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एक तन्मय और विस्तृत आत्मकथा

एक तन्मय और विस्तृत आत्मकथा

करण जौहर सफलता, बेबाकीपन, हाजिरजवाबी और बेधड़क बोलने के पर्याय बन चुके हैं, जिससे कभी-कभी न चाहते हुए भी विवाद खड़ा हो जाता है और सुर्खियां बन जाती हैं। केजो, जिस नाम से वे मशहूर हैं, एक चहेते बॉलीवुड फिल्म निर्देशक, निर्माता और एक्टर होने के साथ ही नई प्रतिभा की खोज के लिए जाने जाते हैं। अपनी मशहूर कंपनी धर्मा प्रोडक्शंस के जरिए, उन्होंने लगातार नए मानक बनाए और फिर से लिखे गए नियमों को चुनौती दी, और अपने ही ट्रेंड तय किए। लेकिन हम जिस हस्ती को जानते हैं, उसे प्रेरित करने वाला कौन है?

करण जौहर हिंदी फिल्म इंडस्ट्री के शीर्ष निर्देशकों, निर्माताओं और लेखकों में से एक हैं। सन् 1976 में धर्मा प्रोडक्शंस की शुरुआत करने वाले बेहद सम्मानित फिल्म निर्माता यश जौहर के पुत्र, करण ने सन् 2004 में अपने पिता की मृत्यु के बाद उनकी विरासत को आगे बढ़ाया। वह एक पुरस्कृत निर्देशक हैं, जिन्होंने ‘दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे’ (1995) के सेट पर फिल्म निर्माता आदित्य चोपड़ा के असिस्टेंट के तौर पर कॅरियर की शुरुआत की। बतौर निर्देशक, करण की पहली फिल्म थी ‘कुछ कुछ होता है’ (1998), जो ब्लॉकबस्टर साबित हुई। उन्होंने छह बड़ी फिल्मों का निर्देशन किया और बीस से ज्यादा फिल्में बनाईं। सभी में बॉलीवुड के बड़े-बड़े स्टार शामिल थे। बहुमुखी प्रतिभा के धनी करण भारत के सबसे अधिक देखे जाने वाले सेलिब्रिटी चैट शो ‘कॉफी विद करण’ को भी होस्ट करते हैं। उन्होंने फैशन डिजाइन में भी हाथ आजमाया, और ‘दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे’, ‘मोहब्बतें’ तथा ‘दिल तो पागल है’ जैसी लोकप्रिय फिल्मों के लिए कॉस्ट्यूम तक डिजाइन किए। फिल्म ‘बिरादरी’ में बेहद लोकप्रिय और पसंद किए जाने वाले करण को इंडस्ट्री के प्रवक्ता के रूप में देखा जाता है। सन् 2007 में उन्हें विश्व आर्थिक फोरम की ओर से 250 ग्लोबल यंग लीडर्स में से एक चुना गया था।

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पहली बार अपनी आत्मकथा में सबकुछ खुलकर कह देने वाले, केजो अपने बचपन की यादों को ताजा करते हैं, अपनी सिंधी मां और पंजाबी पिता का प्रभाव, बॉलीवुड को लेकर उनके अंदर का जुनून, फिल्मों में उनका आना, आदित्य चोपड़ा, शाहरुख खान और काजोल के साथ उनकी दोस्ती, उनकी लव-लाइफ, और भी बहुत कुछ…। अपने चिरपरिचित बेबाक अंदाज में वह भारतीय सिनेमा की पल-पल बदलती तस्वीर, चुनौतियों और सबक, तथा दोस्ती के साथ ही इंडस्ट्री में प्रतिद्वंद्विता के बारे में बात करते हैं। ईमानदार, दिल को छूने और गहरी बातें बताने वाली यह पुस्तक ‘एक अनोखा लड़का’ अपनी क्षमताओं के चरम पर मौजूद एक असाधारण फिल्म निर्माता और उतने ही असाधारण इनसान की कहानी है, जो आपको दिखाते हैं कि कैसे जिएं और सफल बनें। यह पुस्तक करण जौहर  का फिल्मों के प्रति उनके जूनून को प्रदर्शित करती है। अंत में यह पुस्तक ईमानदार, निर्णायक एवं सम्मोहक है जोकि बॉलीवुड के चमकदार वैभव और विविध रंग को प्रस्तुत करती है।

उदय इंडिया ब्यूरो

 

 

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