ब्रेकिंग न्यूज़ 

मंत्रीजी घमंडी

मंत्रीजी घमंडी

असल का लोकतंत्र तो भाई भाजपा में ही है। पीएम और संसदीय कार्यमंत्री वेंकैया नायडू चाहे जितना चिल्लाएं, अनुशासन का पाठ पढ़ाएं, लेकिन सांसद अपना हक छोडऩे को तैयार नहीं हैं। यहां तक कि साक्षी महाराज ने भी नहीं छोड़ा। लोकतंत्र का असली उदाहरण तो तब देखने को मिला जब एक सांसद ने बाकायदा बैठक के दौरान पार्टी के मंत्रियों पर घमंडी होने का आरोप लगा दिया। इस पर वेंकैया जी से रहा नहीं गया। वह तैश में आ गए। अनुशासन का पाठ पढ़ाकर डांटने लगे तो सांसद महोदय और उग्र हो गए। साफ-साफ कह दिया कि वह चुप होने वाले नहीं हैं। आप अपने मंत्रियों को क्यों नहीं कहते। इतने में वेंकैया की दूरसंचार मंत्री से ही झड़प हो गई। इसी को तो कहते हैं ‘पार्टी विद डिफरेंस’।

программа InSSIDerакустическая система

Leave a Reply

Your email address will not be published.