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पहले सत्ता के गलियारों में दलाल घूमते थे: मोदी

पहले सत्ता के गलियारों में दलाल घूमते थे: मोदी

प्रधानमंत्री नरेन्द्र की सरकार के चार साल सात महीने बीत जाने के बाद भाजपा ने दिल्ली के रामलीला मैदान में राष्ट्रीय अधिवेशन का शानदार आयोजन किया। इस अधिवेशन में पार्टी के शीर्ष नेताओं ने अपनी बात रखी, लेकिन सवा घंटे से अधिक समय के अपने भाषण में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश के कोने-कोने से आए कार्यकर्ताओं को उत्साह से भर दिया। प्रधानमंत्री ने 2019 में भाजपा के फिर सत्ता में लौटने का मंत्र दिया। प्रधानमंत्री ने साफ कहा कि पहले का युग दलाली का था। आजादी के बाद से 2014 तक सत्ता के गलियारे में दलाल घूमते थे। 2014 के बाद से सत्ता के गलियारे में ऐसे लोगों की कोई जगह नहीं है। देश को ईमानदार, कर्मठ, नया भारत बनाने वाला, 18 घंटे काम करने वाला, लोकशाही, तंत्र और संस्था को व्यक्ति से ऊपर मानने वाला प्रधानसेवक मिला है। इस दौरान प्रधानमंत्री ने अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाई। एक भारत, श्रेष्ठ भारत के विकास के एजेंडे पर चलने का मंत्र दिया। उन्होंने उद्घोष भरी आवाज में कहा कि 4.5 साल में उनकी सरकार पर भ्रष्टाचार के कोई आरोप नहीं है।

यह है कांग्रेस की नैतिकता

प्रधानमंत्री ने कांग्रेस पार्टी को उसकी नैतिकता की याद दिलाई। उन्होंने कहा कि कांग्रेस देश के विकास, राष्ट्रीयता और लोकतंत्र में यकीन नहीं रखती। अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण में कांग्रेस पार्टी अपने वकीलों के माध्यम से लगातार रोड़ा अटका रही है। यह वह पार्टी है जिसने उच्चतम न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के खिलाफ महाभियोग लाने, सीवीसी, सीबीआई, सीएजी, सेना जैसी तमाम संस्थाओं को कमजोर करने एवं उन्हें गलत बताने का बीड़ा उठा रखा है।

मुझे तंग किया गया

प्रधानमंत्री ने बताया कि गुजरात में मुख्यमंत्री रहने के दौरान उन्हें कैसे और कितना परेशान किया गया, लेकिन वह संघ और भाजपा के संगठन की पैदाइश हैं। सब सहन कर गए। प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्हें भी कानून की जानकारी है। शासन चलाना आता है, लेकिन गुजरात का मुख्यमंत्री रहने के दौरान उन्होंने सीबीआई व अन्य एजेंसियों का राज्य में प्रवेश बंद नहीं किया। जबकि देश की परंपरा, मर्यादा, तंत्र और एजेंसी में आस्था न रखने वाली कांग्रेस और गैर-कांग्रेस की सरकारों ने अपने राज्य में सीबीआई का प्रवेश बंद करा दिया है।

राहुल और कांग्रेस पर बरसे, किसानों के प्रति जताई चिंता

प्रधानमंत्री के डेढ़ घंटे के भाषण में किसानों की नाराजगी का असर साफ दिखा। वह करीब 7 मिनट किसानों पर बोले। किसान के लिए कांग्रेसी नीति पर हमला किया और खुद की सरकार को दूरदर्शिता बनाए रखते हुए राष्ट्रहित, किसान हित में कड़े  फैसले लेने वाली बताया। प्रधानमंत्री बिजली, सड़क, सिंचाई, उज्जवला, जनधन योजना, आयुष्मान भारत, गरीबों को आवास सब विषय पर बोले। अपनी सरकार के सबका साथ, सबका विकास के नारे को जीवंत बनाए रखा। उन्होंने बिना नाम लिए राहुल गांधी पर हमला बोला। उन्होंने अपने भाषण में एहसास कराया कि प्रधानसेवक के लिए दो ही दावेदार हैं। एक वह हैं और एक राहुल गांधी। उन्होंने राष्ट्रीय अधिवेशन में आए जनसैलाब से पूछा कि उसे कैसा प्रधानसेवक चाहिए। वैसा सेवक जो घर का पैसा चोरी करे और अपने परिवार, रिश्तेदारों को दे। पड़ोसी को घर की बातें बताए। घर में समस्या हो तो 2-3 महीने के लिए छुट्टी पर चला जाए और पता भी न चले कि कहां गया? आप तय करिए कि क्या देश को ऐसा प्रधानसेवक चाहिए। प्रधानमंत्री का यह इशारा सीधे कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की तरफ था।


 

2019 चुनाव है दो विचारधाराओं की लड़ाई : अमित शाह


 

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने 2019 के लोकसभा चुनाव को पानीपत के लड़ाई की तरह विचारधारा की लड़ाई बताते हुए कार्यकर्ताओं से जमीनी तैयारी में जुट जाने का आह्वान किया। शाह ने कहा कि 2019 का चुनाव दो विचारधाराओं के बीच का युद्ध है और युद्ध सदियों तक याद रखा जाएगा। भाजपा अध्यक्ष ने भरोसा दिलाया कि एनडीए आगामी चुनावों में एक बार फिर बहुमत प्राप्त करेगा और केंद्र में सरकार बनाएगा। भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि दुनिया का कोई भी नेता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जितना लोकप्रिय नहीं है।

हम राम मंदिर चाहते हैं

अमित शाह ने कहा भाजपा अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण चाहती है। हम चाहते हैं कि इसका निर्माण जल्द से जल्द हो। लेकिन कांग्रेस पार्टी इसमें रोड़ा अटकाने का कोई अवसर नहीं चूक रहीं है। भाजपा अध्यक्ष ने कि हम चाहते हैं राम मंदिर निर्माण की दिशा में अदालत में जल्द से जल्द सुनवाई पूरी हो। इसके लिए लगातार प्रयास हो रहा है। लेकिन कांग्रेस यहां बाधा खड़ी कर रही है। उसके वकील अदालत में मामला अटकाने में व्यस्त हैं। अमित शाह ने भाजपा सरकार की उपलब्धियों को गिनाते हुए कहा, 2019 का चुनाव भाजपा के लिए बहुत मायने रखता है। हमारी सरकार ने गरीबों के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं दी हैं। यह चुनाव महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में भाजपा 2014 जैसी सफलता को दोहराएगी। पार्टी राज्य की 74 लोकसभा जीतेगी। वह उत्तर प्रदेश में अपनी पार्टी के लोगों के साथ लगातार संपर्क में हैं। उन्होंने कहा, मैं यह निश्चित रूप से कह सकता हूं कि इस बार हमारी सीटों की संख्या बढ़कर 74 हो सकती है लेकिन यह 72 से कम नहीं होगी।

 


कांग्रेस की संस्कृति भ्रष्टाचार की

कांग्रेस की संस्कृति भ्रष्टाचार की है। नेशनल हेराल्ड मामले से लेकर प्रधानमंत्री ने यूरिया, चीनी घोटाला समेत सबका उल्लेख किया। प्रधानमंत्री ने बैंकों से लोन दिलाने में कांग्रेस नेताओं की भूमिका भी बताई और विदेशी बिचौलियों को भगाने के लिए नेताओं द्वारा हवाई अड्डे हवाई जहाज तैयार रखने का हवाला दिया। प्रधानमंत्री ने बिना नाम लिए कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, यूपीए चेयरपर्सन सोनिया गांधी समेत कांग्रेस के तमाम नेता जमानत पर है। जमानत के नेताओं के भरोसे पार्टी चल रही है। उन्होंने कहा कि राजनीति का दौर बदल चुका है। कभी जो राजनीतिक दल कांग्रेस को सत्ता से हटाने के लिए एकजुट हो रहे थे, आज वह भाजपा को सत्ता से हटाने के लिए एकजुट हो रहे हैं। गठबंधन-महागठबंधन को अवसरवादी, सत्ता के लिए और केवल प्रधानमंत्री मोदी को सत्ता से हटाने, हराने के लिए बना बताया। प्रधानमंत्री ने कहा कि तेलंगाना में भी महागठबंधन बना था, क्या हश्र हुआ? लेकिन ये सभी राजनीतिक दल कांग्रेस के सामने सरेंडर करके एक व्यक्ति(मोदी) के विरोध के लिए एकजुट हो रहे हैं। किंतु ये अपने मकसद में कामयाब नहीं होंगे।

ये क्या जाने भरी बोरी और खाली बोरी का अंतर

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में राफेल लड़ाकू विमान सौदे के मुद्दे पर भी राय रखी। आम आदमी की भाषा में समझाते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि टाट की है। खाली बोरी का दाम कुछ होता है। उस बोरी में चावल या दाल, या गेंहूं और अन्य अनाज भर दिया जाए तो उस बोरी का दाम बदलता जाता है। लेकिन जो व्यक्ति(राहुल गांधी) इसको जानकर भी अनजान बना है और समझना नहीं चाहता, उसे समझाने से कोई फायदा नहीं है। उन्होंने कांग्रेस के लोगों का नाम हेलीकाप्टर घोटाले से लेकर लड़ाकू विमान तक में आने का जिक्र किया।

मजबूर सरकार बनाम मजबूत सरकार

मजबूत सरकार और मजबूर सरकार पर प्रधानमंत्री मोदी ने काफी जोर दिया। गठबंधन और महागठबंधन से बनने वाली सरकारों को उन्होंने मजबूर सरकार कहा। उन्होंने कहा कि यह गठबंधन केवल सत्ता पाने की लालच में बन रहा है। इसका एक मात्र मकसद केवल एक व्यक्ति(मोदी) को हराना है। कर्नाटक की जद(एस)-कांग्रेस गठबंधन वाली सरकार का हवाला दिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि कर्नाटक के मुख्यमंत्री कहते हैं कि वह सीएम जरूर हैं, लेकिन क्लर्क बना दिए गए हैं। इसके बहाने प्रधानमंत्री ने देश की जनता से प्रधानसेवक के रूप में उन्हें अवसर और देश को मजबूत सरकार देने की वकालत की।

रंजना

 

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