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परीक्षा के दिन क्या करें

परीक्षा के दिन क्या करें

विद्यार्थियों के जीवन में परीक्षा का दिन काफी भय और उलझन का होता है। परीक्षा की काफी अच्छी तैयारी के बावजूद एक छात्र के लिए  यह दिन तनाव से भरा होता है। सच पूछें तो एक छात्र के जीवन में परीक्षा की चिंता स्वाभाविक है और इस कठिन राह से गुजर करके ही वह उत्कृष्टता को प्राप्त कर पाता है। किन्तु इन सब चीजों से परे परीक्षा के दिन एक छात्र की अपनी तैयारी और एग्जामिनेशन हॉल में प्रश्नों के उत्तर देने के तरीके परीक्षा के परिणाम को काफी महती ढंग से प्रभावित करते हैं।

इसीलिए इस दिन एक छात्र को परीक्षा हॉल के बाहर और अन्दर निम्न बातों का अनिवार्य रूप से ध्यान रखना चाहिए :-

  • सबसे पहले तो मानसिक रूप से शांत रहें और धैर्य रखें। परीक्षा के दिन प्राय: स्टूडेंट्स काफी डरे हुए होते हैं। किन्तु इससे परिस्थिति और भी बदतर हो सकती है। इसीलिए खुद पर विश्वास रखें और धैर्य से काम लें।
  • परीक्षा के दिन परीक्षा केंद्र के लिए घर से समय पर प्रस्थान करें ताकि ट्रैफिक व्यस्तता से बचे रहें और समय पर परीक्षा केंद्र पर पहुंच पायें।
  • परीक्षा केंद्र के लिए निकलने से पूर्व नाश्ता अवश्य करें। भूखे पेट परीक्षा देने कदापि नहीं जाएं।
  • घर से निकलने के पूर्व यह सुनिश्चित कर लें कि आप अपने साथ एडमिट कार्ड या हॉल टिकट ले लिया है। आपके पास अच्छी क्वालिटी के दो-तीन पेन, पेंसिल, राइटिंग पैड और स्केल अवश्य हों।
  • मोबाइल, कैलकुलेटर, इलेक्ट्रॉनिक वाच और परीक्षा में वर्जित अन्य डिजिटल डिवाइसेज अपने पास बिल्कुल नहीं रखें।
  • एग्जामिनेशन हॉल में परीक्षा शुरू होने का इंतजार करते समय गहरी सांस लें ताकि आपको कोई घबराहट नहीं हो।
  • उतर पुस्तिका के मिलने के बाद सबसे ऊपर वाली पेज पर आवश्यक जानकारियों को सावधानी से भरें। इन सूचनाओं को साफ-साफ और स्पष्ट लिखावट में भरें। किसी भी कन्फ्यूजन की स्थिति में आप अपने रूम के इन्विजिलेटर से मदद ले सकते हैं।
  • प्रश्नों के उत्तर लिखने के पूर्व प्रशन पत्र और उतर पुस्तिका पर दिये गए निर्देशों को ध्यानपूर्वक पढ़ें।

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  • प्रश्नों के पढने के लिए दिए गए 15 मिनट के अतिरिक्त समय का सोच-समझ कर उपयोग करें। इस समय का इस्तेमाल प्रश्नों को सटीक ढंग से समझने के लिए करें।
  • प्रश्नों को बड़े ध्यान से पढ़ें क्योंकि सभी प्रश्न डायरेक्ट उत्तर वाले नहीं होते हैं। कुछ प्रश्न ट्विस्ट वाले होते हैं और उनके उत्तर सोच-समझकर देनी होती है।
  • प्रश्नों के उत्तर क्रम में अर्थात सीक्वेंस में दें। वैसे यह कोई कठोर नियम नहीं है लेकिन ऐसा करने से परीक्षकों को उत्तर पुस्तिका के मूल्यांकन करने में आसानी होती है।
  • कठिन प्रश्नों के उत्तर देने में अपना बहुमूल्य समय जाया नहीं करें। इन प्रश्नों के उत्तर देने की कोशिश बाद में करें जब आपके पास अतिरिक्त समय बचा हुआ हो।
  • प्रश्नों के उत्तर पॉइंट्स में और पैराग्राफ में दें। प्रत्येक पैराग्राफ में कंटेंट और पॉइंट्स नए होने चाहिए।
  • उत्तर देने में शब्द सीमा का ध्यान रखें। लेकिन उत्तर की स्पष्टता के लिए शब्द सीमा से बाहर जाकर उत्तर लिखने में कोई नुकसान नहीं होता है।
  • प्रश्नों की संख्या को सही ढंग से लिखें। सम्भव हो तो प्रश्न संख्या को घेर दें। प्रत्येक प्रश्न के उत्तर लिखने के बाद उसके नीचे स्केल से एक लाइन खींच दें। तभी अगले प्रश्न का उत्तर लिखना प्रारम्भ करें।
  • दो प्रश्नों के उत्तर के मध्य गैप जरुर रखें। ऐसा नहीं करने पर दो प्रश्नों के उत्तर को केवल एक प्रश्न के उत्तर के रूप में मूल्यांकित कर लेने का खतरा बना रहता है।
  • नुमेरिकल प्रश्नों के उत्तर स्टेप्स में दें। संख्याएं स्पष्ट और ठीक-ठीक लिखें।

आशय यही है कि यदि आप परीक्षा के दिन खुद पर विश्वास रखते हुए धैर्य के साथ प्रश्नों के उत्तर को लिखते हैं और परीक्षा हॉल के अन्दर सभी निर्देशों का धार्मिक रूप से पालन करते हैं तो मनचाही सफलता पाने में कोई संदेह नहीं रह जाता है।

श्रीप्रकाश शर्मा

(लेखक प्राचार्य, जवाहर नवोदय विद्यालय, मामित, मिजोरम, हैं)

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