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अविश्वसनीय प्रदर्शन, प्रबल दावेदारी

अविश्वसनीय प्रदर्शन, प्रबल दावेदारी

By सौरभ अग्रवाल

वेलेंटाइन डे के अगले दिन क्रिकेट टीम ने देशवासियों को दिवाली मनाने का मौका दिया। चिर प्रतिद्वंदी पाकिस्तान पर 76 रनों की शानदार जीत और 7 दिन बाद दक्षिण अफ्रीका पर 130 रनों की ऐतिहासिक जीत ने भारत को विश्वकप का प्रबल दावेदार बना दिया है। उत्साह और विश्वास से लबरेज भारतीय टीम का ‘वी वोंट गिव इट बैक’ का मंत्र टीम को नई उंचाइयों पर ले जाएगा।

विश्वकप की शुरूआत से ही स्टार स्पोर्टस का एक विज्ञापन (मौका-मौका) बहुत प्रचिलित हो रहा है। भारत के मैचों पर आधारित इस विज्ञापन में एक प्रकार की चुटकी ली गई है जिससे मैच देखने का मजा दोगुना हो गया है। पाकिस्तान और फिर दक्षिण अफ्रीका के मैचों से पहले इस विज्ञापन ने एक अलग ही माहौल बना दिया था। गौरतलब है कि विश्वकप में पाकिस्तान भारत से और भारत दक्षिण अफ्रीका से कभी नहीं जीता था। हालांकि, पाकिस्तान को इस बार भी भारत से मुंह की खानी पड़ी जबकि भारत ने दक्षिण अफ्रीका को बेहद आसानी से हरा दिया।

विश्वकप से पहले ऐसे कम ही लोग थे जो भारत को खिताब का दावेदार मान रहे थे। लेकिन विश्वकप में खेले दो मैचों के बाद ही भारत को खिताब का प्रबल दावेदार माना जा रहा है। कारण साफतौर पर भारत का अविश्वसनीय प्रदर्शन ही है। अब तक खेले गए दोनों मैचों में भारत ने एक चैंपियन टीम की तरह प्रदर्शन किया है। खेल के तीनों क्षेत्र (बल्लेबाजी, गेंदबाजी और क्षेत्ररक्षण) में भारत ने विपक्षी टीम को मात दी है। विश्वकप से पहले तक खराब फॅार्म से जूझ रहे शिखर धवन ने दोनों मैचों में भारत के लिए बड़े स्कोर की नींव रखी। शिखर की खराब फॅार्म से उनकी जगह को लेकर भी सवाल खड़े हो गए थे। ऐसे में टीम प्रबंधन का शिखर धवन पर भरोसा वाकई काबिले तारीफ है। टीम डायरेक्टर रवि शास्त्री का मानना है कि जिन लोगों को धवन पर भरोसा नहीं था उन्हें खेल की जानकारी नहीं है।

14-03-2015

धवन के साथ विराट कोहली, सुरेश रैना और अजिंक्य रहाणे ने भी मौके पर उमदा बल्लेबाजी का प्रदर्शन किया है। ऊपरी क्रम और मध्यक्रम के बल्लेबाजों के बीच अहम साझेदारियां व पॉवर प्ले के ओवर्स में बिना विकेट गंवाए रन बनाना भारत के लिए शुभ संकेत हैं। वहीं गेंदबाजों का बेहतरीन प्रदर्शन किसी चमत्कार से कम नहीं है। पाकिस्तान के खिलाफ अश्विन और फिर दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ तेज गेंदबाजों की जितनी सराहना की जाए उतनी कम है। शायद ऐसा पहली बार ही हुआ है जब भारत के  तीनों तेज गति के गेंदबाज न सिर्फ 140-145 किमी की रफतार से निरंतर गेंदबाजी कर रहे थे बल्कि सधी हुई दिशा के साथ विपक्षी टीम के बल्लेबाजों को परेशान कर पा रहे थे। इस बात का प्रमाण इसी बात से लगाया जा सकता है कि हशिम अमला और फॉफ डू प्लेसी सरीखे बल्लेबाज भारतीय तेज गेंदबाजों के आगे बेबस नजर आए।

भारत के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली कहते हैं – ‘गेंदबाजों को निरंतर तेज गति से गेंदबाजी करते देख अच्छा लगा। दूसरी टीमों के लिए यह निश्चित तौर पर कड़ा इम्तिहान होगा।’ क्षेत्ररक्षण खेल का एक अहम हिस्सा है। कभी-कभी एक नामुमकिन सा लगने वाला कैच या अचंभित करने वाला रन आउट टीम को हारा हुआ मैच भी जिता देता है। पाकिस्तान के खिलाफ उम्दा क्षेत्ररक्षण को भारत ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ भी दोहराया। इसी का नतीजा था कि दुनिया के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज ए. बी. डिविलियर्स का विकेट भारत को रनआउट के रूप में मिला जो मैच का टर्निंग प्वांइट साबित हुआ।

14-03-2015

अंग्रेजी में एक कहावत है – ‘देयर इज अॅलवेज रूम फॉर इंप्रूवमेंट’ मतलब सुधार की गुंजाइश हमेशा होती है। भारत के ये दोनों मैच एक तरह से कंप्लीट मैच ही थे यानि भारत का प्रदर्शन हर क्षेत्र में विश्वसनीय था। लेकिन फिर भी बल्लेबाजी के दौरान आखिरी 5-10 ओवर्स में भारत ज्यादा रन बनाने में नाकाम ही रहा है। इस पर भारत को विचार करने की जरूरत है।

आगे की रणनीति
भारत का क्र्वाटर फाइनल में प्रवेश लगभग पक्का है और ग्रुप के बचे 4 मैच में भारत को कुछ आसान मैच भी खेलने हैं। ऐसे में भारत को प्लेइंग इलेवन में कुछ बदलाव कर प्लेयर्स को आराम देने की जरूरत है। साथ ही कप्तान धोनी और जड़ेजा को बैटिंग ऑर्डर में उपर आकर बल्लेबाजी करनी चाहिए। यूएई और जिंबाब्वे सरीखे टीमों के खिलाफ यह संभव भी है। तेज गेंदबाजों को भरपूर आराम मिलना बेहद जरूरी है और बैंच पर बैठे खिलाडिय़ों (अंबती रायूडू, स्टूअर्ट बिन्नी, भुवनेश्वर कुमार और अक्षर पटेल) का भी लय में रहना जरूरी है।

14-03-2015

अगर भारत अपने ग्रुप में शीर्ष पर रहता है तो क्र्वाटर फाइनल में दूसरे ग्रुप की चौथे स्थान की टीम से भिड़ेगा। हालात देखते हुए श्रीलंका या फिर इंग्लैंड के साथ भारत का भिडऩा तय है। अगर ऐसा होता है तो फॉर्म और कंडीशंस को देखते हुए भारत सेमीफाइनल में पहुंच सकता है। और ऐसे में सिर्फ दो अच्छे दिन हमें फिर से विश्वविजेता बना सकते हैं। उम्मीद है भारत ऐसा प्रदर्शन और 7 मैचों में दोहरा कर तीसरी बार एकदिवसीय क्रि केट का सम्राट बने।

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