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हमेशा मरता किसान ही है

किसानों के मुआवजा मामले पर केन्द्र सरकार तथा उत्तर प्रदेश की सरकार के बीच तकरार शुरू हो गयी है। ‘राजनीतिक गेमप्लान’ के  तहत इस जंग में बसपा भी कूद गयी है। किसानों की जीविका का साधन समाप्त होने पर और उचित मुआवजा न मिलते देख उत्तर पद्रेश में तीन सौ से अधिक किसान विवश होकर मौत को गले लगा चुके हैं। बाकी के किसान पलायन की राह पकडऩे को मजबूर हैं। किसानों के साथ गहरी पैठ बनाकर संकट को टाला जा सकता है। राजनैतिक नफा-नुकसान की रौशनी में बेशक यह एक जायज कदम हो, पर अन्न संकट में ये बेमानी है।

2017 के लिए चुनावी जंग उत्तर प्रदेश में चुनाव से दो वर्ष पूर्व शुरू हो गयी है। प्रदेश में सत्तारूढ़ समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव को समाजवादी पार्टी के अंदाज में ही जवाब देने की भारतीय जनता पार्टी ने नीति और रणनीति तय करके सड़कों पर धमा-चौकड़ी मचानी शुरू कर दी है। विधानसभा के सामने भारतीय जनता पार्टी किसानों के मुद्दे पर ‘जागो-रे-जागो सरकार जागो’ के नारे के साथ हल्ला बोल स्टाइल में प्रदर्शन कर सरकार को जगाने की बात कर रही है, तो दूसरी ओर ओलावृष्टि और अतिवृष्टि से बदहाल किसानों पर भाजपा के घडय़ाली आंसू बहाने का आरोप सपा लगा रही है। किसानों के मुआवजा मामले पर सपा सरकार ने भाजपा पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया है। समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता राजेन्द्र चौधरी ने केन्द्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह द्वारा किसानों के लिए 253 करोड़ रुपए रिलीज किए जाने की खबर को ऊंट के मुंह में जीरा बताते हुए कहा है कि यह मौसम की मार झेल रहे बदहाल किसानों के जख्मों पर नमक छिड़कने जैसा है। उन्होंने कहा कि हमेशा पूंजीपतियों के इशारों और उनके हितों के लिए काम करने वाली भारतीय जनता पार्टी किसानों के लिए इससे ज्यादा कुछ कर भी नहीं सकती।

चौधरी ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों के लिए हमेशा फिक्रमन्द है और लगातार उनकी बेहतरी के लिए कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार के असहयोगपूर्ण रवैये और किसान विरोधी नीतियों के चलते बेमौसम बारिश, अतिवृष्टि-ओलावृष्टि से पीडि़त किसान लगातार परेशान हो रहे हैं। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने पूछा कि रॉबर्ट वाड्रा को दी गयी जमीन वापस लेने की पहल कब करेंगे युवराज राहुल गांधी? वाजपेयी ने कहा कि किसानों के मुआवजा मामले पर सपा सरकार वादाखिलाफी कर रही है। किसानों को दिये गये कर्ज को अभी तक माफ नहीं किया गया है।

अखिलेश सरकार ने घोषणा की थी कि जितना मुआवजा केन्द्र सरकार देगी उतना प्रदेश सरकार अपनी तरफ से जोड़कर किसान को देगी। केन्द्र सरकार द्वारा 13,500 रूपये मुआवजा देने पर अखिलेश सरकार केवल 4500 रूपये ही दे रही है। डॉ. वाजपेयी ने कहा कि भाजपा पहले से ही कह रही है कि सरकारी मशीनरी नुकसान का आंकलन ठीक से नहीं कर रही है। किसानों से रिपोर्ट के नाम पर पैसों की वसूली हो रही है। इसकी पुष्टि मुख्यमंत्री के जनता दरबार में आये किसानों ने मुख्यमंत्री से स्वयं की। बसपा पर निशाना साधते हुए वाजपेयी ने कहा कि विरोध की रस्मअदायगी करने वाली मायावती ने प्रदेश की सत्ता में रहते हुए कहा था कि किसान उनका वोटर नहीं है।

समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता राजेन्द्र चौधरी ने कहा कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि को आपदा घोषित करते हुए निर्देश दिए हैं कि ऐसे किसान जो आपदा की परिभाषा में न आने के बावजूद अप्राकृतिक मृत्यु के शिकार हो गए हैं, उनके परिजनों को मुख्यमंत्री सहायता कोष से 5 लाख रुपए की वित्तीय मदद प्रदान की जाए। मुख्यमंत्री ने कृषि क्षति की व्यापकता तथा प्रदेश सरकार द्वारा जनपदों को दी गयी धनराशि और वित्तीय स्थिति के मद्देनजर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर 1,000 करोड़ रुपए की धनराशि अग्रिम रूप से स्वीकृत किए जाने का अनुरोध किया है। इस संबंध में भी केन्द्र सरकार द्वारा अभी तक किसी भी निर्णय का इंतजार ही किया जा रहा है। यह केन्द्र सरकार की संवेदनहीनता को दर्शाता है।

चौधरी ने बताया कि मुख्यमंत्री सहायता कोष से 5 लाख रुपए की वित्तीय मदद मृतक किसान की फसल का नुकसान होने की स्थिति में दी जाएगी। उल्लेखनीय है कि भारत सरकार द्वारा ऐसे किसानों के परिजनों को कोई आर्थिक मदद नहीं मिलती है। चौधरी ने कहा कि भारत सरकार द्वारा प्रभावित किसानों को मात्र 13 हजार 500 रुपए प्रति हेक्टेयर का अधिकतम मुआवजा दिया जा रहा है, जबकि राज्य सरकार 18 हजार रुपए प्रति हेक्टेयर की दर से मुआवजा दे रही है। इसी प्रकार भारत सरकार द्वारा किसानों के लिए न्यूनतम सहायता राशि 750 रुपए प्रति व्यक्ति है, जबकि राज्य सरकार के मुताबिक किसानों के लिए न्यूनतम सहायता राशि 1,500 रुपए प्रति व्यक्ति है।

आपदा की परिभाषा के अनुसार, मृत्यु होने की दशा में भारत सरकार 5 लाख रुपए की मदद कर रही है, जबकि राज्य सरकार 5 लाख रुपए के साथ-साथ 2 लाख रुपए अतिरिक्त, यानि कुल 7 लाख रुपए की मदद दे रही है।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि किसानों को राहत पहुंचाने का कार्य किसी भी दशा में प्रभावित न हो। मुख्यमंत्री ने कहा है कि ओलावृष्टि/अतिवृष्टि से प्रभावित किसानों को राहत प्रदान किए जाने की कार्यवाही शीघ्र की जाए तथा राहत वितरण में पूरी पारदर्शिता बरती जाए। यदि इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही या शिथिलता पाई जाएगी, तो सम्बन्धित अधिकारी/कर्मचारी के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

किसानों के मुआवजा मामले पर आने वाले दिनों में होने वाली अग्निपरीक्षा से पार्टी को एक बार फिर मजबूती के साथ निकालना होगा। किसानों के मुआवजा मामले पर सूबे में भाजपा व सपा में कौन किस पर भारी साबित होता है, यह तो समय बताएगा। प्रदेश में कांग्रेस अभी भी सुसुप्तावस्था में है।

कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. निर्मल खत्री अपनी शारीरिक व्याधियों के कारण संघर्ष में आगे नहीं आ पा रहे हैं, जिसके कारण ऐसा लगने लगा है कि प्रदेश में कांग्रेस हासिये पर चली गयी है। यह सच भी है कि 22 में से 20 लोकसभा सीटें गंवाने वाली कांग्रेस के पास प्रदेश में जनाधार के नाम पर मात्र यादें शेष रह गयी हैं। रही सही कसर राहुल गांधी की ऑक्सफोर्ड राजनीति ने खत्म कर दी। कांग्रेस में जीवनदान के लिए एक नये चेहरे की तलाश जारी है। जब तक तलाश होती है तब तक गंगा-यमुना के बीच काफी पानी बह चुका होगा। ऐसे में सामाजिक और सियासी समीकरण भाजपा बनाम समाजवादी पार्टी के बीच होना तय माना जा रहा है।

लखनऊ से सुरेन्द्र अग्निहोत्री

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