिन डॉ. गुप्ता अपने एनजीओ के माध्यम से इस कार्य को मुफ्त में करते आ रहे हैं। डॉ. अशोक गुप्ता को हाल ही में एसिया का नोबल माने जाने वाला ‘द गुस्सी पीस प्राईज’ से सम्मानित किया गया। ‘उदय इंडिया’ ने इस संदर्भ में डा. गुप्ता से बात की।

कितने प्रतिभागियों के बीच आपको इस सम्मान से पुरस्कृत किया गया?

इस सम्मान का निर्णय अंतर्राष्ट्रीय कमेटी करती हैं, जो विभिन्न क्षेत्रों में कार्य करने वाले लागों के कार्यों का आकलन कर निर्णय लेती हैं। हर वर्ष 12-15 लागों को इस सम्मान से पुरस्कृत किया जाता हैं और इस वर्ष भी 12 लोगों को यह सम्मान दिया गया। यह अवार्ड  अंतर्राष्ट्रीय मानकों के आधार पर दिया जाता हैं। अमेरिका के सिनेटर जोन्स अवार्ड के मुख्य जूरी में से एक हैं। इस आवार्ड को लोगों द्वारा समाज सुधार के क्षेत्र में किये जा रहे कार्य के आधार पर दिया जाता हैं। गुस्सी परिवार जो इस पुरस्कार को देता है, पूरे फिलिपींस में एक प्रसिद्ध नाम हैं। अम्बेसडर गुस्सी इस अवार्ड को पिछले 17 वर्षों से देते आ रहे हैं।  मेरा नाम भी इस अवार्ड के लिए मेरे 40 वर्ष के कार्य को देखते हुए चयनित किया गया। मैं मध्य भारत के आदिवासी क्षेत्र में जाकर निर्धन लोगों की सर्जरी करता रहा हूं।

आप किस-किस क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं?

मैं आपदा के क्षेत्र में भी कार्य कर रहा हूं। चाहे वह भुज में आया भूकंप हो, अक्षरधाम मंदिर पर हुआ आतंकी हमला या फिर कारगिल युद्ध हो, मैंने हमेशा से अपनी तरफ से सहायता करने का प्रयास किया है। मैं पिछले चालीस वर्षों से मुम्बई के बम्बई हास्पीटल और जीटी हास्पीटल में एसिड हमले के पीडि़तों का मुफ्त में उपचार करते आ रहा हूं। मैंने अपनी एनजीओ के माध्यम से हमेशा निर्धन लोगों का मुफ्त इलाज करने का प्रयास किया है और उसकी ही देन है कि अभी तक मैंने 400 मरीजों का इलाज किया है।

आप भारत सरकार द्वारा स्वास्थ क्षेत्र में किये जा रहे कार्य के विषय में क्या बोलना चाहेंगे?

भारत सरकार स्वास्थ के क्षेत्र में पर्याप्त मात्रा में कार्य नहीं कर रही हैं। सरकार को तीन भागों में कार्य करने की आवश्यकता हैं। पहला प्राथमिक उपचार के क्षेत्र में सरकार को काम करने की आवश्यकता हैं। दूसरा स्वास्थ शिक्षा में सुधार तथा तीसरा स्वास्थ संरचना में आधुनिकता लाना चाहिये। हमारे पास अभी जिस प्रकार की स्वास्थ व्यवस्था है उसमें ही सरकार को सुधार करने की आवश्यकता है।

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