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भारत बायोटेक ने स्‍वदेशी टीके के आपातकालीन इस्‍तेमाल की अनुमति के लिए आवेदन किया

भारत बायोटेक ने स्‍वदेशी टीके के आपातकालीन इस्‍तेमाल की अनुमति के लिए आवेदन किया

भारत में कोविड-19 के स्‍वदेशी टीका कोवैक्‍सीन विकसित करने वाली कम्‍पनी भारत बायोटेक ने भारतीय औषधि महानियंत्रक-डीसीजीआई से अपने टीके के आपातकालीन इस्‍तेमाल की अनुमति के लिए आवेदन किया है। हैदराबाद स्थित भारत बायोटेक, सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया और फाइजर के बाद अपने टीके के आपातकालीन इस्‍तेमाल की मंजूरी के लिए आवेदन करने वाला तीसरी कम्‍पनी है।

भारत बायोटेक स्‍वदेशी तौर पर भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद के सहयोग से कोवैक्‍सीन विकसित कर रही है और अभी यह परीक्षण के तीसरे चरण में है। देशभर में 18 स्थानों पर 22 हजार से अधिक स्‍वयंसेवकों पर इसका परीक्षण किया जा रहा है।

किसी दवा के आपातकालीन इस्‍तेमाल की अनुमति तभी दी जाती है जब इस बात के पर्याप्त प्रमाण हों कि वह इलाज के लिए सुरक्षित और प्रभावी है। अंतिम मंजूरी परीक्षणों के पूरा होने और सम्‍पूर्ण आंकडों के विश्लेषण के बाद ही दी जाती है। भारत में फाइजर कंपनी ने कोविड 19 के अपनी वैक्‍सीन के आपातकालीन उपयोग की अनुमति मांगी थी। अमरीकी दवा निर्माता कम्‍पनी फाइजर ने अपने जर्मन सहयोगी बायोएन्‍टेक के साथ मिलकर इसे विकसित किया है। इस कम्‍पनी को ब्रिटेन और बहरीन में आपातकालीन उपयोग के लिए टीके की मंजूरी पहले ही मिल चुकी है। उसके अलावा टीके बनाने वाली दुनिया की सबसे बडी कम्‍पनी पुणे के सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया ने भी कोविशील्‍ड की मंजूरी के लिए आवेदन कर रखा है। इसे दवा कंपनी एस्‍ट्राजेनेका और ऑक्सफोर्ड विश्‍वविद्यालय द्वारा विकसित किया गया है।

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