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अगले वित्त वर्ष में भारत के सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि दर 11 प्रतिशत रहने का अनुमान

अगले वित्त वर्ष में भारत के सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि दर 11 प्रतिशत रहने का अनुमान

सरकार ने कहा है कि देश में ‘वी’ आकार का आर्थिक सुधार हो रहा है जो अर्थव्‍यवस्‍था की आंतरिक मजबूती और संकट से उबरने की क्षमता का प्रमाण है। विशाल टीकाकरण अभियान, सेवाओं के क्षेत्र में मजबूत सुधार तथा उपभोग और निवेश में तेज वृद्धि के बल पर यह आर्थिक सुधार हुआ है।

कल संसद के पटल पर रखे गए आर्थिक सर्वेक्षण में वित्‍त वर्ष – 2021-22 में भारत का वास्‍तविक सकल घरेलू उत्‍पाद- जी डी पी की वृद्धि दर 11 प्रतिशत रहने का अनुमान है और मु्द्रास्‍फीति का संज्ञान लेने वाली नोमिनल जी डी पी 15 दशमलव चार प्रतिशत रह सकती है जो स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद का सर्वोच्‍च स्‍तर होगा।

प्रमुख आर्थिक सलाहकार डॉक्टर कृष्णमूर्ति सुब्रह्मण्‍यन ने कहा कि बिजली की मांग, माल ढुलाई, ई-वे बिल, जी एस टी संकलन और स्‍टील की खपत जैसे संकेतों में तेजी लौटने के बल पर ये वी शेप सुधार आया है।

श्री सुब्रह्मण्‍यन ने कहा कि भारत को आर्थिक वृद्धि पर ध्‍यान केन्‍द्रि‍त रखना होगा ताकि गरीबी से लोगों को बाहर निकालने के लिए उन तक समर्थन पहुंचाने वाली नीतियों को बढ़ावा देने के लिए सरकार के पास अतिरिक्‍त साधन हों।

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