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मूली के फायदे

मूली के फायदे

मूली तो आप खाते ही होंगे। मूली को मिलाकर कई तरह की सब्जियां बनाई जाती हैं। लंबी और पतली-सी दिखने वाली मूली को लोग बहुत पसंद से खाते हैं क्योंकि लोगों को यह पता है कि मूली के अनेक फायदे हैं। क्या आपको जानकारी है कि मूली एक औषधि भी है? कई रोगों के इलाज में मूली के औषधीय गुण से लाभ मिलता है। ठंड शुरू हो चुकी है और बाजार में सफेद हरे रंग की मूली के ढेर भी दिखाई देने लगे हैं। सलाद हो या फिर सब्जी, मूली का प्रयोग ठंड के दिनों में हर घर में किया जाता है। इस बार ठंड में आप भी मूली का भरपूर सेवन कीजिए, क्योंकि यह सेहत और सौंदर्य दोनों के लिए गुणकारी है।

सलाद में कई तरह की सब्जियों का उपयोग किया जाता है, जिनमें एक नाम मूली का भी है। हालांकि, कई लोग ऐसे भी हैं, जिन्हें मूली कुछ खास पसंद नहीं होती। इसी बात को ध्यान में रखते हुए हम इस लेख में मूली के फायदे बता रहे हैं, ताकि इसका सेवन कर इसके स्वास्थ्य लाभ लिए जा सकें। अन्य सब्जियों की तरह ही मूली खाने के फायदे भी अनेक हैं, बशर्ते इसका सेवन सीमित मात्रा में किया जाए। इस लेख के जरिए आप मूली के फायदे और नुकसान, दोनों ही जान पाएंगे। इस बात का ध्यान रखें कि मूली के गुण किसी भी समस्या का उपचार नहीं हैं। ये केवल समस्या से बचाव में कुछ हद तक मददगार हो सकते हैं।

मूली की तासीर ठंडी होती है, लेकिन यह आपको सर्दी-जुकाम से लडऩे में मदद कर सकती है। मूली खाने से जुकाम से बचे रह सकते हैं। इसलिए इस मौसम में अपने इम्यूनिटी सिस्टम को मजबूत करने के लिए खाने में मूली को शामिल जरूर करें।

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नियमित रूप से मूली खाने वाले व्यक्ति को कोई रोग नहीं होता। मूली को कच्चा खाना विशेष रूप से लाभ देता है। मूली पतली ली जानी चाहिए। ज्यादातर लोग मोटी मूली लेना पसंद करते हैं, क्योंकि वह खाने में मीठी लगती है परन्तु गुणों में पतली मूली अधिक श्रेष्ठ है।

मूली आपकी भूख को बढ़ाती है और आपके पाचन तंत्र को बेहतर कार्य करने के लिए प्रेरित करती है। गैस की परेशानी में खाली पेट मूली के टुकड़ों का सेवन फायदेमंद होता है।

मूली उच्च रक्तचाप को भी नियंत्रण में रखने का काम करता है। मूली में पोटैशियम होता है जो खाने में सोडियम की अधिक मात्रा को नियंत्रित करके शरीर को उच्च रक्तचाप के खतरे से बचाता है।

हर रोज सुबह उठते ही एक कच्ची मूली खाने से पीलीया रोग में आराम मिलता है। अगर पेशाब का बनना बंद हो जाए तो मूली का रस पीने से पेशाब दोबारा बनने लगती है। आधा गिलास मूली का रस पीने से पेशाब के साथ होने वाली जलन और दर्द मिट जाता है।

गुर्दे संबंधी परेशानियों के लिए मूली का रस और मूली दोनों ही रामबाण उपाय है। मूली के रस में सेंधा नमक मिलाकर नियमित रूप से पीने पर गुर्दे साफ होते हैं और गुर्दे की पथरी भी समाप्त हो जाती है। मूत्ररोग या इससे संबंधित किसी भी प्रकार की समस्या में मूली का रस फायदेमंद होता है। यह मूत्र मार्ग के हानिकारक तत्वों को खत्म कर संक्रमण फैलने से बचाता है और जलन, सूजन व अन्य समस्याएं समाप्त करता है।

दांतों की समस्या या पीलापन खत्म करना हो तो मूली के छोटे-छोटे टुकड़ों में नींबू का रस डालकर दांतों पर रगड़ें या कुछ देर तक चबाते रहें और थूक दें। इस तरह से दांतों का पीलापन कम होगा। मूली के रस का कुल्ला करने पर भी दांत मजबूत होंगे। प्रतिदिन खाने के साथ मूली का प्रयोग करने से लिवर और किडनी स्वस्थ रहते हैं और मजबूत होते हैं। कब्ज या बवासीर की परेशानी में भी मूली बेहद कारगर उपाय है। पेट संबंधी हर समस्या का हल मूली के पास है।

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अगर आपको नींद नहीं आती, तो मूली खाना आपके लिए बेहद जरूरी है। यह न केवल नींद न आने की समस्या से छुटकारा दिलाएगी बल्कि नींद लेने के लिए प्रेरित करेगी।

शारीरिक थकान या दर्द होने पर मूली खाना या इसका रस पीना फायदेमंद है। अगर गले में दर्द या सूजन हो तो मूली के रस में सेंधा नमक मिलाकर गरम करें और इस गुनगुने पानी से गरारे करें। इससे गले की सिकाई होगी और सूजन दूर होगी।

मूली आयरन का बहुत अच्छा स्रोत है। इसे खाने के तुरंत बाद सोना नहीं चाहिए क्योंकि इसके डायजेशन के लिए बॉडी को अतिरिक्त ऊर्जा की जरूरत होती है। इस कारण रात में इसका पाचन ठीक से नहीं हो पाता है। इसलिए कई बार यह पेट दर्द की वजह बन सकती है। बेहतर रिजल्ट के लिए मूली को हमेशा दिन के वक्त खाना चाहिए।

खाली पेट यानी सुबह सबसे पहले कभी भी मूली खाने से बचना चाहिए। इसका कारण इसमें आयरन की अधिकता ही है। क्योंकि आयरन की अधिकता के कारण खाली पेट इसे खाने पर पाचन संबंधी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं, इससे कई बार पेट दर्द होने लगता है या गैस बनने की दिक्कत होने लगती है।

 

उदय इंडिया ब्यूरो

 

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