ब्रेकिंग न्यूज़ 

एक पत्रकार की नजर में सत्ता

एक पत्रकार की नजर में सत्ता

अखबार का पत्रकार दैनिक रूप से चीजों को देखता और समझता है। पत्रकार समाज में होने वाली हर एक घटनाओं पर नजर रखता है और उसको अपने कलम के माध्यम से समाज के पास भेजता है। उसका लिखा समाज के सोच-विचार का ईंधन है और यही तो समाज का निर्माण करता है। यानी, खबर और उसकी समीक्षा किसी भी जीते-जागते समाज को सोचने और समझने का रास्ता सुझाती है। एक अखबार खबर, विज्ञापन और विचारों का कोलाज होता है। उसमें छपे विचारों और खबरों को संचयित रूप दिया जाता रहा है।

26

उसे खास  संदर्भों में ऐतिहासिक छुअन के साथ संकलित करना आने वाले वक्त के लिए अक्सर फादेयमंद रहता है। हिन्दी दैनिक जनसत्ता के बेबाक बोल स्तम्भ में छपे मुकेश भारद्वाज के लेख 2014 के लोकसभा चुनावों के बाद के बदले भारत पर जल्दी में किये गये शोध की तरह है। यह किताब के रूप में संकलित होकर उन शोधार्थियों के काम का हो सकता है जो भरपूर समय और समझ के साथ राज और समाज को पहचानने की कोशिश करता है। अखबार की खबरों और विज्ञापनों के बीच कुलबुलाते विचारों को एक किताब में सुरक्षित रखने की कोशिश है ‘सत्ता का सत्य’।

उदय इंडिया ब्यूरो

Leave a Reply

Your email address will not be published.