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एक्शन में योगीराज

एक्शन में योगीराज

2017 उत्तर प्रदेश में भाजपा की प्रचंड जीत का गवाह बना। आजाद भारत के इतिहास में पहली बार किसी सन्यासी युवा योगी ने किसी राज्य के सत्ता की बागडोर संभाली है। गोरखपुर के प्रसिद्ध गोरखनाथ पीठ (गोरखनाथ मंदिर) के महंत योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री बने हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सत्ता संभाले एक साल होने में बस डेढ़ महीने बचे हैं। जब से वह मुख्यमंत्री बने हैं, तब से उत्तर प्रदेश सरकार लगातार एक्शन में है।

मुख्यमंत्री बनने के तत्काल बाद योगी आदित्यनाथ ने कुछ बड़े कदम उठाए थे। उनका पहला कदम सूबे के माफियाओं, गुडों, बदमाशों के लिए था। दूसरा कदम गाय की रक्षा के लिए गऊ की तस्करी रोकने तथा अवैध बूचड़ खानों को बंद करना था। तीसरा कदम अल्पसंख्यक समुदाय की गरीब लड़कियों की शादी में सरकार की तरफ से की गई सहायता की घोषणा का था। चौथी योजना एंटी रोमियो स्क्वायड के गठन की थी। इसके तहत मनचले लड़कों पर लगाम कसना था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सबको जीने का हक दिया। इसी दिशा में कदम उठाते हुए उन्हें पूरे प्रदेश में होने वाली अवैध वसूली पर नकेल कसा। इसका सबसे बड़ा फायदा छोटे उद्यमियों, कामगारों, रेहड़ी, पटरी लगाने वालों को हुआ। अधिकारियों के ट्रांसफर और मनचाही पोस्टिंग के धंधे पर ताला जड़ दिया। नोएडा, गाजियाबाद समेत पूरे प्रदेश में रीअल स्टेट माफिया के चंगुल में फंस चुके मध्यवर्ग और निवेशकों को राहत देने के लिए कदम उठाया।

प्रमुख योजनाएं

योगी अपने इन्हीं प्रयासों के जरिए सत्ता में आने के कुछ दिन के भीतर ही चर्चित हो गए। तब से वह लगातार एक्शन में हैं। लगातार प्रदेश में खुशहाली, तरक्की और अमन के लिए कदम उठाते चले गए। राज्य में तमाम योजनाओं को अमल में लाने की घोषणा की। मुखबिर योजना (लिंग अनुपात में वृद्धि के लिए), ई-अस्पताल योजना (मरीजो को अस्पतालों में सहूलियत के लिए),मदर केयर योजना (नवजात शिशुओं की सुरक्षा के लिए) पंडित दीनदयाल उपाध्याय राज्यकर्मी कैशलेस चिकित्सा योजना (कर्मचारियो, पेंशनर्स के लिए) गोपालक योजना- डेयरी के द्वारा अपना रोजगार उपलब्ध करना, कन्यादान सामूहिक विवाह योजना – गरीब व जरूरतमंद लड़कियों की सहायता के लिए, श्रमदान योजना, नि:शुल्क स्कूल बैग्स वितरण योजना, भाग्यलक्ष्मी योजना- गरीब परिवार में लड़की का जन्म होने पर आर्थिक सहायता, मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना की घोषणा की।

साफ-सफाई से लेकर हर वर्ग के भले का ख्याल रखा। वह नमामि गंगे योजना (नदियों के किनारे बसे गांवो को शौचालय युक्त बनाने के लिए), योगी बुनकर पेंशन योजना, पशुओं को मुफ्त दवाई और उपचार के लिए मुख्यमंत्री पशुधन आरोग्य योजना, एडवांस लाइफ सपोर्ट एम्बुलेंस सेवा योजना (सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में मरीजों के लिए चलता-फिरता ढ्ढष्ट अस्पताल), मुख्यमंत्री छात्रवृत्ति योजना (अनुसूचित व सामान्य जाति के विद्यार्थियों के लिए), योगी फ्री लैपटॉप योजना (22-23 लाख युवाओ को नि:शुल्क लैपटॉप), छोटे किसानों के लिए एक लाख रुपये तक के कर्ज की माफी योजना, गोमती रिवर फ्रंट परियोजना (गोमती नदी की सफाई), बक्शी तालाब योजना (किसानों के लिए आवास), मुख्यमंत्री मेधावी बालिका शिक्षा समवर्धन योजना (10वीं कक्षा पास होने वाली छात्राओं के लिए), बस स्टैंड पर फ्री वाई-फाई योजना, मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना को लेकर आगे आए।

गरीबों, कामगारों, मजदूरों, शहर क्षेत्र में श्रम करने वालों के लिए योगी अन्नपूर्णा भोजनालय (गरीबों को सस्ती दर पर भोजन), काशी विश्वनाथ मंदिर दर्शन योजना, स्मार्ट राशन कार्ड योजना (-कार्ड में चिप और बार कोड), फस्र्ट ऐड योजना, तलाकशुदा महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए के लिए महिला कौशल विकास केंद्र, एंटी- रोमियो स्कवॉड योजना, एमनेस्टी योजना (लंबित विद्युत बिल भुगतान के लिए, नागर विमानन प्रोत्साहन नीति (प्रमुख शहरों और पर्यटन स्थलों को विमान सेवा), संकल्प यात्रा योजना- (भगवा रंग की 50 बसों का संचालन), चिकित्सा सुविधा योजना (पंजीकृत श्रमिकों के लिए), अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति योजना, मुख्यमंत्री किसान एवं सर्वहित बीमा योजना, श्रमिक जन जागरण अभियान, ई-डिस्ट्रिक्ट परियोजना (घर बैठे सभी सेवाओं का ऑनलाइन लाभ), पंडित दीनदयाल ग्रामोद्योग रोजगार योजना, उद्यमिता विकास योजना (पशुपालन व डेयरी उद्योग के द्वारा), वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट योजना- 70 लाख बेरोजगार युवक-युवतियों को रोजगार का अवसर, दीनदयाल उपाध्याय सोलर स्ट्रीट लाइट योजना-बाजारों में, हेलीकाप्टर सेवा योजना (प्रमुख स्थलों पर सैलानियों के लिए), मुख्यमंत्री निधि ईआईआर योजना- इंजीनियरिंग कॉलेजों के विद्यार्थियों के लिए, ग्राम्य अंगीकरण योजना, साइकिल सहायता योजना (श्रमिकों के लिए), आवास सहायता (गरीब एवं बेघर श्रमिको आवास सुविधा किसान कर्ज माफी) किसानों को ऋण माफी, फूड बैंक योजना – (शादियों में बचा खाना गरीबों में वितरण) की रुप रेखा तैयार कराकर इसे अमल में लाए।

गरीबों के लिए बच्चियों की शादी आज भी सबसे कठिन काम है। इसे केन्द्र में रखकर मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना – लड़कियों की शादी के लिए आर्थिक सहायता को आगे बढ़ाया। नि:शुल्क बिजली कनेक्शन योजना – बीपीएल धारको को नि:शुल्क बिजली कनेक्शन, गुलाबी बस योजना  (महिलाओं की सुरक्षा के लिए), शगुन योजना (नवविवाहित जोड़े के लिए स्वास्थ्य सुविधा), शाला सिद्धि योजना, सचल पालना गृह योजना (मजदूरों के बच्चो की देखभाल व शिक्षा), आवासीय स्कूल योजना – अनुसूचित जाति वर्ग की छात्राओं के लिए, कंगारू मदर केयर योजना- मातृ एवं शिशु मृत्यु दर कम करने के लिए, डायल 181 योजना (महिलाओं की सुरक्षा के लिए)। कुल मिलाकर लक्ष्य सबका साथ, सबका विकास रहा है।

 

सिर मुड़ाते ही पले ओले

गोरखपुर में इंसेफैलाइटिस से बच्चों की मौत हो या कासगंज में सांप्रदायिक तनाव की घटना। इस तरह की घटनाएं योगी सरकार के लिए सिर मुड़ाते ही ओले पडऩे जैसी रही। लेकिन इतिहास गवाह है कि बेहद कम समय में पूरी चुस्ती, फुर्ती के साथ सरकार ने मुश्तैदी दिखाई। मुजफ्फरनगर की सांप्रदायिक हिंसा याद होगी। लंबे समय तक चली थी। लेकिन चाहे सहारनपुर में दलितों के साथ अत्याचार का मामला रहा हो या कासगंज की घटना, उत्तर प्रदेश सरकार ने लापरवाही पर लगाम कसकर तेजी से कदम उठाया। बेहद कम समय में घटना पर काबू पा लिया गया। गन्ना किसानों का भुगतान के मामले में भी योगी सरकार सख्त रवैये के साथ आगे बढ़ रही है। यहां तक कि राम मंदिर मुद्दे को लेकर भी वह लगातार संवेदनशील रहे। श्री श्री रविशंकर के प्रयास से सफलतापूर्वक निपटने में सफलता पाई। बहुसंख्यक हिन्दू समाज के हितों का ध्यान रखा। अयोध्या में दीपावली जैसे त्योहार के समय खुद जाना, दीपावली मनाना, भारतीय परंपरा और संस्कृति को पुनर्जीवित करने के प्रयास जैसा रहा।

उठती रही अंगुली

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा लिए गए निर्णय पर अंगुली उठती रही। चाहे गौ तस्करी रोकने की दिशा में उठाया गया कदम हो या एंटी रोमियो स्कावॉयड या फिर गोरखपुर महोत्सव का आयोजन। उनका कामकाज आलोचनाओं से घिरा रहा, लेकिन उत्तर प्रदेश सरकार अपने हिसाब से आगे बढ़ती रही। अपराधियों पर लगाम कसने को लेकर भी योगी सरकार सवालों के घेरे में रही। दस महीने के शासन काल में उत्तर प्रदेश पुलिस की करीब 921 बार अपराधियों से मुठभेड़ हुई। ढ़ाई दर्जन अपराधी मारे गए। दो सौ के करीब घायल हुए। दो-ढाई हजार अपराधी जेल की सलाखों की पीछे ले जाए गए। हालांकि इसके बाद भी उत्तर प्रदेश में अपराध हो रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के शासन को लेकर पक्षपात करने, संाप्रदायिक सौहार्द को बिगाडऩे, प्रदेश के विकास को पटरी से उतारने का आरोप लगता है। पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, योगी सरकार के राजकाज पर तंज कसते रहते हैं। यही स्थिति पूर्व मुख्यमंत्री मायावती और कांग्रेस की भी है। हालांकि राजनीतिक दल अभी दस महीने पहले सत्ता में आई योगी सरकार को कामकाज समय भी दे रहे हैं। कांग्रेस के नेता प्रमोद तिवारी का कहना है कि योगी जिस तरह से सरकार चला रहे हैं, वह किसी से छिपा नहीं है। लेकिन इसके बाद अभी वह कुछ नहीं कहना चाहते।

विरोधी पस्त

उत्तर प्रदेश सरकार की सराहना और आलोचना के मध्य की राह समालोचना है। समालोचना की दृष्टि से उत्तर प्रदेश सरकार ने कुछ अजीब कदम उठाए तो तमाम मामलों में जनता को राहत दी है। समालोचना की दृष्टि से अभी  विपक्ष भी उन्हें कामकाज का समय देना चाह रहा है। भाजपा अध्यक्ष महेन्द्र नाथ पांडे के अनुसार उत्तर प्रदेश सरकार के प्रति जनता का भरोसा बढ़ा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अनुसार वह प्रदेश में बिगड़ी दशा को ठीक कर रहे हैं। उन्हें प्रदेश में निवेश का माहौल बनाने में समय लग रहा है। इसकी वजह पुरानी सरकारों का शासन रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मीडिया सलाहकार मृत्युंजय कुमार का कहना है कि सरकार दिन रात सूबे के विकास के लिए काम कर रही है। ऐसे में विरोधियों के पास कहने के लिए कुछ नहीं है। वह केवल विपक्षी दल के कारण आलोचना कर रहे हैं। कुमार के अनुसार अभी समय दीजिए। अभी तो सरकार को सत्ता में आए एक साल भी नहीं हुए हैं। खैर, मार्च 2018 में योगी सरकार के एक साल पूरे हो जाएंगे। इस दौरान उन्होंने कई दर्जन घोषणाएं की हैं। इन सभी योजनाओं की अभी समीक्षा भी नहीं हो पाई है। यह होनी है। इसकी समीक्षा और जमीन पर आ रहा बदलाव ही इस सरकार के इकबाल को बता सकेगा। अभी तो सिर्फ इतना कहा जा सकता है कि भाजपा शासित 17 राज्यों के मुख्यमंत्रियों में सबसे बड़े राज्य के मुख्यमंत्री अपनी राह चल रहे हैं। उनका ग्राफ लगातार बढ़ रहा है।

रंजना

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