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सबको प्रदेश में देंगे रोजगार सरकार का वायदा

सबको प्रदेश में देंगे रोजगार सरकार का वायदा

दुनिया इस समय एक तरफ कोरोना महामारी कोविड-19 से जूझ रही है रही है, भारत स्वयं अपने मित्र देशों के साथ सहयोग ले-देकर इस महामारी का मुकाबला कर रहा है साथ ही अपने राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बराबर बैठकी कर संवाद बनाए रखते हुए प्रधानमंत्री देश की जनता का हौसला बढ़ा रहे हैं,  उनकी धैर्य की प्रशंसा कर रहे हैं। विकसित और विकासशील देशों के साथ रिश्तो को कायम रखते हुए तीसरी दुनिया के छोटे देशों और अपने पड़ोसियों बांग्लादेश,  श्रीलंका, म्यामार, अफगानिस्तान आदि के साथ समन्वय और कूटनीतिक रिश्तो को दृढ़ता प्रदान कर रहे हैं लेकिन इस मामले में उत्तर प्रदेश सुबह  की सरकार के महत्वपूर्ण और तात्कालिक निर्णयों की अनदेखी नहीं की जा सकती जिन पर अमल शुरू हो गए और तात्कालिक निर्णयों की अनदेखी नहीं की जा सकती जिन पर अमल शुरू हो  गया है।

विपत्ति के समय, चाहे आदमी हो (व्यक्ति) प्रदेश या देश हो या दुनिया हो, उसके धैर्य, साहस और बुद्धिमता की परीक्षा होती है। (यह समय कोरोना महामारी के संक्रमण और उस पर काबू के प्रयास का) बहुत विकट है। अपने देश के लिए भी और प्रदेश  के लिए भी। एक और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने कूटनीतिक, राजनीतिक कौशल और तात्कालिक रचनात्मक निर्णयों से देश की जनता को धैर्य और दिशा दे रहे हैं,  दूसरी ओर प्रदेश के मुखिया (मुख्यमंत्री) योगी आदित्यनाथ बहुत ही सूझबूझ से अपने कैबिनेट के कुशल मंत्रियों और तेज-तर्रार वरिष्ठ अधिकारियों की ‘ग्रुप-11’ की रचनात्मक निर्णयों पर तुरंत अमल करने में जुट गए हैं।

इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण बात है कि एक तरफ महामारी के प्रकोप (संक्रमण) को बढऩे से रोकना और दूसरी ओर प्रदेश की जनता में भय की बजाए धैर्य साहस और दृढ़ इच्छाशक्ति का संचार करना। जाहिर है दृढ़ इच्छाशक्ति भीतरी मनोबल के बढऩे से ही बढ़ती है। जाहिर है जब आदमी का पेट नहीं भरेगा, तो ‘भूखे भजन न होय गोपाला’ भय,  भूख और बेरोजगारी आदमी को हताश और बेबस बना देती है ऐसे में प्रदेश की जनता के लिए खाने का इंतजाम, काम का इंतजाम और ‘वह निठल्ला नहीं है’- यह सोच है उसके दिमाग में डालने की प्राथमिकता जरूरी है। तो प्रदेश सरकार प्राण-प्रण से इस काम में जुट गई है।

अभी पिछले सप्ताह मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने ‘ग्रुप-11’ के साथ बैठक कर इन तीनों बिंदुओं पर काम शुरू करा दिया है उनके राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और वाराणसी उत्तरी विधायक रविंद्र जायसवाल कहते हैं – मुख्यमंत्री न केवल वाराणसी जोन, बल्कि गोरखपुर, आजमगढ़ और मिर्जापुर जोन के जिलों में प्रवासी मजदूरों को उनके घरों तक पहुंचाने के लिए बसों के इंतजाम करा रहे हैं पंजाब, मुंबई, पुणे, सूरत, अहमदाबाद, दिल्ली, जयपुर से लौट रहे लोगों को विशेष ट्रेनों से अपने घर लौटने का इंतजाम किया गया है।

मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने एक विशेष मुलाकात में एक न्यूज चैनल पर बताया कि आज से रात 9:00 बजे से सुबह 5:00 बजे तक रात का कफर्यू रहेगा और दिन में कुछ शर्तो के साथ जनजीवन की गतिविधियां सामान्य रूप से चल सकेंगी।

फिलहाल उत्तर प्रदेश अपने घर वापस लौट रहे शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के निवासियों की रोजी-रोटी भोजन के बारे में प्रदेश सरकार ने दो दिन पहले ही ‘ग्रुप -11’ की बैठक में बता दिया है कि गरीबों बेसहारों या बुजुर्गों के लिए प्रदेश सरकार ने खास इंतजाम कर दिया है। किसानों की सब्जियों फलों की खरीद मंडियों में हो सकेगी।

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भाजपा के विधायक (जफराबाद विधानसभा क्षेत्र जौनपुर जनपद) हरेंद्र प्रसाद सिंह कहते हैं – देखिए, समूचे पूर्वी उत्तर प्रदेश से लेकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश,  बुंदेलखंड, लखनऊ मंडल, गोरखपुर मंडल में अन्य प्रदेशों से लौट रहे कामगारों की वापसी के लिए ट्रेनों, बसों से इंतजाम किए गए हैं। प्रदेशवासियों के लिए प्रदेश सरकार राज्य सड़क परिवहन निगम का इंतजाम कर रही है। ट्रेनों का इंतजाम रेल मंत्रालय कर रहा है। यात्रियों के रास्ते में खाने-पानी का इंतजाम कुछ अन्य संस्थाएं, समाजसेवी लोग कर रहे हैं। मुख्यमंत्री जी का निर्देश सभी विभागों कमिश्नरों डीएम और एसपी को है कि अपनी-अपनी जिलों चित्रों विशेष ध्यान दें और देखें कि सरकार की ओर से आम जनता को कोई तकलीफ न होने पाए खासकर उत्तर प्रदेश में ‘ग्रुप-11’ कि निर्णय पर पूरा अमल हो रहा है या नहीं अगर नहीं हो रहा है तो उस पर (संबंधित अधिकारी कर्मचारी को दंडित किया जाय) कार्रवाई की जाय।

भाजपा विधायक हरेंद्र सिंह कहते हैं -एक तो गांव में मनरेगा के अंतर्गत काम कराया जा रहा है। पूर्वांचल एक्सप्रेस वे, बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे का काम तेजी से हो रहा है। इसमें काम करने वालों की मजदूरी का भुगतान सरकार कर रही है। उत्तर प्रदेश सरकार के उप-मुख्यमंत्री और सार्वजनिक निर्माण मंत्री केशव प्रसाद मौर्य कहते हैं -लाकडाउन के दौरान प्रदेश सरकार सड़क निर्माण पुलिया निर्माण सड़क के रख-रखाव का काम बदस्तूर जारी रखे हैं। सड़कों के निर्माण रख-रखाव चौड़ीकरण मरम्मत आदि के लिए 3000 करोड़ रुपए का प्रावधान बजट में है इसी तरह 1500 करोड़ रुपए सड़क अनुरक्षण मरम्मत और पुल-पुलिया निर्माण पर खर्च करना शुरू हो गया है। काम शुरू है। बरसात से पहले जो काम हो जाने चाहिए वह हो रहे हैं 1500 करोड़ देकर काम चालू करा दिया है।

हालांकि वरिष्ठ कांग्रेसी नेता और प्रतापगढ़ (कालाकांकर) क्षेत्र के दिग्गज नेता प्रमोद तिवारी प्रदेश की भाजपा सरकार की उपलब्धियों पर कोई तवज्जो नहीं देते हुए कहते हैं – यह समय अभी लाकडाउन खोलने का नहीं है। अभी कम से कम एक सप्ताह इंतजार करने के बाद सरकार रिजल्ट देख कर निर्णय करती तो ज्यादा अच्छा होता। आज राज्य सरकार द्वारा उपलब्धियां गिनाना किसान,  मजदूर, निम्न और मध्यम आय वर्ग के व्यापारियों के जख्मों पर नमक छिड़कने जैसा है। देश का जीडीपी 3.1 है जो दशकों के निम्न स्तर पर है। ऐसे में लाकडाउन खोलने से स्थिति और खराब होने की आशंका बढ़ेगी। अभी कम-से-कम एक सप्ताह और मिल जाता तो प्रवासी अपने अपने घरों को पहुंच जाते और संक्रमण बढऩे का सिलसिला रुक जाता।

फिलहाल, प्रदेश सरकार अपने स्तर पर जो भी संभव है उपाय कर रही है रात्रिकालीन (शाम 9:00 बजे से सुबह 5:00 बजे तक का कफर््यू) जनजीवन पर कुछ शर्तों के साथ प्रतिबंधों के बावजूद दिन को सामान्य बनाने बनाने का अवसर देना भी उचित हो सकता है. सामान्य लोगों के लिए खाने-रहन-सहन में सतर्कता और सावधानी बरतने  रहने का प्रयोग भी सफल हो सकता है इसे भी आजमाया जाना चाहिए।

मुख्यमंत्री का यह विश्वास बना रहना चाहिए कि अनलाक-1 की स्थिति का आकलन अब जरूरी है,  इसीलिए हम कुछ शर्तों के साथ ही लोगों को छूट दे रहे हैं। लोग अपने घरों में बने रहे आपस में ‘दो-गज की दूरी, बहुत जरूरी’ का ध्यान रखें और ज्यादा संख्या में एक स्थान पर न जुटें कोई खाए बिना नहीं मरने पायेगा, यह सरकार का वादा है। इस वादे को निभायेंगे।

 

 वाराणसी से सियाराम यादव

 

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