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सीबीआई जांच से खुश शिसोर कंपनी के मालिक

सीबीआई जांच से खुश शिसोर कंपनी के मालिक

By भुवनेश्वर से हरिप्रसाद बहराते

क्राइम ब्रांच की जगह सीबीआई रिमांड पर 13 दिन रहेंगे शिसोर कंपनी के मालिक प्रशांत दास। ऐसे तो सीबीआई के नाम सुनते ही अच्छे-अच्छों के पसीना छूट जाते हैं, लेकिन ओडिशा सरकार के क्राइम ब्रांच से पिछले डेढ़ वर्षों से परेशान प्रशांत दास सीबीआई रिमांड पर भेजे जाने से बेहद खुश हैं। इसके कारण ओडिशा सरकार के सीएम से लेकर विधायकों तक के पसीने छूट रहे हैं।

ओडिशा क्राइम ब्रांच के हाथ से सीबीआई ने शिसोर ग्रुप तथा एस टीवी समाचार के  मालिक प्रशांत दास को भी अपने रिमांड पर  ले लिया है। इसी कारण आज उन्हें ओडिशा क्राइम ब्रांच ने कोर्ट में हाजिर किया और सीबीआई जज के आदेश पर उन्हें 13 दिनों के  रिमांड पर सीबीआई को सौंप दिया गया। करीब दो हजार करोड़ की कंपनी शिसोर के मालिक को पिछले वर्ष महज इस लिए गिरफ्तार कर लिया गया, क्योंकि सीएम नवीन पटनायक को हटाने के लिए सांसद प्यारी मोहन महापात्रा द्वारा किये गए प्रयासों में वे भी एक प्रमुख सहयोगी थे।

नवीन पटनायक के हाथ से सत्ता हासिल करने की कोशिश करने वाले सांसद प्यारी मोहन महापात्रा के कहने के कारण, ओडिशा सरकार के साथ मिलकर सिशोर कंपनी ने 50 करोड़ के इन्श्योरेंस करने से लेकर अधिकांश सरकारी कामों को भी हासिल कर लिया था। सब कुछ ठीक-ठाक होते हुए भी प्रशांत दास को क्राइम ब्रांच अपने कब्जे में रखा था एवं उन्हें परेशान कर रहा था। लेकिन, अदालत के आदेश के कारण अब यह मामला सीबीआई को सौंप दिए जाने के बाद नवीन पटनायक की मुसीबतें बढ़ गयी हैं। क्योंकि शिसोर के टीवी चैनल के उद्घाटन से लेकर सभी ऑफिस उद्घाटन में स्वयं नवीन पटनायक एवं उनके मंत्री, सांसद और विधायक उपस्थित रहते थे। अगर प्रशांत दास चाहें तो सीएम से लेकर आधा मंत्रीमंडल एवं उन्हें सहयोग करने वाले कई सांसद एवं विधायकों को भी जेल जाना पड़ सकता है। इससे बचने के लिए नवीन पटनायक दिल्ली जाकर 6 दिन तक प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मिलने की कोशिश की थी, लेकिन मोदी उनसे नहीं मिले। भुवनेश्वर वापस आने के बाद इसी कारण नवीन पटनायक ने सीबीआई के कामों पर संदेह भी जताया था। शायद बीजू जनता दल की मुसीबतें अब बढ़ जाएं।

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