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फर्जी पत्रकारों से कलंकित होता पेशा

फर्जी पत्रकारों से कलंकित होता पेशा

पत्रकारों के दलाली कामों में लिप्त होने के किस्से कोई नई बात नहीं रही है। पत्रकारों के जरिये अपनी संस्थाओं के लिए विज्ञापन वसूली भी सामान्य बात हो गई है। पर अब फर्जी पत्रकार बन  लोगों को डरा धमकाकर कर पैसे मांगने के मामले में बड़ी बढ़ोत्तरी देखी जा रही है। वेब पत्रकारिता के निरंकुश वृद्धि से ऐसी घटनाएं बढ़ी हैं जो सही पत्रकारों के लिये चिंता का कारण बन गई है। लोग सभी पत्रकारों को शक की नजर से देखने लगे हैं।

ओडिशा में कुकुरमुत्ते की तरह नकली पत्रकार फैल गए हैं। कोई वेब पोर्टल खोलकर बैठ गया है तो कोई गले में आईकार्ड लटकाकर, गाड़ी के आगे एवं पीछे प्रेस लिखकर विभिन्न शहरों में घूम रहे हैं। ऐसे फर्जी पत्रकार लोगों को धमकाकर रंगदारी मांगते हैं। रंगदारी ना देने पर टीवी पर या वेब पोर्टल में खबर दिखाकर संस्था को बंद करा देने की धमकी देते हैं। अभी हाल ही में ऐसे कई मामले उजागर हुए हैं जिनमें पुलिस ने कई तथाकथित पत्रकारों को हिरासत में भी लिया है।

18 नवंबर को संबलपुर जिले के बुर्ला में पुलिस ने दो वेब चैनल के दो पत्रकारों को एक व्यक्ति से अवैध वसूली के प्रयास में हिरासत में लिया है।

बीरेंद्र बागर्ति ने बुर्ला पुलिस स्टेशन में दो पत्रकारों फिलिप कुमार और आंनद संढ़ के विरुद्ध पैसे मांगने का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट लिखाई थी।

बागर्ति के रिपोर्ट अनुसार वे एक अन्य केस के सिलसिले में 17 नवंबर को पुलिस स्टेशन गये थे। जब वे बाहर आ रहे थे तो उस समय इन तथाकथित पत्रकारों ने बागर्ति से केस से मुक्त कराने के लिए पचास हजार रुपये की मांग की। जब उन्होंने असमर्थता जताई तो दोनों ने उन्हें बलात्कार के मुकदमे में फंसाने की धमकी दी।

दोनों के पास से प्रेस कार्ड मिले हैं जिसमें आंनद संढ़ ‘टुडे फर्स्ट न्यूज ओडिशा’और   फिलिप कुमार ‘युबा शक्ति न्यूज’ के पत्रकार हैं। बुर्ला पुलिस ने  दोनों के विरुद्ध आइपीसी धारा 389/506/34 के तहत मुकदमा दर्ज किया है।

पिछले महीने 26 अक्टूबर को ही राजधानी भुवनेश्वर से छ: फर्जी पत्रकारों को अवैध वसूली के मामले में गिरफ्तारी हुई थी। एक कारोबारी कंपनी के कथित गलत कामों को उजागर करने की धमकी देकर उससे जबरन वसूली करने के आरोप में तीन वेब समाचार चैनलों में कार्यरत छह लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया गया था। जानकारी के मुताबिक ज्योति ट्रेडर्स नामक घी फैक्ट्री के मालिक आलोक पाढ़ी व तोफान बारिक के पास 7 नकली पत्रकार 24 अक्टूबर को पहुंचे और रंगदारी मांगी। दोनों कारोबारी कुछ समझ पाते इससे पहले वे लोग फैक्ट्री के अंदर वीडियो बनाने लगे। उनलोगों ने वंहा नकली घी बनाने का आरोप लगाते हुए फैक्टरी मालिकों से मामले को उजागर नहीं करने के नाम पर पैसे मांगे।

कंपनी की शिकायत में कहा गया है कि आरोपी उसके कार्यालय में घुसे और 1.64 लाख रुपये की जबरन वसूली की। इसके अलावा उन्होंने दो कर्मचारियों को अपशब्द कहे और कार्यालय में तोडफ़ोड़ भी की। पुलिस ने गिरफ्तार लोगों के पास से जबरन वसूले गए 24 हजार रुपये बरामद किये।  उनके पास से इस वारदात में इस्तेमाल की गईं दो कारें और चार मोटरसाइकिलें भी बरामद की गई हैं।

इस संदर्भ में शिकायत होने के बाद कमिश्नरेट पुलिस की स्पेशल स्क्वार्ड की टीम ने रंगदारी मांगने वाले एक कार के ड्राइवर के साथ 5 वेब पोर्टल के पत्रकारों को गिरफ्तार किया है। इन नकली पत्रकारों में वेब पोर्टल टाइम्स ओडिआ का रिपोर्टर कान्हूचरण नायक, नृसिंह बेहेरा, आइएवाई न्यूज का पत्रकार विनायक बेहेरा, विजन टीवी का पत्रकार विश्वरंजन महांति, अनन्या न्यूज का पत्रकार लक्ष्मीकांत साहू एवं कार का ड्राइवर तथा एक अन्य बलराम बेहेरा शामिल है।

पुलिस ने आईपीसी दफा 395, 455 में एक मामला दर्ज कर कोर्ट चालान कर दिया। इनकी जमानत नामंजूर हो जाने के बाद इन्हें झारपड़ा जेल भेज दिया गया है।

इस घटना के अगले दिन 27 अक्टूबर को गंजाम जिले के बुगुड़ा  पुलिस ने बुगुड़ा के प्रखंड शिक्षा अधिकारी रसानन्द कर  से पैसा मांगने के आरोप में तीन और फर्जी पत्रकारों को हिरासत में लिया ।

शिक्षा अधिकारी ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया था कि बड़ खबर, ओटीवी औऱ प्रमेय समाचार पत्र के तथाकथित प्रतिनिधियों ने उनसे एक ‘कृत्रिम’ समाचार को दबाने के एवज में पचास हजार रुपये की मांग की। शिक्षा अधिकारी की शिकायत पर त्वरित कार्यवाही करते हुए बुगुड़ा पुलिस ने आरोपियों के विरुद्ध आइपीसी की धारा 353, 385, 506, 507 और 34 के अंतर्गत मामला दर्ज किया है।

 

भुवनेश्वर से सतीश शर्मा

 

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