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‘‘हम ईस्ट की टेस्ला का निर्माण करने जा रहें हैं’’

‘‘हम ईस्ट की टेस्ला का निर्माण करने जा रहें हैं’’

‘‘मैंने अमेरिका और यूरोप में अपने 30 साल बिताए हैं। मैं उनके व्यवसाय को समझता हूं, जैसा कि मैंने वहां अपना व्यवसाय किया है। पारदर्शिता बहुत महत्वपूर्ण है और यह मोदी सरकार के शासन के दौरान आ रही है। इसीलिए पिछले छह वर्षों में, विश्व मंच पर देश की तस्वीर में काफी सुधार हुआ है। अगर अमेरिकी राष्ट्रपति भारत आते हैं और हमारे प्रधानमंत्री के साथ भारी भीड़ के सामने मंच साझा करते हैं, तो इसका मतलब है कि पारदर्शिता में सुधार हुआ है। हालांकि, श्रम कानूनों में सुधार अभी होना बाकी है और यह संभावित निवेशक के लिए एक बहुत ही महत्वपूर्ण पहलू है,’’ ऐसा कहना है एंग्लियन ओमेगा ग्रुप (Anglian Omega Group)  के उदय नारंग का दीपक कुमार रथ के साथ हुए एक विशेष साक्षात्कार के दौरान। प्रस्तुत हैं मुख्य अंश:

 

 

सबसे पहले आप अपने बारे में कुछ बताइये।

स्वस्थ भोजन, स्वस्थ व्यवसाय, स्वस्थ वातावरण, ये मेरे जीवन के मंत्र हैं। मेरी Khelnow.com नामक एक वेबसाइट है। मैं नरेंद्र मोदी का अनुयायी हूं। जब वह देश के प्रधानमंत्री बने, तो वह भारत के लिए एक निर्णायक क्षण था। मैं भारत आया क्योंकि भारत अन्य देशों की तुलना में बेहतर अवसर प्रदान कर सकता है। मैं पर्यावरण के प्रति बहुत संवेदनशील हूं। इस COVID- 19 महामारी ने हमें सिखाया है कि हमें धरती और पर्यावरण को प्रदूषित और दुरुपयोग नहीं करना चाहिए

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आप भारतीय संस्कृति के बारे में बात करते हैं, जो भारतीय व्यापार में परिलक्षित नहीं होती है। आप भारतीय संस्कृति और लोकाचार से गहराई से कैसे जुड़े हैं?

मैं पिछले 10 वर्षों से भारत में हूं और इससे पहले मैं विदेश में था। कभी किसी को अपनी मातृभूमि को नहीं भूलना चाहिए। आप दुनिया के किसी भी हिस्से में रह सकते हैं लेकिन आपकी राष्ट्रीयता, जातीयता महत्वपूर्ण होती है। मैं अभी भी एक भारतीय नागरिक हूं और मैंने विदेश में रहने के लिए कोई नागरिकता नहीं ली, क्योंकि मैं भारत की संस्कृति और मूल्यों में विश्वास करता हूं। एक व्यवसायी के रूप में, मैं कह सकता हूं कि भारत अपार अवसर प्रदान करता है और भारत अगले पांच से सात वर्षों में दुनिया की शीर्ष तीन जीडीपी में शामिल होगा, जैसाकि केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने अभी हाल में कहा कि भारत के पास बड़े अवसर हैं। COVID- 19 महामारी के बाद, आप देखेंगे कि फ्रांस, इटली और अन्य यूरोपीय देशों से भारत बहुत आगे है। मैं प्रधानमंत्री मोदी की $ 5 ट्रिलियन अर्थव्यवस्था में विश्वास करता हूं। इसकी संस्कृति, मूल्यों और संभावनाओं को देखते हुए, भारत निवेश करने के लिए सही देश है। इलेक्ट्रिक वाहन के बारे में बात करते हुए, मैं कहूंगा कि अभी प्रदूषण सबसे बड़ी चिंता है और हम शहरों और गांवों में प्रदूषण को कम करने के लिए इलेक्ट्रिक वाहन पर काम कर रहे हैं। । वे पूरी तरह से स्वदेशी रूप से निर्मित होंगे।

आपने अभी कहा कि अगले पांच से सात वर्षों में भारतीय अर्थव्यवस्था अधिकांश यूरोपीय देशों की तुलना में बड़ी होगी, लेकिन अंतरराष्ट्रीय रेटिंग एजेंसियां भविष्यवाणी कर रही हैं कि भारत की जीडीपी वृद्धि पांच प्रतिशत से नीचे रहेगी।

भारत केवल मुंबई और दिल्ली तक सीमित नहीं है। यह बहुत बड़ा देश है। आज भी, गाँव COVID- 19 से प्रभावित नहीं हैं। हमारी अर्थव्यवस्था को काफी कमतर आंका गया है। जबकि हमारे पास सबसे बड़ी युवा आबादी है। हमारी शिक्षा प्रणाली अच्छी है। हम बहुत मेहनतकश लोग हैं। इसलिए, मुझे लगता है कि सभी पूर्वानुमान और रेटिंग पाँच से सात साल के अंतराल में गलत साबित होंगी। ये अर्थशास्त्री भारत की ताकत को कम आंक रहे हैं।

 

हाल ही में, पीएम नरेंद्र मोदी ने नवंबर 2020 तक 80 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन देने की घोषणा की। एक बिजनेसमैन के रूप में, आप इसे कैसे देखते हैं? क्या आपको नहीं लगता कि अगर लोगों को अपनी आजीविका मिलती है, तो वे अपना काम करेंगे, जैसा कि वे COVID- 19 के पूर्व में कर रहे थे? क्या इससे उनकी प्रतिभा और प्रवीणता में सेंध नहीं लगेगी?

आपको बता दें कि अमेरिका में पांच व्यक्तियों के एक परिवार की प्रति व्यक्ति आय $30,000  है। यूरोप में, यह $20,000 है, और भारत में, यह $2000 है। यूरोप और अमेरिका में, हजारों डॉलर सीधे लोगों के खातों में स्थानांतरित किए जाते हैं। हम केवल चावल, गेहूं और दाल दे रहे हैं। भारत में प्रवासी श्रमिकों के साथ जो कुछ भी हुआ वह वास्तव में बहुत ही निराशाजनक है और हमें बेहतर प्रदर्शन करना चाहिए था। अब हमारे लिए समय है कि हम सभी को तकनीक पर काम करना चाहिए। कैलिफ़ोर्निया में, Google, Adobe से लेकर Microsoft तक, भारतीय इन कंपनियों के CEO हैं। अगर हमारे भाई वहां चीजें कर सकते हैं, तो वे यहां क्यों नहीं कर सकते? और हम इस बदलाव को देख सकते हैं। यह एक बहुत बड़ा देश है जहाँ हर कोई अपनी राय रखता है, जो चीन जैसे देशों में नहीं देखा जाता है। इसलिए, देश को बदलने में समय लगेगा। अब, समय आ गया है कि हमें यूपी, बिहार और ओडिशा जैसे राज्यों में निवेश करना चाहिए, ताकि उन प्रवासी श्रमिकों को, जो अपने गृहनगर वापस आ गए हैं, उन्हें वहां रोजगार उपलब्ध हों।

 

लाखों कुशल श्रमिक, जो हीरा उद्योग और हथकरघा क्षेत्र में काम कर रहे थे, ओडिशा लौट आए हैं। क्या उन उद्योगों को सूरत से ओडिशा स्थानांतरित नहीं किया जा सकता है?interview

यह भारत में ही नहीं, दुनियाभर में हो रहा है। इस COVID-19 महामारी के कारण पूरी दुनिया हिल गई है। किन्तु युवा उद्यमियों के रूप में, यह हमारा कर्तव्य है कि हम जो हासिल करना चाहते हैं उसे हासिल करें। इंग्लैंड में, लोग कहते हैं कि एक तूफान के बाद, धूप आती है। अगर हम साथ मिल कर काम करते हैं, तो हम बहुत कुछ हासिल कर सकते हैं। अगर मैं सिर्फ सरकार पर निर्भर हूं, तो यह गलत  है।  सही जवाब है कि मैं क्या कर सकता हूं। हममें से हर किसी को बदलाव लाने की दिशा में काम करना है और मेरा मानना है कि तब सब कुछ संभव है।

 

पीएम मोदी ने हाल ही में  आत्मर्निभर भारत के बारे में बात की। इसे ध्येय को प्राप्त करने के लिए आपकी दृष्टि क्या है?

मैं  विशाल अवसरों को देखने के बाद भारत आया था। मैं यहां इसलिए आया क्योंकि मैं 8-9 फीसदी विकास चाहता था। अगर मैं 1-2 फीसदी की ग्रोथ चाहता तो मैं यूरोप में रह सकता था। एक दिलचस्प बात यह है कि भारत और आसियान देशों में दो बिलियन लोग निवास करते हैं, जो दुनिया की कुल आबादी का लगभग 40 प्रतिशत है, और वे युवा लोग हैं। युवा  लोग सामान खरीदते हैं। और मेरे शब्दों को चिह्नित करें, बाजार खपत पर चलता है, और मांग युवा आबादी से आती है। जरा जापान को देखिए, यह एक समृद्ध देश है, लेकिन वहां लोगों के वृद्ध होने की वजह से मांग अधिक नहीं है। जापान में रूस्रूश्वह्य संघर्ष कर रहीं हैं। इसलिए हम सभी को आत्मनिर्भर भारत के लिए काम करना चाहिए। सभी मुख्यमंत्रियों को फ्रेंच, जापानी, अमेरिकी, थाई और अन्य नवीन प्रौद्योगिकी वाली कंपनियों से निविदाएं आमंत्रित करनी चाहिए और उन्हें कहा जाना चाहिए कि वे हमें प्रौद्योगिकी प्रदान करें और हमारे मजदूरों को रोजगार दें। यदि हम ऐसा करते हैं, तो सब कुछ संभव है।

 

COVID-19 महामारी के मद्देनजर, अधिकांश कंपनियां चीन से अपना व्यापार स्थानांतरित कर रही हैं। हमारे प्रधानमंत्री ने कहा है कि भारत निवेश करने के लिए सबसे अच्छी जगह है। हालांकि, देश में तीन प्रमुख बाधाएं हैं, जो हैं श्रम कानून, बुनियादी ढांचा और पारदर्शिता। क्या आपको लगता है कि ये बाधाएं निवेशकों के लिए बड़ी अड़चन बनेंगी?

आपने बहुत महत्वपूर्ण बिंदु उठाया है। मैंने अपने जीवन के 30 साल अमेरिका और यूरोप में बिताए हैं। मैं उनके व्यवसाय को समझता हूं, जैसाकि मैंने वहां अपना व्यवसाय किया है। पारदर्शिता बहुत महत्वपूर्ण है और यह मोदी सरकार के शासन के दौरान यह आ रही है। पिछले छह वर्षों में, विश्व मंच पर देश की तस्वीर में काफी सुधार हुआ है। अगर अमेरिकी राष्ट्रपति भारत आते हैं और हमारे प्रधानमंत्री के साथ भारी भीड़ के सामने मंच साझा करते हैं, तो इसका मतलब है कि पारदर्शिता में सुधार हुआ है। हालांकि, श्रम कानून में सुधार अभी होना बाकी है और संभावित निवेशक के लिए यह बहुत महत्वपूर्ण पहलू है।

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हमारे देश में राजनीतिक दलों की लोकलुभावन राजनीति को देखते हुए, क्या आपको लगता है कि श्रम कानूनों में सुधार लाना एक कठिन रास्ता है?

नई पीढ़ी सब कुछ समझती है। आप विदेशी निवेशकों के बारे में बात करते हैं, जिन्हें जापान और यूरोप जैसे देशों में 1 प्रतिशत वृद्धि मिलेगी, जहां सब कुछ ठीक है। लेकिन, जब वे यहां निवेश करते हैं, तो उन्हें 10 प्रतिशत की वृद्धि हासिल होगी। इसलिए, यदि वे यहां ऐसी वृद्धि प्राप्त कर सकते हैं, तो ये समस्याएं मायने नहीं रखती हैं। इस देश में कई चीजें हो रही हैं, लेकिन लोग उन्हें नहीं समझते हैं। उदाहरण के लिए, इस महामारी के दौरान भी, छ्वद्बश ने 18 बिलियन का निवेश बनाने में सफल रही है। रोम एक दिन में नहीं बना था, इसलिए भारत को एक दिन में नहीं बदला जा सकता है।

 

देश के ग्रामीण क्षेत्रों में चिकित्सा की बुनियादी सुविधाओं के बारे में आप क्या कहेंगे?

जैसा कि मैंने पहले उल्लेख किया है, परिवर्तन एक दिन में नहीं आता है। इसमें समय लगता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पिछले छह साल से सत्ता में हैं, इसलिए इसमें अभी समय लगेगा। अगर आप यूपी को देखें तो अखिलेश यादव के शासनकाल में सब कुछ गड़बड़ था। लेकिन अब, योगी आदित्यनाथ के शासन के दौरान, आप बदलाव देख सकते हैं। हम खुद की चीन से तुलना करते हैं। हालाँकि, कोई भी वहां आवाज नहीं उठा सकता है। तो, यह आप पर निर्भर है कि आप कहाँ रहना चाहते हैं? क्या आप निरंकुश कम्युनिस्ट शासन में रहना चाहते हैं या लोकतंत्र में ? बेशक, हम लोकतंत्र को पसंद करते है। हम सभी लोकतंत्र से प्यार करते हैं। इसलिए, मेरा मानना है कि आने वाले पांच से 10 वर्षों में हम बदलाव देखने जा रहे हैं। आप गांवों के बारे में बात कर रहे हैं, हर रोज, मैं अपने कारखाने में जाता हूं और अपने श्रमिकों से उनके स्वास्थ्य के बारे में पूछता हूं। इसलिए, यह हम जैसे लोगों पर है कि वे बदलाव लाएं। एक महत्वपूर्ण बात यह है कि भारत अब निवेशकों के लिए एकमात्र उम्मीद है, क्योंकि चीन ने, COVID-19 महामारी के दौरान, अपना असली रंग दिखा दिया है और दुनिया ने भी इसे महसूस किया है। मुझे लगता है कि हमें सरकार को पूरी तरह से दोष नहीं देना चाहिए। यह हम कारोबारियों की भी जिम्मेदारी है कि हम भारत में निवेश लाकर देश की मदद करें।

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आप बहुत आशावादी दिखाई देते हैं।

मैं हमेशा से आशावादी रहा हूं। मुझे इस में विश्वास है। सरकार सभी समस्याओं को ठीक नहीं कर सकती है। यहां मुद्दा यह है कि सार्वजनिक-निजी भागीदारी को अर्थव्यवस्था का नेतृत्व करना है। सरकार को अर्थव्यवस्था के विकास के लिए निजी क्षेत्र को समर्थन देना चाहिए। सरकार को बैंकिंग, वित्त और श्रम के मामले में निजी क्षेत्र को सहायता प्रदान करनी चाहिए। कुछ राज्य सरकारें अच्छा कर रही हैं। चीन रक्षा और प्रौद्योगिकी पर अधिक पैसा खर्च करता हैं, लेकिन क्या हमारी सेनाएं उनसे मुक़ाबला नहीं करती हैं? हां, वे उनका मुक़ाबला करती हैं, क्योंकि यह उनका आत्मविश्वास है। यदि हमारे सशस्त्र बल ऐसा कर सकते हैं, तो हम क्यों नहीं कर सकते?

 

आपकी प्रेरणा कौन है?

में  वास्तव में हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उनकी दृष्टि, उनकी टीम और भारतीय उद्योग जगत से प्रेरित हूं। सात से आठ साल पहले, जब मैंने नरेंद्र मोदी जी का भाषण सुना, तो मैंने महसूस किया कि इस आदमी में क्षमता है और मैंने भारत लौटने का फैसला किया।

 

अभी जिन क्षेत्रों में आप काम कर रहे हैं, उनके बारे में हमें बताएं?

हम ऑटोमोटिव और स्टील सेक्टर में हैं। ऑटोमोटिव में, हम सभी बड़ी निर्माण इकाइयों को स्टील प्रदान कर रहे हैं। मैं अपनी टीम के साथ पूर्व की टेस्ला का निर्माण करने जा रहा हूं। हम एक ईवी (इलेक्ट्रिक व्हीकल)  प्रौद्योगिकी कंपनी बनाने जा रहे हैं। हम होंडा, एक्साइड जैसी भारत में स्थित कंपनियों के साथ काम करने जा रहे हैं। हम उस व्यवसाय का निर्माण करने जा रहे हैं जो अर्थव्यवस्था में 5 बिलियन डॉलर का योगदान देगा। हम खाद्य प्रौद्योगिकी, खेल और फार्मा कारोबार में भी हैं। Khelnow.com एक ऐसा मंच है जिसके माध्यम से फुटबॉल के प्रति उत्साही लोग मेडिकल ट्रेनर या अन्य किसी भी सहायता के बारे में चर्चा करते हैं। हम कबड्डी प्रतियोगताएं भी शुरू करने जा रहे हैं। हमारी एंग्लियन मेडल हंट नामक एक कंपनी है, जो अडानी समूह और सेल (SAIL) की मदद से ओलंपिक के लिए एथलीट्स को प्रशिक्षण देती है। मैं खेल क्षेत्र से इसीलिए जुड़ा हूं क्योंकि मेरा मानना है कि युवा पीढ़ी को स्वस्थ होना चाहिए।

 

भारत में खेतो भारत इवेंट हुई थी, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल थी।

हम भी उस इवेंट में शामिल थे। अधिकतर लोग ट्रेंड को फॉलो करते हैं, लेकिन कुछ ही लोग ट्रेंड सेट करते हैं। ट्रेंड-सेटर बहुत जोखिम लेते हैं और हमारा मानना है कि हम ट्रेंड सेटर हैं। हो सकता है, हम इस देश के कुछ अमीर लोगों की तरह अरबपति न हों। लेकिन इससे कोई फर्क  नहीं पड़ता। और यही मुझे जीवित रखता। मुझे देश से ऊर्जा मिलती है और मैं ऐसी चीजें करना चाहता हूं, जहां मैं इस देश को कुछ वापस दे सकूं। यदि आप विश्वप्रसिद अमीर लोगों को देखते हैं, चाहे वह वॉरेन बफेट, बिल गेट्स, मार्क जुकरबर्ग हों, वे सभी समाज को वापस कुछ न कुछ दे रहे हैं। इसलिए, मैं भी समाज को वापस कुछ देना चाहता हूं। इस देश ने सभी को बहुत कुछ दिया है। इसलिए, यह पूछना बंद करें कि देश हमारे लिए क्या कर सकता है; इसके बजाय अपने आप से पूछना शुरू करें कि आप देश के लिए क्या कर सकते हैं।

 

सरकार से आपकी क्या अपेक्षाएं हैं?

मेरी सरकार से अपेक्षा है कि COVID-19 के बाद, व्यवसायों की मदद करने के मामले में एक महत्वपूर्ण बदलाव हो। नवंबर तक, मुझे आशा है कि हमारे पास COVID-19 के लिए एक टीका होगा। इस पृष्ठभूमि में, गरीबों को मुफ्त राशन एक महान विचार है। लेकिन नवंबर के बाद, एमएसएमई (MSMEs) को भरपूर समर्थन दिया जाना चाहिए क्योंकि वे रोजगार के बड़े अवसर पैदा करते हैं। वे लोग, जो गाँवों में व्यवसाय उत्पन्न कर सकते हैं, उनको वित्तीय सहायता दी जानी चाहिए। बेशक, पारदर्शिता, बुनियादी ढांचा, श्रम कानून महत्वपूर्ण पहलू हैं। राजनीतिक मतभेदों को दूर किया जाना चाहिए; सभी को एकजुट होकर काम करना चाहिए।

 

आपका सपना क्या है?

मेरा सपना है कि जब मैं चला जाऊं, तब इस देश के गरीब लोगों का जीवन स्तर, देश की जीडीपी, स्वास्थ्य सेवाएं, शैक्षणिक सेवाएं, सभी बेहतर स्थिति में हों।

 

आपकी ताकत क्या है?

मैं मुक्केबाज मोहम्मद अली का बहुत बड़ा प्रशंसक हूं, जो अश्वेत समुदाय से थे। वह आर्थिक रूप से कमजोर थे, और श्वेत समुदाय द्वारा उन्हें सताया गया था। किन्तु दुनिया जानती है की बाद में कैसे  मुक्केबाजी में उन्होनें नयी उच्चाइयों को तय किया। तो, हम सब एक मुक्केबाज की तरह हैं। हमें नीचे रखा जा सकता है, लेकिन हम वापस आएंगे। कोई भी मुझे नीचे नहीं दबा सकता। मेरा दिन खराब हो सकता है, लेकिन मैं वापस आऊंगा। और मेरी ताकत का राज है मेरी फिटनेस। क्योंकि एक स्वस्थ दिमाग किसी भी समस्या से निपट सकता है।

 

आपकी कमजोरी क्या है?

मेरी कमजोरी यह है कि मैं बहुत नरमदिल हूं। इसलिए, लोग कभी-कभी मेरा फायदा उठाते हैं। हालांकि, मैं इस कमजोरी से खुश हूं, अगर यह लोगों के जीवन में फर्क  लाती है।

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