ब्रेकिंग न्यूज़ 

सौ दिन में नागरिक ‘रोटी’ से हटकर ‘राष्ट्र’ के बारे में सोचने लगे

सौ दिन में नागरिक ‘रोटी’ से हटकर ‘राष्ट्र’ के बारे में सोचने लगे

सवाल सौ दिन का नहीं है। सवाल है सरकार की नियत का। मोदी सरकार-2 के सौ दिन में वह निर्णय हुआ, जिसके बारे में कहा जा रहा है कि भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरु की गलती को 70 साल बाद किसी ने ठीक करने की हिम्मत जुटाई तो भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने। धारा 370 संविधान में अस्थायी था। उस अस्थायी को हटाने का साहस मोदी सरकार-2 में दिखाकर भारत माता का मस्तक विश्व में ऊंचा किया। वहीं देश हित में चलने वाली मोदी सरकार ‘वोट’ की राजनीति नहीं बल्कि ‘राष्ट्र’ की राजनीति करती है, इसका सन्देश पूरे विश्व को दिया।

नरेंद्र मोदी सरकार-2 के सौ दिन ने 5 अगस्त 2019 को 15 अगस्त 1947 जैसा बना दिया। भारत के गृहमंत्री अमित शाह ने राज्यसभा में जैसे ही धारा 370 को निष्प्रभावी करने का संकल्प लाये, वैसे ही संपूर्ण भारत रोमांचित हो उठा। भारत माता स्वयं आह्लादित होकर नरेंद्र मोदी और अमित शाह पर फूलों की वर्षा करने लगी। सौ दिन में ऐसे साहसिक निर्णय लेने वाले प्रधानमंत्री, गृहमंत्री और उनके मंत्रिमंडल को पूरा देश प्रणाम करता है। इस निर्णय से सौ दिन में यह बात स्वत: देश के सामने आ गई कि देश के 130 करोड़ नागरिक अब परिपक्व हो चुके है। वे समझते हैं  कि सरकार का यह निर्णय ऐतिहासिक ही नहीं बल्कि भारत की अखंडता को मजबूत करने की दिशा में उठाया गया देर से सही पर दुरुस्त कदम था। देश में अब ‘एक विधान, एक निशान’ पूरी तरह कारगर हो गया।

जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में विकास के एक नए युग की शुरुआत

नरेंद्र मोदी सरकार-2 के गठन के 10 सप्ताह के अन्दर ही अनुच्छेद 370 और 35ए  को निष्प्रभावी  किया गया। जो कार्य पिछले 70 वर्षों में नहीं किया जा सका, उसे 70 दिनों के अन्दर पूरा किया गया। दशकों के परिवारवाद ने जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के युवाओं को नेतृत्व का अवसर ही नहीं दिया। वहां के नौजवान, बहन-बेटियां अपने क्षेत्र के विकास की कमान अब खुद संभालेंगे। अब ये युवा जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के विकास का नेतृत्व करेंगे और उसे नई उंचाईयों तक ले जाएंगे।

आतंकवाद को जड़ से समाप्त करने के लिए यूएपीए कानून में संशोधन

नरेंद्र मोदी सरकार-2 ने आतंकवाद पर लगाम कसने के लिए अपने पहले संसद  सत्र में ही यूएपीए यानी गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम (संशोधन) विधेयक-2019 को संसद से पारित करवाया। नया यूएपीए कानून आतंकी गतिविधियों में लिप्त या उसे प्रोत्साहित करते मिले किसी व्यक्ति को आतंकी घोषित करने का अधिकार देता है। हाल ही में यूएपीए कानून के तहत सरकार ने मोस्ट वांटेड दाऊद इब्राहिम, हाफिज सईद, मौलाना मसूद अजहर और जकीउर रहमान लखवी को आतंकी घोषित किया है।

तीन तलाक की रूढि़वादी और अन्यायी प्रथा की समाप्ति

नरेंद्र मोदी सरकार-2 में मुस्लिम महिलाओं को तीन तलाक से मुक्ति दिलाने के लिए निर्णायक कदम उठाया गया। वैसे सरकार के पहले कार्यकाल से ही यह प्रमुख एजेंडे में शामिल था, लेकिन राज्यसभा में बहुमत नहीं होने के कारण विधेयक पारित नहीं हो पाया। सरकार ने अपने पहले सत्र में तीन तलाक पर पाबंदी के लिए ‘मुस्लिम महिला विवाह अधिकार संरक्षण विधेयक-2019’ को लोकसभा और राज्यसभा से पारित कराया। इस तरह से एक अगस्त से तीन तलाक देना कानूनन जुर्म बन गया। नरेंद्र मोदी सरकार-2 की यह बहुत बड़ी उपलब्धि है क्योंकि सरकार ने मुस्लिम महिलाओं के लिए बहुप्रतीक्षित न्याय को सुनिश्चित किया है।

3

जल शक्ति मंत्रालय गठन और जल जीवन मिशन की शुरुआत

नरेंद्र मोदी सरकार-2 गठन के तत्काल बाद जल संकट की चुनौतियों से निपटने के लिए एक नया और समर्पित जल शक्ति मंत्रालय बनाया गया है। यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण बात है की आजादी के 70 साल बाद भी देश के बहुत से  लोगों तक पानी की पहुंच नहीं है। ‘जल जीवन मिशन’ पर बड़ी दृढ़ता  के साथ काम में प्रगति की जा रही है। इस मिशन के लिए 3.5 लाख करोड़ रूपए की आबंटन राशि लागू की गई है। जल संरक्षण एक जनांदोलन बन रहा है।

किसानों के लिए 14 सूत्रीय रोडमैप की घोषणा

भारतीय जनता पार्टी ने चुनाव के समय किसानों को पेंशन देने, उनकी आय दोगुनी करने और उनकी फसल का उचित मूल्य दिलाने का वादा किया था। वादे को नरेंद्र मोदी सरकार-2 ने अपने पहले 100 दिन में लगभग पूरा कर दिया है। शपथ ग्रहण के बाद  सरकार की पहली कैबिनेट की बैठक में देश के सभी किसानों को पेंशन देने के लिए किसान सम्मान योजना को मंजूरी दी गई। इस योजना के तहत देश के 15 करोड़ से अधिक किसानों के खाते में 6000 हजार रुपए दिए जाएंगे। इसके साथ ही किसानों की  आय दोगुनी करने के लिए 14 सूत्रीय रोडमैप पर भी काम शुरु कर दिया गया है।

देश के 3 करोड़ से अधिक खुदरा व्यापारियों को पेंशन देने का निर्णय

चुनावी वायदे के अनुसार, नरेंद्र मोदी सरकार-2 ने अपनी पहली कैबिनेट बैठक में छोटे व्यापरियों के लिए पेंशन योजना को मंजूरी दी। इस योजना के देश के करीब 3 करोड़ खुदरा व्यापारियों को 60 साल की उम्र के बाद 3000 हजार रुपए हर महीने पेंशन मिलेगी। इस योजना की घोषणा मोदी सरकार ने अपने अंतरिम बजट में की थी।

5

आधुनिक बुनियादी ढांचे के विकास के लिए 100 लाख करोड़ रूपए निवेश का निर्णय

2014 से लेकर 2019 तक का का समय लोगों की जरूरतों को पूरा करने  का था लेकिन 2019 के बाद का समय देश के लोगों की आकांक्षाओं को पंख देने का है। अगले पांच वर्षों के लिए आधुनिक बुनियादी ढांचे के विकास के लिए 100 लाख करोड़ रूपये का निर्धारण किया गया है जो कि जीवन स्तर में सुधार लाने के अलावा नए रोजगार के अवसर पैदा करेगा।

भारत को 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य

नरेंद्र मोदी सरकार-2 पहले बजट में भारत को 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था  बनाने की बात की गई है। आजादी के 70 सालों में देश 2 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बना, लेकिन पिछले 5 वर्षों में नरेंद्र मोदी सरकार ने इसे 3 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाया है और अब 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाये जाने की बात की जा रही है। सरकार ने इसका पूरा रोडमैप देश के समक्ष रखा गया है। इसके लिए अवसंरचना और निवेश पर जोर देने की बात की गई है। अवसंरचना के लिए अगले पांच वर्षों में 100 करोड़ निवेश किये जाने की योजना बनाई गई है। यह निवेश रेलवे, सड़क, ऊर्जा, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में किया जाना है। इससे देश में बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे। निवेश जुटाने और रोजगार के नए अवसर तैयार करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इन दोनों महत्वपूर्ण मुद्दों से निपटने के लिए दो अलग-अलग मंत्रिमंडल समितियां भी गठित की हैं।

जीवनयापन की सरलता को प्राथमिकता

जीवनयापन की सरलता स्वतंत्र भारत की आवश्यकता है। नरेंद्र मोदी सरकार-2 ने निर्णय लिया है की आने वाले समय में गांवों में 1.5 लाख कल्याण केंद्र बनाए जायेंगे। तीन लोकसभा क्षेत्रों के अंतर्गत एक मेडिकल कॉलेज, दो करोड़ गरीब लोगों के लिए घर, 15 करोड़ ग्रामीण घरों में पानी की आपूर्ति और ग्रामीण क्षेत्रों 1.25 लाख किलोमीटर सड़कों का निर्माण किया जाएगा।

रक्षा बलों के बीच समन्वय को मजबूत करने के लिए सीडीएस के गठन का निर्णय

रक्षा बलों के बीच समन्वय को मजबूत करने के लिए एक चीफ ऑफ डिफेन्स स्टाफ – सीडीएस के गठन निर्णय लिया गया है। यह निर्णय हमारे सुरक्षा बलों को और अधिक प्रभावी बनाएगा।

चिकित्सा शिक्षा एवं सेवा में क्रांतिकारी सुधार

नरेंद्र मोदी सरकार-2 द्वारा चिकित्सा सेवा में सुधार के लिए चिकित्सा शिक्षा में सुधार  पर जोर दिया गया है। भारतीय चिकित्सा परिषद (संशोधन) विधेयक 2019 संसद इसी उद्देश्य पारित कराया गया। सरकार के इस कदम से देश में चिकित्सा शिक्षा के संचालन में पारदर्शिता आएगी। 2019-20 के शैक्षणिक सत्र में सरकारी मेडिकल कॉलेजों में सीटों में रिकॉर्ड बढ़ोतरी हुयी है। 25 नए मेडिकल  कॉलेजों में 2,750 सीटें बढ़ी है। सरकार ने 75 नए मेडिकल कॉलेज बनाने की  घोषणा की है।

बैंकों के विलय का साहसिक निर्णय

नरेंद्र मोदी सरकार-2 ने देश में आर्थिक सुधार की दिशा में कई अहम कदम उठाए हैं। सरकार ने दस सरकारी बैंकों के विलय करके चार बड़े बैंक बनाने का निर्णय किया है। ओरियंटल बैंक ऑफ कॉमर्स और यूनाइटेड बैंक का पंजाब नेशनल बैंक में विलय किया गया। सिंडिकेट बैंक को केनरा बैंक और इलाहाबाद बैंक को इंडियन बैंक में मिलाया गया। आंध्रा बैंक और कॉरपोरेशन बैंक को यूनियन बैंक ऑफ इंडिया से जोडऩे का निर्णय किया हैं। इस विलय से बैंकों के बढ़ते एनपीए से राहत मिलेगी, साथ ही देश के नागरिकों को बेहतर बैंकिंग सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी।

भारतवंशियों की चिंता

भारतीय पासपोर्ट रखने वाले अनिवासी भारतीयों (एनआरआई) को भारत पहुंचने पर आधार कार्ड जारी किया जाएगा। इसके लिए 180 दिन इंतजार की अनिवार्यता समाप्त की जा रही है।

प्लास्टिक मुक्त भारत का अभियान

नरेंद्र मोदी सरकार-2 ने  पहले सौ दिन में लाल किले की प्राचीर से दिए अपने भाषण में देश को प्लास्टिक मुक्त बनाने का फैसला किया। प्रधानमंत्री  ने अपने भाषण में लोगों से प्लास्टिक बैग का इस्तेमाल नहीं करने और इससे दूर रहने का आग्रह किया है। सरकार ने देश में 2 अक्टूबर गांधी जी की जयंती से सिंगल यूज प्लास्टिक पर रोक लगाने का फैसला किया है।

फिट इंडिया मिशन

नरेंद्र मोदी सरकार-2 देश की जनता को फिट रखने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। प्रधानमंत्री ने 29 अगस्त  को खेल दिवस के अवसर पर ‘फिट इंडिया मिशन’ की शुरूआत की। इसके तहत स्कूल, कॉलेज, जिला, ब्लॉक स्तर पर इस मूवमेंट को मिशन की तरह चलाया जाएगा। फिट इंडिया अभियान को सफल बनाने के लिए केंद्र सरकार के खेल मंत्रालय, मानव संसाधन विकास मंत्रालय, पंचायती राज और ग्रामीण विकास जैसे मंत्रालय आपसी तालमेल से काम करेंगे और इसकी रूपरेखा तैयार करेंगे।

1952 के बाद संसद में रिकार्ड सबसे अधिक काम

नरेंद्र मोदी सरकार-2 और सत्रहवीं लोकसभा के पहले सत्र में कुल 37 बैठकें हुईं और जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 की अधिकतर धाराओं को हटाने एवं राज्य को दो केंद्रशासित प्रदेशों में बांटने के संकल्प और विधेयक तथा तीन तलाक विरोधी विधेयक सहित कुल 36 विधेयक पारित हुए। यह 1952 से लेकर अब तक का सबसे सफल और  स्वर्णिम सत्र रहा है। 1952 के बाद यह पहला मौका है जब 37 बैठकों के बावजूद एक दिन भी कार्यवाही की रत्ती भर के व्यवधान के बिना चली। सदन में प्रतिदन औसतन 8 घंटे काम हुआ। कुल 37 बैठकों में 280 घंटे कार्यवाही के साथ चली। कार्यवाही देर रात तक चली। लोकसभा के इतिहास में पहली बार देर रात 11 बजे तक लोक महत्व के विषय पर सांसदों को बोलने का अवसर दिया गया।

7  विदेशी दौरे : विश्व में भारत की साख और धाख बढ़ी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने दूसरे कार्यकाल के आरंभिक सौ दिन में सात देशों के महत्वपूर्ण दौरे किए। सबसे पहले मालदीव का दौरा किया। मालदीव दौरे का मुख्य उद्देश्य नेबरहुड फस्र्ट पॉलिसी के तहत भारत के संबंधों को और मजबूत करना था। मालदीव के बाद 9 जून को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी श्रीलंका पहुंचे। 16 अगस्त को प्रधानमंत्री फिर भूटान गए। 22 अगस्त को फ्रांस के दौरे पर गए। फ्रांस में वह जी-7 सम्मेलन में शामिल हुए। उन्होंने फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रॉ और प्रधानमंत्री फिलिप के साथ द्विपक्षीय संबंधों पर बातचीत की। 23 और 24 अगस्त के बीच संयुक्त अरब अमीरात के दौरे पर रहे। वहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को यूएई का सर्वोच्च ‘ऑर्डर ऑफ जायेद’ सम्मान दिया गया। 24-25 अगस्त को बहरीन का दौरा किया। किसी भी भारतीय प्रधानमंत्री का यह पहला बहरीन दौरा था। उन्हें बहरीन का ‘द किंग हमाद ऑर्डर ऑफ द रेनेसां’ सम्मान भी दिया गया। 4 सितंबर को प्रधानमंत्री भारत के सबसे विश्वस्त और पुराने मित्र राष्ट्र रूस पहुंचे। रूस में आयोजित ईस्टर्न इकोनोमिक फोरम की बैठक में हिस्सा लेते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र  मोदी ने फोरम के सदस्यों से कहा कि 2024 तक भारत आर्थिक महाशक्ति बनेगा। रूस ने भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘द ऑर्डर ऑफ सेंट एंड्रयू द एपोस्टल’ से सम्मानित किया। यह भारत के लिए और भारत के 130 करोड़ जनता के लिए गौरव की बात है।

नरेंद्र मोदी सरकार-2 में एक भी दिन ऐसा नहीं था जो साहसिक निर्णय से न जुड़ा हो।  जिस भाजपा को कांग्रेस सदैव साम्प्रदायिक पार्टी कहती रही, उसी भाजपा ने ही तीन तलाक को समाप्त कर भारत की 11 करोड़ से अधिक मुस्लिम महिलाओं की जिंदगी में एक नया सवेरा लाने की कोशिश की। मुस्लिम इतिहास के इस तीन तलाक रुपी काले पन्ने को फाड़कर फेंकने का जो काम नरेंद्र मोदी सरकार-2 ने किया, उससे विश्व में यह  सन्देश गया कि भारत की भाजपा सरकार मुस्लिम विरोधी नहीं है। आज कांग्रेस इस बात से घबराई हुई है की आखिर मुस्लिमों में भाजपा ने इस तीन तलाक को समाप्त कर अपना स्थान अनेक दिलों में बनाया है ।

‘नरेंद्र मोदी’ देश में यह सन्देश देने में सफल हो रहे हैं कि एक व्यक्ति की नीयत यदि ठीक हो, तो वह हर पल का उपयोग कैसे कर सकता है। वे अपनी कार्य कुशलता से हर भारतीय के मन में अपना स्थान बना रहे हैं। वे पहले ऐसे भारतीय प्रधानमंत्री है, जिनके बारे में हर भारतीय यह कहता है कि मोदीजी परिश्रम की पराकाष्ठा करते हैं। वे भाजपा के बारे में नहीं बल्कि भारत के बारे में सोचते हैं। यही कारण है कि भारत का हर नागरिक आज स्वत: भाजपा के बारे में भी सोचने लगा है। भारत के लिए जो काम करेगा, भारत उसके साथ रहेगा। यही कारण है कि पूरा भारत आज नरेंद्र मोदी पर गर्व करता है।

आजादी के पहले भारत का प्रत्येक नागरिक भारत की आजादी और अपने राष्ट्र के बारे में सोचता था। आजादी के बाद इसमें कमी आई है। आंखों से भारत माता ओझल होने लगी। राष्ट्र छोटा और रोटी बड़ी होने लगी। स्वयं की चिंता में नागरिक डूबने लगे। पर पिछले 6 वर्षों  में पूरे भारत में एक बदलाव आ रहा है। अब लोग पुन: आजादी के दौरान वाली भारतीयता के करीब पहुंचने का प्रयास कर रहे हैं। यह बदलाव सामान्य नहीं है। यह सतत चलते रहना चाहिए। भारत पहले, हम बाद में। इस भावना के जागृत होने से हम पुन: एक बार विश्व गुरु बनने की दिशा में अपने कदम बढ़ा सकते है।

सौ दिन की बानगी में भारत का भविष्य दिखता है। एक बात तो  स्पष्ट है कि अब सिर्फ राजनीतिक दल या राजनेतागण या फिर सरकार ही नहीं भारत की चिंता करना शुरू कर दिया है, बल्कि पूरा देश अब अपनी आंखों के सामने पहले भारतमाता और भारत की ओर देखता है। सरकार की सफलता तो यही होती है कि वह अपने पीछे पूरे समाज और राष्ट्र को खड़ा कर ले। आज यह कहने में कोई संकोच नहीं कि वर्तमान की एनडीए सरकार  के पीछे, जिनके प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी है, सारा भारत खड़ा है। सरकार के बढ़ते कदम, भारत के बढ़ते कदम हो रहे हैं। वर्तमान में विपक्ष भी बौरा गया है। उसकी समझ में नहीं आ रहा है वह करे तो क्या करे। जब सरकार के कदमों से विपक्ष अपनी भूमिका भूल जाए तो समझ लेना चाहिए कि सरकार सही दिशा में और नई दिशा में बढ़ रही है। इसमें कोई दो मत नहीं है कि ‘नरेंद्र मोदी’ हर भारतीय के लिए, चाहे भारत में रहता हो या विदेश में, सभी के लिए ‘गौरव’ बन चुके हैं।

प्रभात झा

(लेखक सांसद (राज्यसभा) एवं भाजपा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हैं)

Leave a Reply

Your email address will not be published.