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‘‘राजनीतिक असहिष्णुता का दूसरा नाम है ममता बनर्जी’’

‘‘राजनीतिक असहिष्णुता का दूसरा नाम है ममता बनर्जी’’

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने हाल ही में कोलकाता में पश्चिम बंगाल भाजपा के नए चुनाव कार्यालय और वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से पश्चिम बंगाल के 9 जिला भाजपा कार्यालयों का उद्घाटन किया। कार्यक्रम में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष श्री दिलीप घोष, भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री एवं पश्चिम बंगाल के प्रभारी श्री कैलाश विजयवर्गीय, पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री मुकुल रॉय, राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री श्री शिव प्रकाश, लोकसभा संसद लॉकेट चटर्जी, पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष श्री राहुल सिन्हा, श्री अनुपम हाजरा सहित कई पार्टी पदाधिकारी और पार्टी कार्यकर्ता उपस्थित थे। ज्ञात हो कि श्री नड्डा बूथ स्तर तक पार्टी की मजबूती और पार्टी के कार्यक्रमों की समीक्षा के लिए 120 दिनों के राष्ट्रव्यापी विस्तृत प्रवास के तहत दो दिवसीय प्रवास पर पश्चिम बंगाल में हैं। इस विस्तृत प्रवास कार्यक्रम की शुरुआत उन्होंने इसी महीने 04 दिसंबर से उत्तराखंड से की थी। कार्यालय उद्घाटन के पश्चात् वे भबानीपुर (भबानीपुर विधानसभा) में पार्टी के राज्यव्यापी कार्यक्रम ‘आर नोई अन्याय’ अभियान के तहत घर-घर जाकर जनसंपर्क भी करने वाले हैं।

श्री नड्डा ने कहा कि पश्चिम बंगाल से भारतीय जनता पार्टी का विशेष संबंध रहा है। जन संघ की स्थापना ही डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी की प्रेरणा से हुई थी। कांग्रेस ने देश का टुकड़ा होना स्वीकार किया लेकिन पाकिस्तान का टुकड़ा किया डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी ने। पश्चिम बंगाल को बचाने और उसे भारत के साथ अक्षुण्ण रखने में उन्होंने अभूतपूर्व योगदान दिया। देश की एकता और अखंडता एवं जम्मू-कश्मीर को भारत का अभिन्न अंग बनाने के लिए उन्होंने अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। जिस बात के लिए उन्होंने बलिदान दिया, उसे प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की दृढ़ राजनीतिक इच्छाशक्ति और गृहमंत्री श्री अमित शाह जी की कुशल रणनीति ने धारा 370 को धाराशायी करते हुए पूरा किया।

पश्चिम बंगाल की राजनीतिक परिस्थिति पर बोलते हुए भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि राजनीतिक असहिष्णुता का दूसरा नाम है ममता बनर्जी। राजनीतिक दृष्टि से विचारों का आदान-प्रदान प्रजातंत्र की खूबसूरती है और इसी के लिए तो पश्चिम बंगाल जाना जाता था। गुरुदेव रबीन्द्रनाथ टैगोर, महर्षि अरविंदो और स्वामी विवेकानंद की धरती में आज तृणमूल शासन में असहिष्णुता बढ़ता ही जा रहा है।

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी ने लंबी लड़ाई लड़ी है। एक समय था जब यहां हमारा वोट शेयर केवल 4 प्रतिशत हुआ करता था। 2014 के लोकसभा चुनाव में हमने दो सीटों पर जीत दर्ज की और हमारा वोट शेयर बढ़ कर 18 प्रतिशत हो गया। 2019 के लोकसभा चुनाव में हमें 18 सीटों पर विजय मिली और हमारा वोट शेयर लगभग 40 प्रतिशत हो गया। 2021 के विधानसभा चुनाव में भाजपा पश्चिम बंगाल में 200 सीटों पर विजय पताका लहराएगी और पूर्ण बहुमत की सरकार बनाएगी। पश्चिम बंगाल की जनता प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के साथ है, भारतीय जनता पार्टी के साथ है। हमने प्रदेश में 4 प्रतिशत से 40 प्रतिशत तक के वोट शेयर का सफर तय किया है। हमें एक छलांग और लगानी है, 2021 में ममता सरकार को उखाड़ फेंक कर कमल की सरकार बनानी है।

श्री नड्डा ने कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं ने कोविड लॉकडाउन में पश्चिम बंगाल में 1.06 लाख फूड पैकेट्स, 30 हजार राशन किट्स और 31.05 लाख फेस कवर का वितरण किया और लगभग एक करोड़ लोगों को पीएम केयर्स से जोड़ा। मैं विपरीत परिस्थितियों में भी जनसेवा कार्य के लिए मैं पश्चिम बंगाल के पार्टी कार्यकर्ताओं को हार्दिक बधाई देता हूं। जहां भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता लॉकडाउन के दौरान दिन-रात मानवता की सेवा में लगे हुए थे तो वहीं टीएमसी इस दौरान भाजपा के नेताओं और कार्यकर्ताओं को जन-सेवा से रोकने का पाप कर रही थी। हमारे प्रदेश अध्यक्ष श्री दिलीप घोष, सुभाष सरकार, अर्जुन सिंह, देबोश्री चौधरी, जॉन बराला, सुकांत मजूमदार सहित कई नेताओं को हाउस अरेस्ट कर लिया गया लेकिन इसके बावजूद राज्य के हमारे कर्मठ नेताओं ने कार्यकर्ताओं को प्रेरणा दी और मानवता की सेवा में लगे रहे।

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भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि पश्चिम बंगाल की स्थिति को देखते हुए हमें दु:ख भी होता है, शर्मसार भी होता हूं। जो बंगाल कभी अपनी संस्कृति, विराट हृदय और सोनार बांग्ला के लिए जाना जाता था, आज वहां हिंसा, भ्रष्टाचार, भाई-भतीजावाद, अपना-पराया और विकास के विरुद्ध काम करने का रास्ता टीएमसी सरकार ने अपना रखा है। पिछले कुछ वर्षों में 130 कार्यकर्ताओं ने अपने प्राणों की आहुति दी है, 100 से अधिक दिवंगत पार्टी कार्यकर्ताओं का तर्पण मैंने स्वयं किया है। पश्चिम बंगाल इस बात के लिए जाना जाता था क्या? टीएमसी सरकार इंसानियत के भी विरोध में है और इसने राजनीतिक असहिष्णुता की पराकाष्ठा पार कर ली है। मेरा यह मानना है कि जहां विचार की लड़ाई खत्म हो जाय, हिंसा की राजनीति शुरू हो जाए तो समझना चाहिए कि वहां राजनीतिक एक्टिविटी खत्म हो रही है। मैं पार्टी कार्यकर्ताओं को बधाई देता हूं कि वे इस कठिन परिस्थिति में भी डटे हुए हैं। मुझे पूर्ण विश्वास है कि 2021 में ममता बनर्जी सरकार का सफाया तय है। हाल ही में हमारे विधायक श्री देवेन्द्र नाथ रॉय की निर्मम हत्या कर दी गई लेकिन उनकी हत्या को तृणमूल सरकार ने आत्महत्या सिद्ध करने की कोशिश की। इसी तरह हमारे युवा कार्यकर्ता श्री मनीष शुक्ला की दिनदहाड़े ऑटोमेटिक गन से नृशंस हत्या कर दी गई और आज तक कोई पकड़ा नहीं गया। स्पष्ट है कि ये हमले स्टेट स्पोंसर्ड हैं

और राजनीतिक हित साधने के लिए पुलिस का भी राजनीतिकरण किया जा रहा है। प्रशासन को ध्यान रखना चाहिए कि तृणमूल सरकार हमेशा नहीं रहने वाली, भाजपा का सरकार बनना निश्चित है।

तृणमूल सरकार की राजनीतिक असहिष्णुता का उदाहरण देते हुए श्री नड्डा ने कहा कि अभी हाल ही में जाधवपुर विश्वविद्यालय के प्रोफेसर श्री अम्बिकेश महापात्रा को बिना किसी कारण गिरफ्तार कर लिया गया, आरामबाग टीवी के एडिटर श्री शफीकुल इस्लाम को गिरफ्तार कर लिया गया क्योंकि उन्होंने टीएमसी के करप्शन को उजागर किया था। इसी तरह आनंद बाजार पत्रिका के एडिटर श्री अनिर्बान चट्टोपाध्याय को ओवरनाइट हटा दिया गया क्योंकि उन्होंने जनता के सामने सच्चाई रखी थी। जंगलमहल में हमारे कार्यकर्ताओं को डराने के लिए अपराधियों को जेल से निकाल कर टीएमसी, पार्टी का प्रवक्ता बना रही है। पश्चिम बंगाल में तृणमूल सरकार तुष्टिकरण की राजनीति कर रही है। बीते 30 जुलाई और 01 अगस्त को ईद के कारण लॉकडाउन हटा लिया गया, हमें इससे कोई ऐतराज नहीं है लेकिन कुछ दिन बाद ही 05 अगस्त को जबरन कफ्र्यू लगा दिया गया जिस दिन अयोध्या में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी हजारों साल से करोड़ों लोगों की इच्छा के अनुसार भगवान् श्रीराम जन्मभूमि पर बनने वाले भव्य मंदिर का शिलान्यास कर रहे थे। ये तुष्टिकरण की राजनीति नहीं तो और क्या थी?

राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि हमें सबको साथ लेते हुए आगे बढऩा है, एक विकसित पश्चिम बंगाल बनाना है। चाहे फीमेल डोमेस्टिक वायलेंस का मामला हो, ह्यूमन ट्रेफिकिंग का मामला हो, महिलाओं के खिलाफ अपराध का मामला हो, आज पश्चिम बंगाल इस सब में सब से आगे है। अब तो ममता सरकार ने क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो को आंकड़े देना भी बंद कर दिया है। न तो कोरोना के आंकड़े बताती है, न डेंगू के मामलों की जानकारी देती है। ममता सरकार ने पश्चिम बंगाल के गरीबों और किसानों का हक मारने का काम किया है। वह न तो आयुष्मान भारत योजना राज्य में लागू होने दे रही है और न ही किसान सम्मान निधि योजना का फायदा किसानों को लेने दे रही है। राज्य के 75 लाख किसान इसके लाभ से अब तक वंचित हैं।

 

उदय इंडिया ब्यूरो

 

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