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कैसे बनें एक अच्छा ब्लॉगर

कैसे बनें एक अच्छा ब्लॉगर

लेखन कला एक अद्भुत कला है क्योंकि यह व्यक्ति को पूर्ण और ज्ञानवान बनाता है। कहा भी जाता है कि लिखने की कला में पूर्ण बनने के लिए भाषा के शब्दों के साथ-साथ उसके व्याकरण और अन्य विधाओं पर भी पूर्ण अधिकार होना चाहिए, क्योंकि जो चीजें लिखीं जाती हैं, वह अमिट और स्थायी हो जाती हैं। यही कारण है कि बोलने की अपेक्षा लिखने की कला अधिक कठिन कला है और इस विधा में पारंगत होने के लिए बोलने की कला से अधिक मेहनत और धैर्य की जरूरत होती है।

यदि आप अच्छा लिख लेते हैं तो क्या आपको कभी ऐसा नहीं लगता है कि आप जो आर्टिकल या कहानी लिखते हैं वह दुनिया में पाठकों के लिए आसानी से उपलब्ध हो? आज के इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी के वैश्विक युग में जबकि सोशल मीडिया हमारे जीवन की एक मूलभूत आवश्यकता के रूप में अपनी एक महत्वपूर्ण जगह बना लिया है तो ब्लॉग के माध्यम से अपने लेखन कला को प्रोफेशनल रूप में दुनिया के सामने रखना अब बहुत ही आसान हो गया है। विशेषकर सेलेब्रिटी तथा हाई प्रोफाईल प्रोफेशनल के जीवन की अन्तरंग बातों से लेकर बिजनेस ट्रिक्स की बातें ब्लॉग की सुर्खियों के रूप में आज बड़े पैमाने पर मीडिया और जनसामान्य के जीवन में अपने पैर पसार रही हैं।

तकनीकी रूप से ब्लॉग शब्द ‘वेबलॉग’ का संक्षिप्त रूप है। यह वल्र्ड वाईड वेब पर एक सूचना के आदान-प्रदान का वह साइट है जिसमें  संदेश और समाचार पोस्ट किये जाते हैं। आधुनिक समय में इसका उपयोग राजनीति, सिनेमा, अनुसन्धान, विज्ञान, संगीत, कानून, शिक्षा तथा मानवीय उपलब्धियों के सभी विधाओं में विचारों एवं भावनाओं की अभिव्यक्ति के एक सशक्त माध्यम के रूप में किया जाता है। सच पूछिए तो ब्लॉग राइटिंग को पर्सनल डायरी राइटिंग जैसा ही माना जाता है जिसमें कोई ब्लॉगर अपनी रूचि  के टॉपिक को लिखकर पोस्ट करता है जो दुनिया भर के पाठकों के पढऩे के लिए उपलब्ध हो जाती है।

जिस प्रकार इंटरनेट पर हम कई साइट्स को खोलकर सूचना प्राप्त करते हैं, ब्लॉग भी किसी ब्लॉगर का खुद का वेबसाईट होता है, जिसे कि निरंतर अपडेट किया जाता है। व्यापार, राजनीति, प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य, शिक्षा, बीमा, निवेश, फैशन, सिनेमा, पेज थ्री, कॉस्मेटिक्स सरीखे दुनिया की तमाम खबरें ब्लॉगिंग के माध्यम से दुनिया के सामने रखी जाती हैं तथा शेयर की जाती हैं साथ-साथ ही ओपिनियन भी आमंत्रित की जाती हैं।

यह राजनीति में जनमत तैयार करने में मदद करती है और यही कारण है कि वर्तमान में राजनीतिक पार्टियों के सभी बड़े नेताओं के ब्लॉग होते हैं जिसमें उनके खुद के तथा उनकी पार्टियों के राष्ट्रीय महत्व के ज्वलन्त विषयों पर अभिवक्त विचार पोस्ट होते हैं।

बाजार अर्थव्यवस्था के मौजूदा ‘जो दीखता है सो बिकता है’ के व्यापार मन्त्र के युग में ब्लॉग को विज्ञापन का बहुत बड़ा बाजार माना जाता है। सौन्दर्य से लेकर हैल्थ टिप्स, स्लिम बनने के नुस्खों से लेकर प्रोफेशनल राईटिंग तथा सिनेमा में काम करने से लेकर मिस यूनिवर्स बनने के टिप्स के लिए मशहूर ब्लॉगिंग की दुनिया आकर्षणों और प्रैक्टिकल सूचनाओं से भरी पड़ी है। यह आधुनिक समय में दुनिया के विविध क्षेत्रों में सफलता के लिए आवश्यक रूप से उपयोगी गाइड के रूप में शुमार किया जाता है।

लेकिन सच पूछिये तो ब्लॉगिंग की दुनिया के काम-काज करने का तरीका और इसमें सफल होने का रास्ता किसी सपने की दुनिया की तरह आसान नहीं है।

आज जबकि पल-प्रति-पल सूचनाएं तेजी से टेलीविजन चैनल्स के स्क्रीन पर डिस्प्ले किये जाते हैं और इन्टरनेट के माध्यम से हम खुद को अपडेटेड करते रहते हैं तो ब्लॉगिंग के क्षेत्र में सफल होने के लिए और सूचना के बाजार में खुद को स्थापित करने के लिए एक ब्लॉगर को कई महत्वपूर्ण बातों का शिद्दत से ध्यान रखना होता है। क्योंकि एक परफेक्ट ब्लॉग राइटिंग के लिए केवल आपका एक अच्छा राइटर होना ही पर्याप्त नहीं है। ब्लॉग राइटिंग में सफल होने के लिए आपको ब्लॉग राइटिंग से सम्बंधित निम्नांकित बातों को धार्मिक रूप से अनुसरण करने की जरूरत है-

अपने ब्लॉग के लिए एक आकर्षक शीर्षक का चुनाव करें

सच पूछिये तो ब्लॉग का टाइटल इसके लिए कवरिंग लैटर का काम करता है जिसके आधार पर कोई भी  पाठक पहली नजर में ही ब्लॉग के कंटेंट और क्वालिटी के बारे में अंदाजा लगा लेता है। एक परफेक्ट ब्लॉग की सफलता में उसके टाइटल की महत्वपूर्ण भूमिका होती है, क्योंकि तब एक पाठक के लिए अपनी आवश्यकता के अनुसार एक ब्लॉग का चुनाव करना आसान हो जाता है। आज के सूचना क्रांति के युग में जहां गूगल, याहू इत्यादि कई सर्च इंजिन सूचना के महत्वपूर्ण संसाधन माने जाते हैं तो ऐसी स्थिति में ब्लॉग का शीर्षक जब पाठकों की जरूरत को प्रत्यक्ष रूप से संतुष्ट करता है तो उसके पढऩे वालों की संख्या काफी बढ़ जाती है।

ब्लॉग के कंटेंट्स को सूचीबद्ध करना भी फायदेमंद होता है

एक ब्लॉगर जब अपने पोस्ट को उसकी लोकप्रियता और प्राथमिकता के आधार पर सूचीबद्ध कर लेता है तो फिर एक पाठक को उस ब्लॉग के पोस्ट को अपनी जरूरत के आधार पर शॉर्टलिस्ट करने में कोई समस्या नहीं होती है। इस प्रकार से ब्लॉग को सूचीबद्ध कर लेने पर यह व्यवस्थित और क्रमबद्ध लगता है और फिर किसी ब्राउजर को अपनी जरूरत के अनुसार पोस्ट ढूंढऩे  में भी कम समय लगता है।

ब्लॉग पोस्ट का बाह्य आवरण प्रोफेशनल बनाएं

ब्लॉग का पोस्ट और कंटेंट ऊंचे मानकों का होने के बावजूद यदि इसका आउटलुक आकर्षक नहीं है तो फिर यह अधिक लोकप्रिय नहीं हो पाता है। इसीलिए यह आवश्यक है कि किसी भी कंटेंट को ब्लॉग पर पोस्ट करने के पहले ब्लॉगर को इसके फॉर्मेटिंग और प्रेजेंटेशन पर ध्यान रखना चाहिए।

मेन पॉइंट्स को हाईलाइट कर दें और जहां जरूरत हो वहां पर इमेजेज, डायग्राम्स, स्केच और ग्राफ का जरूर प्रयोग करें। अनावश्यक  कंटेंट को हटा दें और केवल आवश्यक कंटेंट को ही पोस्ट करें। टाइटल्स और सब्जेक्ट लाइन को बोल्ड लेटर्स में भी लिख सकते हैं ताकि यह आंखों के लिए आकर्षक हो।

मल्टीमीडिया का अवश्य प्रयोग करें

आज के गला-काट प्रतियोगिता के युग में प्राय: कहा जाता है कि जो दिखता है वही बिकता है। अर्थात जब भी आप अपने किसी कंटेंट को ब्लॉग पर पोस्ट कर रहे हों तो पहले यह जरूर सोचें कि यह पोस्ट मार्केटिंग की दृष्टि से आकर्षक है या नहीं।

ब्लॉग पोस्ट को आकर्षक बनाने के लिए जरूरी ऑडियो – विडियो और इमेजेज का उपयोग करना अनिवार्य माना जाता है। उदाहरण के लिए यदि कोई ब्लॉगर टूरिज्म विषय के अनार्गत किसी आकर्षक हिल स्टेशन को प्रेजेंट कर रहा है तो यह कहने की आवश्यकता नहीं होगी कि मुख्य हिल स्टेशंस के इमेजेज के साथ कुछ विडियो भी जरूर अपलोड किया जाना चाहिए।

शिक्षा के क्षेत्र और किसी विशेष सेक्टर में करियर विकल्पों की स्थिति में भी कई प्रकार के इमेजेज और विडियोज का उपयोग किया जा सकता है। आशय यह है कि ब्लॉग पर जो भी मटेरियल पोस्ट किया जाये वह हर दृष्टिकोण से पाठकों के प्रश्नों के उत्तर देने में सक्षम हो और उनकी जिज्ञासा को संतुष्ट करने में पूरी तरह से पर्याप्त हो। ऐसी स्थिति में ब्लॉग पोस्ट न केवल आकर्षक बल्कि उसकी मार्केटिंग भी आसान हो जाती है।

भाषा और स्टाइल का रखें ध्यान

ब्लॉग के बारे में कहा जाता है कि यह आधुनिक समय का एक ऐसा साहित्य है जिसमें ब्लॉगर की शख्सियत और चरित्र प्रतिबिंबित होता है। इतना ही नहीं एक ब्लॉग में ब्लॉगर की भाषा पर कमांड और नॉलेज को व्यावसायिक रूप से इस्तेमाल करने की योग्यता भी साफ नजर आती है।

इस सन्दर्भ में दो बातों का जरूर ध्यान रखना चाहिए- सबसे पहले तो कंटेंट कहीं से कॉपी की हुई नहीं होनी चाहिए। इनफार्मेशन की प्राप्ति के स्रोत के रूपे में इन्टरनेट आसानी से उपलब्ध है लेकिन इसका अर्थ यह नहीं है कि आप इन्टरनेट के कंटेंट को सौ प्रतिशत कॉपी कर लें और उसे अपने ब्लॉग पर पोस्ट कर लें।

इनफार्मेशन तो प्राय: सभी ब्लॉगर्स के लिए एक समान ही रहते हैं लेकिन उन इनफार्मेशन को व्यापक तरीके से और अलग स्टाइल में प्रस्तुत करना एक प्रोफेशनल ब्लॉग के निर्मण में काफी सहायता करता है। फिर आप जिस विषय पर लिख रहे हैं उसे और भी वास्तविक बनाने के लिए आप उस डोमेन के विशेषज्ञों से भी सूचनाओं का संग्रह कर सकते हैं। भाषा की स्टाइल आपकी अपनी होनी चाहिए क्योंकि वही आपकी सुन्दरता  है और उसी में आपकी पहचान छुपी होती है।

ब्लॉग में इंट्रो अवश्य लिखें

जर्नलिज्म की दुनिया में इंट्रो का अर्थ किसी कंटेंट के सारांश या मुख्य बिंदूओं से हैं जिसमें उस कंटेंट का सारांश छुपा होता है। इंट्रो का लाभ यह होता है कि केवल इसे पढ़कर ही कोई पाठक उस आर्टिकल को पूरा पढऩे के लिए प्रेरित हो सकता है। इंट्रो वास्तव में किसी कंटेंट में एंट्री या इंट्रोडक्शन का प्रेरक बिंदु (मोटिवेशन प्वाइंट) होता है जिसकी  गुणवत्ता पर पूरे कंटेंट की सफलता निर्भर करती है। किसी भी इंट्रो में आप एक ब्लॉगर के रूप में आर्टिकल के उद्देश्यों के बारे में बता सकते हैं जो कि पाठक को आगे उस पोस्ट को पढऩे के लिए प्रेरित कर सके।

पोस्ट को सम्पूर्ण सूचना वाला होना चाहिए

ब्लॉग में पोस्ट के सम्पूर्ण सूचना (होलिस्टिक इनफार्मेशन) वाला होने से अर्थ यह है कि जब भी आप एक ब्लॉगर के रूप में किसी टॉपिक पर कुछ ब्लॉग पोस्ट करते हैं तो उस टॉपिक पर कोई भी जानकारियां छूटनी नहीं चाहिए। सोचिये कि कोई पाठक किसी ब्लॉग में कंप्यूटर साइंस के करियर के बारे में कुछ मटेरियल ढूंढ़ रहा है तो उसे एक आदर्श ब्लॉग में केवल कंप्यूटर साइंस में महत्वपूर्ण करियर विकल्पों की जानकारी ही नहीं होने चाहिए बल्कि कंप्यूटर साइंस में डिग्री या डिप्लोमा प्राप्त करने के लिए प्रसिद्ध इंस्टिट्यूट्स के नाम और उन तक पहुंचने लिए साधन के साथ-साथ वार्षिक खर्च, हॉस्टल सुविधाओं के साथ-साथ स्कॉलरशिप की सुविधाओं की भी जानकारियां अवश्य होनी चाहिए।

अंत में आप अपने कंटेंट को ब्लॉग पर पोस्ट करने से पहले एक बार निम्न बातों के बारे में जरुर ध्यान रखें –

  • आपने पोस्ट पूरा लिखा है तथा हर एक हिस्से को विस्तारपूर्वक वर्णन किया है।
  • आपने अपने पोस्ट की प्रूफरीडिंग कर ली है।
  • लेख को लिखने के बाद तथा पोस्ट करने के पूर्व कई बार पढ़ी है तथा इसकी एडिटिंग कर ली है।
  • ब्लॉग में आवश्यक विजुअल्स तथा ऑडियो वगैरह की क्लिप्पिंग्स अपलोड किया है।
  • पोस्ट में दिए गये लिंक तथा ईमेल इत्यादि सुचारूपूर्वक काम कर रहे हैं।
  • यदि आपका पोस्ट किसी लेख, साहित्य तथा किसी अन्य लेखक की कहानियों से प्रेरित होकर लिखी गयी हो तो इसका उल्लेख पोस्ट में जरूर करें, नहीं तो ‘प्लेगियरिज्म’ (साहित्य की चोरी) के आरोप का भय बना रहता है।

यदि पोस्ट में किसी वेबसाईट या ब्लॉग का सन्दर्भ के रूप में भी प्रयोग किया गया हो तो इसे भी जरूर साभार के रूप में लिखना वांछनीय तथा मर्यादित माना जाता है।

सारांश यही है कि यदि आप रचनात्मक लेखन में पूर्ण हैं, कल्पनाशीलता आपकी स्वाभाविक प्रतिभा है, आस-पास में घटित होने वाली घटनाओं को सूक्ष्मता से अवलोकन करते हैं और इन्टरनेट और इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी के विभिन्न टूल्स से भली-भांति अवगत हैं तो आपके लिए ब्लॉगर्स के रूप में करियर का चुनाव बड़े फायदेमंद साबित हो सकता है। इस करियर में एक अच्छे पारिश्रमिक के साथ प्रसिद्धि की अपार संभावनाएं भी भरी हुई हैं।

इस सच से कदाचित ही कोई इनकार कर पाए कि डिजिटल इंडिया के तेजी से प्रसार के साथ आनेवाले हाल के वर्षों में ब्लॉगर्स के रूप में करियर का भविष्य रोजगार के बाजार में एक शानदार करियर अवेन्यू के रूप में अपनी एक महत्वपूर्ण जगह बना लेगा।

(लेखक जवाहर नवोदय विद्यालय में प्राचार्य हैं)

 

श्रीप्रकाश शर्मा

 

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