ब्रेकिंग न्यूज़

21वीं सदी को कैसे जिएं

21वीं सदी को कैसे जिएं

युवाल नोआ हरारी ने ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय से इतिहास में पीएच डी की उपाधि प्राप्त की है और विश्व इतिहास में विशेज्ञता हासिल करने के बाद वे हिब्रू विश्वविद्यालय, यरूशलम में अध्यापन करते हैं। उनकी दो पुस्तकें सेपियन्स-अ ब्रीफ हिस्ट्री ऑफ ह्यूमनकाइंड और होमो डेयस -अ ब्रीफ हिस्ट्री ऑफ टुमारो अंतराष्ट्रीय स्तर पर चर्चित हो चुकी हैं। युवाल लिखते है कि हम स्वयं को परमाणु युद्ध, परिस्थितिकीय विनाश और प्रौद्योगिकीय विध्वंस से कैसे बचा सकते हैं। झूठी खबरों की महामारी या आतंकवाद के खतरे के बारे में हम क्या कर सकते हैं। हमें अपने बच्चों को क्या शिक्षा देनी चाहिए।

37

युवाल नोआ हरारी हमें वर्तमान के अति महत्वपूर्ण मुद्दों की रोमांचक यात्रा पर ले जाते हैं।  वह लिखते हैं कि हम मनुष्यों ने काल्पनिक किस्सों को गढऩे और उन पर विश्वास करने की अपनी काबिलियत के बूते दुलिया को जीत लिया है। इसलिए हम विशेष रूप से कल्पना और वास्तविकता के बीच के फर्क को समझने के मामले में बुरे हैं। वह लिखते है कि निरन्तर भ्रम उत्पन्न करने वाले परिवर्तन के इस दौर में हम अपनी सामूहिक और व्यक्तिगत एकाग्रता को कैसे बरकरार रखें, यह चुनौती ही रोमांच और उमंग पैदा करने वाली यह 21वीं सदी के लिए 21 सबक नामक पुस्तक का मूल बिंदु है।

उदय इंडिया ब्यूरो

Leave a Reply

Your email address will not be published.