ब्रेकिंग न्यूज़ 

शबाब पर जाली नोटों का कारोबार

शबाब पर जाली नोटों का कारोबार

By संजय सिन्हा

पश्चिम बंगाल में जाली नोटों का कारोबार शबाब पर है। पिछले छह महीनों के दौरान इस तरह के दर्जनों मामले सामने आए हैं और पच्चीस से भी ज्यादा गिरफ्तारियां हो चुकी हैं, मगर कानून की कमजोरियों का लाभ उठाकर मुजरिम बड़ी आसानी से बचकर निकल जाते हैं। तीन नवंबर को तड़के भारत-बांग्लादेश सीमा से सटे दुइसातदिघी गांव से गुप्त सूचना के आधार पर बीएसएफ की 125 नंबर बटालियन के अधिकारियों ने 10 लाख 94 हजार रूपए के जाली नोट जब्त किए। साथ ही नमिता मंडल नामक महिला को भी गिरफ्तार किया। जाली नोटों को पैकेट में डालकर रखा गया था। थोड़ी सख्ती के बाद नमिता ने सारी सच्चाई बयान कर दी। दरअसल नमिता और उसका पति श्याम मंडल पिछले कई सालों से जाली नोटों के कारोबार से जुड़े हुए हैं। दीपक मंडल नामक शख्स नमिता को जाली नोट सप्लाई करता था। उसकी गिरफ्तारी के बाद दीपक दुइसातदिघी गांव से फरार हो गया।

पुलिस अधीक्षक प्रसून बनर्जी ने बताया कि भारत-बांग्लादेश सीमा से सटे होने के कारण कालियाचक एवं आसपास के इलाकों में जाली नोटों का कारोबार बड़े पैमाने पर संचालित होते रहे हैं। सूचना के आधार पर पुलिस द्वारा गिरफ्तारियां भी की जाती हैं, मगर जेल से छूटते ही वे लोग फिर से सक्रिय हो जाते हैं।

एक आंकड़े के मुताबिक बांग्लादेश के रास्ते हर रोज करोड़ों रूपए के जाली नोट भारत लाए जाते हैं और इस काम में कई गिरोह सक्रिय हैं। इसमें कुछ लोग बिचौलिये का काम करते हैं। ये लोग कुछ अफसरों को बड़ी चालाकी से मैनेज करते हैं, ताकि बेरोक-टोक जाली नोटों को दूसरे राज्यों में भेजा जा सके। कहा

जाता है कि मालदह का कालियाचक जाली नोटों के कारोबारियों की शरणस्थली है। यहां रहने वाले गरीब परिवार के लोग लालचवश तस्करों के चक्कर में पड़ जाते हैं। जानकार बताते हैं कि भारत-बांग्लादेश सीमा पर तैनात बीएसएफ के जवानों से छुपाकर जाली नोट भारत लाए जाते हैं। इसके बाद यहां से जाली नोटों को देश के दूसरे हिस्सों में एजेन्टों के मार्फत भेजे जाते हैं। नमिता मंडल भी एक गरीब महिला है, जो लालचवश तस्करों के झांसे में आ गई। तस्करी से जुड़े लोग गांववालों को मोटा कमीशन का लालच देते हैं। नमिता के अनुसार, दीपक ने लाखों रूपए के जाली नोट एक रात घर में रखने के एवज में दो हजार रूपए देने का लालच दिया था। इसके पहले भी वह नमिता और उसके पति को मोहरा बना चुका है।

13-12-2014

प्रसून बनर्जी ने बताया – ”इस इलाके में काफी गरीबी है, लिहाजा यहां के लोग पैसों के लालच में बड़ी आसानी से इस तरह के गैर-कानूनी काम करने को राजी हो जाते हैं। तीन महीने के अंदर हमने दर्जनों लोगों को गिरफ्तार किया।’’

5 नंवबर को भी बीएसएफ और पुलिस ने साझा अभियान चलाकर मालदह के वैष्णव नगर से 10 लाख रूपए के जाली नोटों के साथ हबीबुर रहमान और नसीरूद्दीन शेख को गिरफ्तार किया। हैरत की बात तो ये है कि नसीरूद्दीन नौवीं कक्षा में पढऩे वाला एक स्टूडेंट है। दरअसल बीएसएफ और पुलिस को खबर मिली कि दो युवक जाली नोटों के साथ टाउनशिप मोड़ पर खड़े हैं। ऐन वक्त पर दोनों दबोच लिए गए। दोनों किसी व्यक्ति को जाली नोट सौंपने के लिए वाहन का इंतजार कर रहे थे।

गौर करने वाली बात ये है कि बर्दवान विस्फोट मामले के बाद तमाम अंतर्राष्ट्रीय सीमाएं लगभग सील हैं, इसके बावजूद भारत-बांग्लादेश सीमा से सटे मालदह जिले में सबसे ज्यादा नोटों की तस्करी हुई। बीएसएफ के डीआईजी मालदह रेंज राज सिंह राठौर के मुताबिक, पिछले एक माह के दौरान 46 लाख के जाली नोट जब्त किए गए। उनका मानना है कि कई संगठित गिरोह इस कारोबार में लगे हुए हैं।

супермаркет класс официальный сайтсоединение ноутбука с телевизором через hdmi

Leave a Reply

Your email address will not be published.