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मोदी की अमेरिका दौरे की तैयारी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने पहले 6 दिवसीय अमेरिका दौरे के लिए रवाना हो गए हैं। मोदी अमेरिका में राष्ट्रपति बराक ओबामा और बाकी उद्योगपतियों के साथ अपनी मुलाकात के लिए खासतौर पर डिजाइन किये हुए कपड़े साथ ले गए हैं। राजनीतिक दबावों के बीच यह अलग तरह के हथियारों का जखीरा है। टाइम मैगजीन ने पहले ही नरेंद्र मोदी को मिशेल ओबामा से भी बढिय़ा फैशन आइकॉन घोषित कर दिया है। इस बात का ख्याल रखते हुए उन्होंने ऐसी तैयारी की है। उन्हें बराक ओबामा, बिल और हिलेरी क्लिंटन, उद्योगपतियों से मुलाकात के साथ-साथ मेडीसन स्क्वॉयर में भारतीयों के जमावड़े को भी सम्बोधित करना है। जाहिर है  ऐसे मौकों पर क्या पहनना है यह मोदी जी सोच रखे होंगे। उनकी बंडी, छोटी बांह वाले कुर्ते पहले ही फैशन में आ चुके हैं। अधिकतर दुकाने मोदी बंडी और कुर्ते को रखने लगे हैं। मुंबई के एक बड़े डिजाइनर ट्रॉय कोस्टा को मोदी के अमेरिकी दौरे के लिए कपड़े तैयार करने की जिम्मेदारी दी गयी है। ट्रॉय कोस्टा, जोकि बॉलीवुड सितारों के कपड़े डिजाइन करने के लिए जाने जाते हैं, को अनुबंधित करने से इस अंदेशे को भी बल मिलता है कि मोदी अमेरिका यात्रा के दौरान सूट और टाई का प्रयोग करेंगे। मोदी पहले भी पश्चिमी स्टेटसन  टोपी पहनते रहे हैं।जनरल करिअप्पा ने एक बार कहा था की जितने फटेहाल कपड़े आप पहनते हैं, उतने बड़े देशभक्त माने जाते ह़ै। थोड़ा बढ़ा-चढ़ा कर कही गई बात है, लेकिन  यह भी सत्य है की नेहरू, मौलाना आजाद, रफी अहमद जैसे नेताओ को छोड़कर अधिकतर नेताओं ने अपने कपड़ों का ध्यान नहीं रखा। बहरहाल फैशन उद्योग इस बात से खुश है कि 64 वर्षीय मोदी ने राजनीतिक पहनावे की परिभाषा बदल दी है। उनके बंडी और कुर्तों के अलावा, रंगो का चुनाव उन्हें भीड़ से अलग करता है। लेकिन, कुछ किताबें लिखने वाले नीलांजन मुखोपाध्याय कहते हैं कि मोदी के पारम्परिक वस्त्रों के प्रति प्रेम उनकी राष्ट्रवादी छवि से मेल खाती है। अब देखना यह है कि इस तैयारी के साथ मोदी अमेरिका में कितने सफल होते हैं।

बुरे फंसे नेताजी

राजस्थान में हाल ही में हुए उपचुनावों में सार्वजनिक सभा के दौरान अजमेर के मूल निवासी होने का दावा करने वाले भाजपा के ही सांसद एवं मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के खास सिपहसलार को उस समय भारी मलालत झेलनी पड़ी, जब पुलिस की एक महिला कांस्टेबल ने यह कहते हुए उन्हें मंच पर चढऩे नहीं दिया कि मैं आपको नहीं जानती। जब राज्य से राज्यसभा सांसद अथवा विधानसभा चुनावों की पूरी बागडोर संभालने वाले नेता की यह स्थिति है तो राजस्थान में एक सामान्य कार्यकर्ता की क्या स्थिति हो सकती है, यह स्वत: ही अंदाजा लगाया जा सकता है।यद्यपि भाजपा कार्यकर्ताओं के मान-मनौव्वल के बावजूद वे मंच पर नहीं चढ़े।

आशीर्वाद की बेला

संघ प्रमुख मोहनराव भागवत ने क्रांतिकारी राष्ट्रसंत मुनिश्री तरुणसागर जी से आशीर्वाद लिया तथा संघ कार्यालय केशव कुंज, झंडेवालान पधारने का निमंत्रण दिया। उल्लेखनीय है कि संघ प्रमुख ने नियम ले रखा है कि वर्ष में एक बार मुनिश्री के दर्शन कर आशीर्वाद लेंगे। लव जिहाद, गौहत्या बंदी,  मांस निर्यात जैसे अहम मुद्दों पर उन्होंने मुनिश्री से लगभग 50 मिनट तक चर्चा की।

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