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नासा में करियर से आप भी उड़ सकते हैं अपने सपनों के आकाश में

नासा में करियर से आप भी उड़ सकते हैं अपने सपनों के आकाश में

अपने सिर को ऊपर उठाकर नीले आकाश की तरफ देखें तो सहसा मन चांद-सितारों की दुनिया में सैर करने लग जाता है। पूरा ब्रह्माण्ड सपनों सरीखा ही खुबसूरत दिखने लगता है। सूर्य, चन्द्रमा, सितारे, सैटेलाइट, रॉकेट्स और अन्य अनंत और अज्ञात खगोलीय पिंडों की  मनमोहक और रहस्यमयी दुनिया अपने सच्चे स्वरुप में जीवित हो उठती है। सबसे अधिक इस ज्ञात-अज्ञात, अद्भुत और हैरतअंगेज संसार के रहस्यों के रिसर्च और स्टडी के लिए विश्वविख्यात सबसे बड़़े एस्ट्रोनॉमिकल लेबोरेटरी के रूप में नासा की यादें ताजी जो जाती हैं।

नेशनल एरोनॉटिक्स एंड स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन (नासा) संयुक्त राज्य अमेरिका की विश्व प्रसिद्द स्पेस एजेंसी है जिसके वैज्ञानिक 200 से भी अधिक स्पेस मिशनों पर लगातार कार्य करते हैं। नासा का उद्देश्य अंतरिक्ष में अन्वेषण करके धरती पर रह रहे मानव के जीवन को बेहतर और एडवांस्ड बनाना हैं।

फेडरल गवर्मेंट के जुरिसडिक्शन के अंतर्गत कार्य करनेवाली नासा की स्थापना 29 जुलाई 1958 को तब हुई थी जब संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति ड्वाइट डेविड आइजनहावर थे। नासा में काम करने वाले एम्प्लाइज की संख्या लगभग 19,000 है और इसके एडमिनिस्ट्रेटर की नियुक्ति यूएसए के राष्ट्रपति के द्वारा किया जाता है जो बाद में सीनेट के द्वारा अप्रूव होता है।

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दुनिया की सबसे बड़ी स्पेस एजेंसी के रूप में नासा का वार्षिक बजट 17 बिलियन अमरीकी डॉलर (लगभग 1,20,000 करोड़ भारतीय रूपये) है जो मुख्य रूप से स्पेस एक्सप्लोरेशन, स्पेस मिशन और रोबोटिक रिसर्च पर खर्च किया जाता है। नासा में कार्य करने वाले एम्प्लाइज विश्व-स्तर के इंजीनियर्स, डॉक्टर्स, साइंटिस्ट्स, एस्ट्रोनॉट्स, कंप्यूटर साइंस प्रोफेशनल्स, रिसर्च प्रोफेशनल्स और विभिन्न प्रकार के अन्य ऑफिसर्स होते हैं। किन्तु इन सभी में एस्ट्रोनॉट् को सबसे अधिक प्रतिष्ठा प्राप्त है।

नासा के मुख्य कार्य क्या होते है?

नासा के मुख्य कार्य निम्नांकित हैं –

  • वैज्ञानिक शोध कार्यों को संचालित करना।
  • सोलर सिस्टम और इसके बाहर के अन्य एंटिटीज का अध्ययन करना।
  • ब्रह्माण्ड के बारे में विस्तृत जानकारी के लिए अन्तरिक्ष के अब तक अज्ञात तथ्यों की खोज करना।
  • एयर ट्रेवल्स और फ्लाइट्स को और अधिक एडवांस्ड बनाना।
  • चन्द्रमा और मंगल ग्रह के अन्वेषण के लिए मानव को भेजने के लिए तैयारी करना।
  • विश्व में मानव के जीवन को बेहतर बनाने के लिए संभावनाओं की तलाश करना।
  • जलवायु परिवर्तनों का अध्ययन करना और सूर्य और सोलर सिस्टम के अन्य ग्रहों के ओरिजिन से संबंधित रहस्यों का पता लगाना।
  • नासा में साइंटिस्ट, इंजीनियर, एस्ट्रोनॉट्स और अन्य ऑफिसर्स के रूप में अपने करियर बनाने का सपना देखने वाले स्टूडेंट्स को तैयार करने में टीचर्स की हेल्प करना।

नासा के निम्नांकित सर्वाधिक महत्वपूर्ण बेस हैं जहां अलग-अलग कार्यों को एग्जीक्यूट किया जाता है -

  • दि कैनेडी स्पेस सेंटर - यह केंद्र फ्लोरिडा के केप कैनेवेरल में स्थित है और यहां स्पेस शटल्स का निर्माण किया जाता हैं और उनको लांच किया जाता है।
  • दि जॉनसन स्पेस सेंटर- नासा का यह बेस टेक्सास के हॉस्टन शहर में स्थित है और यहां से शटल मिशन कण्ट्रोल का कार्य किया जाता है। यहां से इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन ऑपरेशन भी कंडक्ट किये जाते हैं।
  • दि जेट प्रोपलजन लेबोरेटरी- नासा का यह बेस कैलिफोर्निया के पेसिडिना में स्थित है। इस बेस का मुख्य कार्य प्लेनेटरी रोबोटिक स्पेसक्राफ्ट का डिजाईन तैयार करना और उसे ऑपरेट करना है।

नासा के द्वारा अपनी स्थापना के वर्ष से लेकर अब तक ऐतिहासिक मिशन के रूप में अपोलो मून लैंडिंग, दि स्कायलैब स्पेस स्टेशन और इंटरनेशनल स्पेस स्टेशंस सरीखे ऐतिहासिक कार्यों को अंजाम दिया गया है।

नासा में करियर की शुरुआत कैसे और कहां से करें

नासा न केवल दुनिया का सबसे प्रसिद्ध स्पेस एजेंसी है बल्कि युवाओं के साइंटिस्ट, एस्ट्रोनॉट, इंजीनियर बनने और इसकी महत्वपूर्ण टीम में शामिल होने के सपने देख रहे लाखों युवाओं का सबसे चहेता डेस्टिनेशन भी है। साइंस, इंजीनियरिंग, एस्ट्रोनॉमी और मेडिकल स्ट्रीम्स में पढाई कर रहे युवाओं में अधिकांश अपने जीवन के करियर की शुरुआत नासा से करने के सपने देखते हैं। किन्तु नासा में करियर निर्माण की राहें आसान नहीं है।

यदि आप भारत में रहते हैं और नासा में अपने करियर बनाने के लक्ष्य और सपने के साथ जीवन में आगे बढ़ रहे हैं तो आप को निम्न शर्तों को पूरी करनी होगी –

  • आपको नासा में प्रवेश के लिए प्लानिंग तब से शुरू करनी चाहिए जब आप प्राइमरी स्कूल में स्टडी कर रहे हों।
  • आपके पास अपने जीवन का एक क्लियर – कट मिशन, ड्रीम और विजन होना
  • चाहिए और आपको अपने स्ट्रेंग्थ और स्पेशलिटी के बारे में भी अच्छी तरह से जानकारी होनी चाहिए।
  • आप खुद से पूछ कर देखिये कि आपका सबसे फेवरिट सब्जेक्ट कौन-सा है? क्या आप मैथमेटिक्स, साइंस या इंग्लिश को जुनूनी रूप से प्यार करते हैं? क्योंकि इन सब्जेक्ट्स के गहरे ज्ञान और इनमें हायर डिग्री के बिना नासा में जॉब ओपोरच्यूनीटीज की बहुत कम संभावना होती है।
  • बारहवीं से ही आपका अकादमिक परफॉरमेंस काफी अच्छा होना चाहिए।
  • आपको इंजीनियरिंग के मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल, कंप्यूटर साइंस और एयरोस्पेस स्ट्रीम्स में देश या विदेश के यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएट की डिग्री परीक्षा पास की होनी चाहिए।
  • पीएचडी डिग्री के साथ नासा में प्रवेश की संभावना और भी बढ़ जाती है।
  • सबसे महत्वपूर्ण आपके पास संयुक्त राज्य अमेरिका की नागरिकता होनी चाहिए। इसका अर्थ यह है कि आपके पास अमेरिका में आपका स्थायी आवास होना चाहिए। बिना अमेरिकी नागरिकता के नासा में आप अपने करियर बनाने के सपने को पूरा नहीं कर सकते हैं।

वैसे इस संबंध में यह जानना जरूरी है कि अमेरिकी नागरिकता की शर्त को आसान करने के लिए कैंडिडेट्स को यूएसए की किसी मान्यताप्राप्त कॉलेज या यूनिवर्सिटी से बैचलर डिग्री पास करना जरूरी होता है। इस माध्यम से यूएसए में रेजिडेंस और एम्प्लॉयमेंट दोनों मिल जाती हैं। उपर्युक्त अनिवार्य योग्यताओं को पूरा करने के बाद एक कैंडिडेट एस्ट्रोनॉट्स, साइंटिस्ट्स और अन्य ऑफिसर्स के रिक्रूटमेंट के लिए नासा के द्वारा आयोजित परीक्षा में हिस्सा ले सकता है।

jsc2019e051848 - At the Gagarin Cosmonaut Training Center in Star City, Russia, Expedition 61 crewmember Jessica Meir of NASA climbs aboard a Soyuz trainer during final crew qualification exams Aug. 30. Meir will launch with Expedition 61 crewmember Oleg

नासा में एस्ट्रोनॉट्स के लिए बेसिक रिक्वायरमेंट्स क्या होती है?

नासा में एक अंतरिक्षयात्री के रूप में कार्य करना सबसे अधिक सम्मान का प्रोफेशन माना जाता है। इसके लिए कैंडिडेट को निम्न विशेष योग्यताएं पूरी करनी होती है –

  • कैंडिडेट को अनिवार्य रूप से संयुक्त राज्य अमेरिका का नागरिक होना चाहिए।
  • किसी मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी से साइंस स्ट्रीम में इंजीनियरिंग, बायोलॉजिकल साइंस, फिजिक्स या मैथमेटिक्स में बैचलर डिग्री पास होने चाहिए। इससे भी हाई डिग्री हासिल होने पर एस्ट्रोनॉट बनने की संभावना और भी बढ़ जाती है।
  • कैंडिडेट को जेट एयरक्राफ्ट में मिनिमम 1000 घंटे की पायलट-इन-कमांड टाइम का एक्सपीरियंस होना चाहिए। यह फ्लाइट टेस्ट एक्सपीरियंस एस्ट्रोनॉट के जॉब के लिए सबसे अधिक महत्वपूर्ण होता है।
  • कैंडिडेट को मिलिट्री और सिविल फ्लाइट के लिए अनिवार्य फिजिकल टेस्ट्स को पास करना होता है।

विदेशी नागरिकों के लिए नासा में जॉब्स कहां मिल सकते हैं?

वैसे तो नासा में करियर की शुरुआत करने के लिए कैंडिडेट को अमेरिका का नागरिक होना अनिवार्य होता है लेकिन नासा में बिना अमेरिकी नागरिकता वाले विदेशी नागरिकों के लिए भी जॉब्स की अपार संभावनाएं होती हैं। नासा के इंटरनेशनल स्पेस पार्टनर्स (आईएसपी) के साथ विदेशी नागरिक जॉब्स प्राप्त कर सकते हैं। नासा का आईएसपी विश्व के प्राय: सभी देशों में है और इसका यूरोपियन स्पेस एजेंसी के साथ कोलैबोरेशन भी है। यह आईएसपी इन्वेस्टीगेशन के साथ-साथ स्पेस शटल, फॉरेन स्पोंसर्ड मिशन और भविष्य में शुरू की जानेवाली स्पेस स्टेशनों के लिए भी कार्य करता है।

विदेशी नागरिकों के लिए नासा में जॉब पाने का एक दूसरा रास्ता भी काफी सरल है। नासा के कई मान्यता प्राप्त वेंडर्स होते हैं जो कॉन्ट्रैक्ट पर कार्य करते हैं। ये वेंडर्स नासा में प्रयुक्त विभिन्न प्रकार के सामग्रियों की सप्लाई करते हैं। नासा में कार्य कर रहे एम्प्लाइज का एक बड़ा हिस्सा इन कॉन्ट्रैक्ट कंपनियों के लिए काम कर रहे लोग होते हैं। प्रत्येक कॉन्ट्रैक्ट कम्पनी के एम्प्लॉयमेंट और स्टाफ के हायरिंग सिस्टम के अपने टर्म्स और कंडीशन होते हैं। साथ ही नासा राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय टैलेंटेड स्टूडेंट्स को पोस्टडाक्टरल प्रोग्राम के अवसर भी प्रदान करता है जिसके माध्यम से भी नासा में प्रवेश किया जा सकता है।

वैसे तो नासा में एस्ट्रोनॉट बनने के लिए यूएसए की नागरिकता अनिवार्य होती है लेकिन गैर-अमेरिकी नागरिक भी एस्ट्रोनॉट बनने के अपने सपने को साकार कर सकते हैं। इंटरनेशनल एस्ट्रोनॉट्स एंड पेलोड स्पेशलिस्ट एस्ट्रोनॉट नासा का एक ऐसा प्रोग्राम है जिसके अंतर्गत नासा में एस्ट्रोनॉट बनने के लिए अमरीकी नागरिकता की अनिवार्यता नहीं होती है। पेलोड साइंटिस्ट्स नासा में अमेरिकी मूल के एस्ट्रोनॉट्स के अतिरिक्त वैसे लोग होते हैं जो किसी स्पेस शटल में किसी स्पेसिफिक टास्क को संपादित करने के लिए नियुक्त किये जाते हैं। पेलोड एस्ट्रोनॉट्स का नॉमिनेशन नासा के अतिरिक्त फॉरेन स्पोंसर्स, प्राइवेट कम्पनियों या यूनिवर्सिटीज के द्वारा की जाती हैं।

 

श्रीप्रकाश शर्मा

(लेखक प्राचार्य, जवाहर नवोदय विद्यालय, मामित, मिजोरम, हैं)

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