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2020 के संस्मरणीय पल

2020 के संस्मरणीय पल

वर्ष 2020 के दौरान कुछ ऐसी घटनाएं घटित हुई है, जो लंबे समय तक दिमाग में कैद रहेंगी। नए वर्ष की शुरुआत नागरिक कानून में संशोधन के खिलाफ दिसंबर 2019 से जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच हुई। नागरिक संशोधन कानून के विरोध में पूर्वोत्तर से उठी आवाज 2020 की शुरुआत तक देशभर में विरोध-प्रदर्शन की शक्ल ले चुकी थी। दिल्ली के शाहीन बाग में सीएए के खिलाफ लंबे समय तक प्रदर्शन चला। दिल्ली विधानसभा चुनाव नजदीक होने के कारण विरोध प्रदर्शन बड़ा सियासी मुद्दा बन चुका था। नए साल की शुरुआत में देश को सेनाध्यक्ष के रूप में मनोज मुकुंद नरवाने मिले और इसके साथ ही देश के पहले सीडीएस के रूप में विपिन रावत की नियुक्ति हुई।

ऑस्ट्रेलिया के जंगल में एक कोने में लगी आग ने पूरे जंगल को राख करने की खबर भी लोगों के गले नहीं उतर पा रही थी। सिडनी यूनिवर्सिटी के इकोलॉजिस्ट का अनुमान है, कि करीब 48 करोड़ पशु-पक्षी, एवं अनय वन्य प्रजाति आग में जल गये थे। पानी की कमी का असर इंसान और जानवरों के बीच संघर्ष के रूप में सामने आ रहा था। दक्षिण आस्ट्रेलिया में हजारों ऊंटों का कत्ल किया गया था और घोड़ों को मारे जाने की आशंका जताई गई थी। दूसरी तरफ ईरान के सैन्य कमांडर जनरल कासिम सुलेमानी की अमेरिकी हमले में मौत के बाद अंतर्राष्ट्रीय राजनीति में हड़कंप मच गया था। दोनों देशों में तनावपूर्ण स्थिति होने के कारण विश्व युद्ध के आसार बढ़ गए थे। पेंटागन के एक बयान में कहा गया कि जनरल सुलेमानी इराक और पूरे क्षेत्र में अमेरिकी राजनयिकों और अन्य सेवा अन्य सदस्यों पर हमला करने की योजना को सक्रिय रूप से विकसित कर रहे थे।

20 जनवरी को भारत की सत्तारूढ़ पार्टी भाजपा ने राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए जगत प्रकाश नड्डा को चुना वह पार्टी के 11 वे राष्ट्रीय अध्यक्ष बने। सरकार का चिंता करने का विषय तब बना जब भारत में कोरोना वायरस का पहला मरीज केरल में सामने आया। तब यह किसे पता था कि यह वायरस सारे विश्व की महामारी में तब्दील हो जाएगा। और सारे विश्व की अर्थव्यवस्था को पलट कर रख देगा। भारत में कोरोना का पहला मरीज 30 जनवरी को मिला था। हालांकि हवाई अड्डों पर स्क्रीनिंग जनवरी मध्य से ही शुरू की जा चुकी थी। स्वास्थ्य मंत्रालय के लिए यह एक बड़ी चुनौती थी। इसी माह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद में ऐलान किया कि अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र नमक ट्रस्ट का गठन किया है।

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दिल्ली विधानसभा चुनाव का मुकाबला शुरू से आम आदमी पार्टी एवं भाजपा के बीच नजर आ रहा था और रही बात कांग्रेस पार्टी की तो उसकी स्थिति इस चुनाव में बहुत कमजोर नजर आ रही थी। कांग्रेस पार्टी ने चुनाव प्रचार भी तब शुरू किया जब मात्र 7 से 8 आठ दिन का समय बचा हुआ था। चुनावी परिणाम घोषित हुआ तो जो कांग्रेस पार्टी को डर था वही हुआ एक बार फिर अपना खाता खोलने में भी नाकामयाब रही। भाजपा अपना पिछली बार आंकड़ा कुछ सुधार कर आठ सीटों पर आकर रुक गई और आम आदमी पार्टी भारी बहुमत के साथ 63 सीटें हासिल कर सत्ता में लौटी।

12 फरवरी का का दिन लोगों के लिए यादगार बन गया क्योंकि इसी दिन से काले वर्ष की शुरुआत हुई विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कोरोना वायरस कोविड-19 का नाम दिया। इसी माह में उत्तर प्रदेश के लखनऊ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एशिया की सबसे बड़ी रक्षा प्रदर्शनी डिफेंस एक्सपो का उद्घाटन किया था। इस प्रदर्शन के जरिए भारत ने अपनी सैन्य ताकत के साथ नई सैन्य टेक्नोलॉजी का प्रदर्शन किया। इसी दौरान कई विदेशी कंपनियों से रक्षा अनुबंध भी हुए। फरवरी में ही सुप्रीम कोर्ट ने एक और ऐतिहासिक निर्णय देते हुए सेना में महिला अधिकारियों को स्थाई कमीशन देने का आदेश दिया। दिल्ली में चल रहे विरोध प्रदर्शन और सीए कानून को वापस लेने की मांग पर अड़े आंदोलनकारियों में हिंसा भड़क गई अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पूरे दल बल के साथ भारत की यात्रा पर आए हुए थे इसके कारण सभी देशों की निगाहें भारत पर गड़ी हुई थी। दुर्भाग्य से इसी बीच दिल्ली दंगों की चपेट में आ चुकी थी ट्रंप के दौरे को कवर करने आया विदेशी मीडिया इसे अपने यहां  दिखाने लगा यह सब साजिश भारत को बदनाम करने की थी।

मार्च महीने की शुरूआत काफी दिक्कतों और काफी परेशानियों के साथ हुई। इसी महीने में वायरस की रफ्तार में तेजी होती जा रही थी। देश को कोरोना संक्रमण से बचाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को संबोधित करते हुए 21 दिनों का लॉकडाउन करने का ऐलान किया। देश को संबोधित करने के दौरान 22 मार्च को जनता कफ्र्यू की सफलता के लिए देशवासियों का आभार भी व्यक्त किया था। मध्य प्रदेश में सियासी हलचल तेज होने और ज्योतिरादित्य सिंधिया के द्वारा कांग्रेस से इस्तीफा देने के कारण कमलनाथ की सरकार गिर गई। शिवराज सिंह चौहान ने एक बार फिर मध्य प्रदेश की सत्ता संभाली। अप्रैल महीने की शुरुआत में दिल्ली के निजामुद्दीन स्थित मरकज में तबलीगी जमात के सदस्यों का एक साथ एकत्रित होना और वह भी लॉकडाउन के दौरान बड़ा मुद्दा बन गया जब यह बात सामने आई की अधिकतर जमाती कोरोना पॉजिटिव है तब तो सरकार की मुश्किलें और भी बढ़ गई अप्रैल में ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को संबोधित करते हुए लॉकडाउन के दूसरे चरण का ऐलान किया और 5 अप्रैल को रात्रि 9 बजे घर की सभी लाइटें बंद करके 9 मिनट तक दीपक, मोमबत्ती, टोर्च आदि चलाने का आह्वान किया और यह राष्ट्रीय एकता की भी एक अनूठी मिसाल बन गई थी। अप्रैल माह के दौरान ही देश ने आजादी के बाद का सबसे बड़ा पलायन तब देखा जब रोजी-रोटी छिन जाने के कारण प्रवासी मजदूर अपने-अपने गृह राज्यों की ओर निकल पड़े। प्रवासी मजदूरों के पलायन के समय देशभर से जिस तरह की दिल दहलाने वाली तस्वीरें सामने आई उनको देश लंबे समय तक याद रखेगा देश की स्थिति को देखते हुए राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और कैबिनेट सदस्यों और सांसदों ने यह तय किया कि 1 साल तक अपनी तनख्वाह का 30 प्रतिशत हिस्सा कोविड-19 से लडऩे में खर्च करेंगे। और इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने गरीब कल्याण पैकेज की घोषणा की जिसके तहत गरीब परिवारों को 3 महीने के लिए मुफ्त अनाज दिए जाने की घोषणा की गई। कोरोना वारियर्स को बड़ी राहत प्रदान करते हुए केंद्र सरकार ने महामारी कानून में बदलाव किए। डॉक्टर, स्वास्थ्य कर्मियों और पुलिस पर हमला करने वालों पर कड़ी सजा के प्रावधान किए। अप्रैल के मध्य महाराष्ट्र के पालघर में दो साधुओं तथा उनके ड्राइवर की हत्या से देश भर में हड़कंप मचा दिया था। साधुओं की हत्या के कारण देश भर में साधु संतों में गुस्सा देखा गया यह घटना बहुत ही शर्मनाक और निंदनीय थी। बताया जा रहा था कि  भीड़ ने उनकी गाड़ी को रोककर बच्चा चोर कहकर पीट-पीटकर मार दिया इस घटना का वीडियो जब वायरल हुआ तो इसके कारण देशभर में गुस्सा और बढ़ गया। इस मामले ने सांप्रदायिक रंग भी खूब लिया। अप्रैल के अंत में वह तस्वीर भी सामने आए जिसमें लॉकडाउन के कारण देश की सभी नदियों का जल साफ और महानगरों की हवा शुद्ध हो गई थी।

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मई महीने में भारत सरकार ने वंदे भारत मिशन के जरिए विदेशों में फंसे भारतीयों को वापस लाने का बड़ा अभियान शुरू किया। 7 मई 2020 आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम में जब केमिकल प्लांट से जहरीली गैस का रिसाव हो गया और उसकी चपेट में आने से करीब 10 लोगों की मौत हो गई और 200 से अधिक लोगों को अस्पताल में भर्ती करवाया गया। देश में आर्थिक रफ्तार धीमी पड़ी थी। जीडीपी लगातार गिर रही थी सरकार के लिए सबसे बड़ी चुनौती थी। इसके समाधान और सारे देश की अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए प्रधानमंत्री मोदी ने 20 लाख करोड रुपए के राहत पैकेज आत्मनिर्भर भारत की घोषणा की पैकेज की घोषणा सभी को राहत प्रदान करने वाली और अलग-अलग चरणों में की गई थी। दूसरी और मई महीने में आए अंफान  तूफान ने पश्चिम बंगाल और उड़ीसा जैसे राज्यों के अलावा उत्तर प्रदेश में कई मैदानी राज्यों में भयंकर तबाही मचाई थी। अंफान तूफान से करीब एक लाख करोड़ रुपए तक के नुकसान की आशंका जताई।

भारत ने जिस तरह से न सिर्फ कोरोना को रोकने के लिए बड़े कदम उठाए हैं बल्कि पूरे विश्व की मदद भी की है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन को विश्व स्वास्थ्य संगठन के कार्यकारी बोर्ड का निर्देशक चुना गया। इसी महीने में देश के कुछ राज्यों में टिड्डियों के हमले की शुरुआत हुई इससे फसलों को काफी नुकसान हुआ टिड्डियों के दलों ने पंजाब, राजस्थान उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश पर अपना धावा बोला था। तूफान निसर्ग से महाराष्ट्र और गुजरात में इतना अधिक नुकसान नहीं हुआ क्योंकि मौसम विभाग द्वारा सही समय पर मिली सूचना के कारण बड़ा नुकसान होने से टल गया इसी जून के महीने में भारत को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का अस्थाई सदस्य चुना गया। सरकार ने कृषि क्षेत्र में आमूलचूल परिवर्तन करते हुए व कृषि मंडियों के बाहर किसानों द्वारा अपनी फसल बेचने और कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग को लेकर 5 जून को अध्यादेश जारी किए गए थे। संसद स्तर न चलने के कारण आपातकालीन स्थिति में 6 महीने के लिए इन अध्यादेशो को जारी किया गया था। इसके कारण पंजाब हरियाणा समेत देश के कई राज्यों में विरोध प्रदर्शन हुआ। फिल्म अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत ने 14 जून को मुंबई स्थित घर में आत्महत्या कर सभी को चौंका दिया और इस मुद्दे ने कोविड-19 के मुद्दे को इस तरह छिपा दिया था। जेसे कि देश में कुछ हुआ ही न हो। टेलीविजन पर मीडिया के द्वारा 2 महीने तक इस मुद्दे को न्यूज मसाला बनाकर पेश किया गया था।

पूर्वी लद्दाख में भारत और चीन के बीच लंबे समय से सैन्य गतिरोध चल रहा है। 15 जून की दरमियां रात गलवान घाटी में भारत और चीन के सैनिकों में हिंसक झड़प हुई जिसमें भारत के 20 जवान शहीद हुए भारत का दावा है कि चीन सैनिकों का भी नुकसान हुआ है। चीन की तरफ से कोई अधिकारिक बयान नहीं आया है, जिसमें अपनी सेना को किसी भी तरह का कोई नुकसान होने की बात नहीं मानी है इसके बाद दोनों देशों में पहले से मौजूदा तनाव और बढ़ चुका था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चीन के मुद्दे पर सर्वदलीय बैठक का आह्वान किया और उन्होंने देश को भरोसा दिलाया कि भारतीय सैनिकों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। महीने के अंत में भारत सरकार ने चीन के 59 मोबाइल एप्स को भी प्रतिबंध कर दिया इसे चीन की अर्थव्यवस्था पर काफी असर पड़ा। इस कोरोना महामारी ने भारत नहीं बल्कि पूरे विश्व की अर्थव्यवस्था को अस्त-व्यस्त कर दिया। अर्थव्यवस्था के साथ-साथ शिक्षा पर भी गहरा असर पड़ा भारत में लगभग 32 करोड़ छात्रों की शिक्षा प्रभावित हुई जिसमें 15.81 करोड़ लड़कियां और 16.85 करोड़ लड़के शामिल है। वैश्विक स्तर की बात करें तो इस महामारी से दुनिया के 193 देशों के 157 करोड़ छात्रों की शिक्षा प्रभावित हुई है। कुछ विद्यालयों ने विद्यार्थियों के भविष्य के बारे में सोचते हुए और उनका शिक्षा के प्रति उत्साह बढ़ाने के लिए शिक्षा की कार्यशैली को सोशल मीडिया से जोड़ दिया है, ताकि लॉकडाउन का शिक्षा पर कोई प्रभाव न पड़े परंतु हमारा देश इतना भी विकसित नहीं है कि देश का हर एक छात्र सुविधा का लाभ ले सके।

राजस्थान की मौजूदा कांग्रेस सरकार पर संकट के बादल मंडराने लगे जुलाई महीने में सियासी हलचल तेज होने के कारण सचिन पायलट और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बीच विवाद की खबरें काफी सुर्खियों में बनी हुई थी। जुलाई माह में मध्य प्रदेश के रीवा जिले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एशिया के सबसे बड़े सौर ऊर्जा प्लांट का उद्घाटन किया। यह प्लांट रीवा से 25 किलोमीटर दूर गुढ तहसील में 1590 एकड़ में फैला हुआ है। यहां बनने वाली बिजली में से 24 प्रतिशत दिल्ली मेट्रो को जबकि शेष 70 प्रतिशत बिजली मध्य प्रदेश के राज्य बिजली वितरण कंपनियों को जाएगी। जुलाई माह के अंत में दुनिया के सबसे बेहतरीन लड़ाकू विमानों में से एक राफेल भारत की सैन्य ताकत को मजबूती देने अंबाला एयरबेस पर उतर चुके थे। चीन के साथ चल रहे सीमा तनाव के बीच राफेल का भारत में आना बहुत महत्वपूर्ण माना गया। राफेल विमान भारत आने को लेकर लोगों में भी खास उत्साह देखने को मिला। जिसकी खुशी सोशल मीडिया के सहारे भी जाहिर की थी।

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5 अगस्त के दिन अयोध्या में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने श्री राम मंदिर जन्मभूमि का पूजन किया था। पूजन से पहले सारी अयोध्या नगरी को दुल्हन की तरह सजाया गया। इस दिन का इंतजार देश के हर एक नागरिक को लंबे समय से था। भाजपा के लिए 5 अगस्त का दिन कुछ खास ही माना जाता है क्योंकि आज से ठीक 1 साल पहले 5 अगस्त 2019 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने जम्मू कश्मीर से धारा 370 को खत्म किया था। अगस्त माह के मध्य कृषि प्रणाली में सुधार और  देश में कृषि बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को बढ़ावा देने और किसानों को सस्ता कर्ज मुहैया करवाने के लिए प्रधानमंत्री मोदी ने 1 लाख करोड रुपए के एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड को लांच किया था। सितम्बर माह में उत्तर प्रदेश के हाथरस में एक  ऐसा का मामला हुआ। जिसने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींचा था। एक 20 साल की दलित लड़की से गांव के कुछ लोगों ने कथित गैंगरेप किया था। रेप के दौरान लड़की को बेरहमी से पीटा गया था। 28 सितंबर पीडि़त लड़की को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में रेफर किया गया था और उससे दूसरे दिन ही पीडि़त लड़की की मौत हो गयी थी। इसके बाद उत्तर प्रदेश की पुलिस ने पीडि़ता का शव आनन-फानन में देर रात जला दिया था। इस घटना के बाद उत्तर प्रदेश में खूब सियासत गरमाई थी।

हिमाचल प्रदेश के रोहतांग में 3 अक्टूबर के दिन दुनिया की सबसे लंबी सुरंग अटल टनल का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उद्घाटन किया। अटल सुरंग दुनिया में सबसे लंबी राजमार्ग सुरंग है और यह सुरंग 9 किलोमीटर लंबी है। इसी माह के मध्य बिहार चुनाव प्रचार काफी जोर-शोर पर था। सत्ताधारी पार्टी बीजेपी ने बड़ा दाव चलते हुए बिहार के लोगों को फ्री कोरोना वैक्सीन देने का वादा किया। बीजेपी के इस वादे पर वैक्सीन को राजनीतिक एजेंडा के लिए इस्तेमाल करने के लिए भी सवाल उठने लगे थे। बिहार विधानसभा के चुनावी परिणाम घोषित हुए तो इस बार नेशनल डेमोक्रेटिक एलायंस (एनडीए) को अच्छा बहुमत मिला। एनडीए को 125 महागठबंधन को 110 सीटें मिली।  तेजस्वी यादव की आरजेडी  75 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बन गई और बीजेपी 74 सीटों के साथ दूसरी सबसे बड़ी पार्टी बनी। लोकसभा से पास हो चुके कृषि विधेयक बिल को राज्यसभा में विपक्ष के भारी हंगामे के बीच पास कर दिया गया। तीनों विधायकों कृषक उपज व्यापार एवं वाणिज्य (संवर्धन एवं सरलीकरण) विधेयक 2020 और कृषक (सशक्तिकरण व संरक्षण) कीमत आश्वासन और कृषि सेवा पर करार विधेयक 2020 राज्यसभा से पास होने के बाद 23 सितंबर को राष्ट्रपति के हस्ताक्षर के बाद तीनों नए कृषि  बिलों ने कानून का रूप ले लिया।

ऐसा बहुत ही कम होता है, कि किसानों से जुड़ा हुआ मुद्दा पूरे देश में चर्चा का विषय बना हो। मंडी माफिया और कई राजनीतिक पार्टियों द्वारा किसानों को गुमराह कर इकट्ठा किया गया। अपनी राजनीतिक रोटियां सेकने और बढ़ते हुए आंदोलन के माहौल को देखते हुए भाजपा सरकार में केंद्रीय मंत्री रही हरसिमरत कौर बादल ने तीनों कानूनों का विरोध करते हुए मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया और इन कानूनों को किसान विरोधी कानून बताया। इन तीनों कानूनों को वापस लेने और सरकार से अपनी मांगों को मनवाने के लिए पंजाब और हरियाणा के किसान दिल्ली की ओर कूच कर गए। हरियाणा में तो आंदोलनकारियों पर लाठीचार्ज भी हुआ। किसान आंदोलन विश्व का सबसे बड़ा आंदोलन माना जा रहा है। दुनिया में सबसे प्रतिष्ठित टाइम्स मैगजीन ने दिसंबर 2020 के कवर पेज पर किसी हस्ती की तस्वीर लगा न लगाकर बल्कि 2020 को रेड क्रॉस ‘ङ्ग’ से दर्शाया है। टाइम्स मैगजीन 100 सालों के इतिहास में अपनी मैगजीन के कवर पेज पर पांचवी बार रेड क्रॉस ‘ङ्ग’ को दर्शाया। साल 2020 में कोरोना महामारी ने जहां कई देशों की अर्थव्यवस्था को उल्ट कर रख दिया है, तो लाखों लोगों की जान ले ली है। करोड़ों लोगों को तो बीमार और लाखों लोगों को बेरोजगार और बेघर किया है। यह इतिहास का सबसे बड़ा काला वर्ष माना गया है।

 

अंकुश मांझू

 

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