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‘‘हमारी सरकार समृद्ध कर्नाटक के निर्माण की दिशा में काम कर रही है’’

‘‘हमारी सरकार समृद्ध कर्नाटक के निर्माण की दिशा में काम कर रही है’’

‘कर्नाटक लॉकडाउन उठाने वाले पहले राज्यों में से एक है और सभी उद्योगों के कामकाज को भी सुचारु रूप से सक्षम बनाया है। नई औद्योगिक नीति ने औद्योगिक क्षेत्र में महान परिवर्तनों की शुरुआत की है। यह नीति उन्नत विनिर्माण, अनुसंधान और विकास और नवाचार पर जोर देती है और नवाचार के क्षेत्र में कर्नाटक के नेतृत्व की स्थिति पर फोकस करती है जहां हम देश में  लगातार दूसरी बार नंबर 1 पर हैं। हमने भूमि की खरीद को आसान बनाने के लिए और आसान श्रम अनुपालन के लिए भी उपाय किए हैं,’ ऐसा कहना है कर्नाटक के मुख्यमंत्री बी. एस. येदियुरप्पा का दीपक कुमार रथ से हुई बातचीत के दौरान। प्रस्तुत हैं इस बातचीत के मुख्य अंश।

 

आप कर्नाटक के मुख्यमंत्री के रूप में अपने चौथे कार्यकाल का आकलन कैसे करते हैं?

मैं इसे कर्नाटक के लोगों की सेवा करने के अवसर के रूप में देखता हूं। हमारी सरकार समृद्ध कर्नाटक के निर्माण की दिशा में काम कर रही है। हमने बाढ़ और कोविड-19  महामारी जैसी कई बाधाओं के बावजूद राज्य में प्रगति की गति को बनाए रखा है।

कर्नाटक में आपकी सरकार द्वारा की गई विकास की गतिविधियों के बारे में बताएं।

गंभीर और बार-बार आने वाली बाढ़ और  कोविड-19 महामारी के बावजूद, हम जीवन और आजीविका के बीच संतुलन बनाने में कामयाब रहे। कर्नाटक लॉकडाउन उठाने वाले पहले राज्यों में से एक है और सभी उद्योगों के कामकाज को भी सुचारु रूप से सक्षम बनाया है। नई औद्योगिक नीति ने औद्योगिक क्षेत्र में महान परिवर्तनों की शुरुआत की है। यह नीति उन्नत विनिर्माण, अनुसंधान और विकास और नवाचार पर जोर देती है और नवाचार के क्षेत्र में कर्नाटक के नेतृत्व की स्थिति पर फोकस करती है जहां हम देश में  लगातार दूसरी बार नंबर 1 पर हैं। हमने भूमि की खरीद को आसान बनाने के लिए और आसान श्रम अनुपालन के लिए भी उपाय किए हैं।

भारत सरकार के समर्थन से विभिन्न बुनियादी ढांचा विकास परियोजनाएं पूरे जोर-शोर से चल रही हैं। बीदर और कलबुर्गी हवाई अड्डे चालू हैं। शिवमोगा हवाई अड्डे के काम में तेजी लाई गई है। राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क को उल्लेखनीय रूप से बढ़ाया जा रहा है।

किसानों को उनकी आय दोगुनी करने के लिए हर तरह का समर्थन दिया जा रहा है। प्रत्येक किसान को पीएम-किसान के तहत 4000 रुपये का प्रत्यक्ष मौद्रिक समर्थन, 6,000 रूपये के अलावा, दिया जा रहा है। हम उन्हें बेहतर विपणन विकल्प प्रदान करने के लिए राज्य में एक अध्यादेश और संशोधित ्रक्करूष्ट अधिनियम भी लाए हैं।

हमने कोप्पल में भारत के पहले खिलौना क्लस्टर की नींव भी रखी है। हम कल्याण कर्नाटक क्षेत्र पर ध्यान केंद्रित करने वाली क्षेत्रीय असमानताओं को कम करने के लिए कमजोर तबकों के लिए आय सृजन गतिविधियों को भी बढ़ावा दे रहे हैं।

बेंगलुरु मिशन 2022 सरकार की एक महत्वाकांक्षी परियोजना है, जो दो वर्षों में शहर के बुनियादी ढांचे को  सुधर करने के उद्देश्य से बनाई गयी है।

हम औद्योगिक कॉरिडोर पर सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं। तुमकुरु, जोकि बेंगलुरु से सिर्फ 70 किलोमीटर दूर है, पूरे देश में, 10000 एकड़ क्षेत्र के साथ,योजनाबद्ध तरीके से सबसे बड़े औद्योगिक टाउनशिप में से एक होने जा रहा है।

आप कर्नाटक विधानसभा उपचुनाव और पंचायत चुनावों में भाजपा की जीत को कैसे देखते हैं?

भाजपा दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र, भारत में सभी स्तरों पर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी है। इसने राज्य भर में निस्संदेह अपनी जड़ें मजबूत की हैं। और लोग इसके प्रदर्शन और विकास के एजेंडे के आधार पर बीजेपी का समर्थन कर रहें हैं।

जनवरी 16 से शुरू हुए  कोविड- 19  के टीकाकरण अभियान के संबंध में, वर्तमान स्थिति के बारे में आपका क्या आकलन है?

कर्नाटक ने पूरे राज्य में सफलतापूर्वक  कोविड-19  महामारी को नियंत्रित किया है और अब इसकी संख्या में उल्लेखनीय कमी आई है। इस बीच, नया साल  कोविड- 19  के लिए वैक्सीन का तोहफा लेकर आया है। कर्नाटक ने भारत सरकार के दिशानिर्देशों के अनुसार पूरे राज्य में टीकाकरण अभियान शुरू किया है। टीकाकरण अभियान में भी हम देश में नंबर एक राज्य हैं। पिछले बारह दिनों में 2.62 लाख स्वास्थ्यकर्मियों  का टीकाकरण किया गया है। लेकिन अभी भी बहुत कुछ करना है, और मुझे विश्वास है कि हम उन्हें भी जल्द ही कवर कर लेंगे।

कोविड-19 से क्या सबक लिए हैं?

एक कहावत कहती है – ‘एक अच्छे संकट को कभी भी बर्बाद न होने दें। हमारे प्रधानमंत्री के आह्वान के अनुसार, हम  कोविड-19 की  चुनौती को अवसरों में परिवर्तित कर रहे हैं।

कर्नाटक अब तक कोरोना के मामलों को रोकने में काफी हद तक सफल रहा है। आपने दूसरे राज्यों की अपेक्षा ऐसा क्या अलग किया?

परीक्षण, अनुरेखण, ट्रैकिंग, उपचार और प्रौद्योगिकी हमारे लिये कोरोना को फैलने से रोकने में सहायक रही हैं। शुरू में जब वायरस बढ़ रहा था, तभी हमने स्वास्थ्य सुविधाओं पर जोर दिया ताकि इसे रोका जा सके। इसके अलावा यह सुनिश्चित किया गया की लोग मास्क पहनें, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें तथा सेनिटाइजेशन का प्रयोग करें। सरकार की पूरी मशीनरी बिना थके  कोरोना महामारी को रोकने के लिए काम करती रही है।

कर्नाटक आईटी इंडस्ट्री का हब हैं। लॉकडाउन के दौरान इस क्षेत्र को किस प्रकार की कठिनाइयों का सामना करना पड़ा तथा इनसे लडऩे के लिए आपने किस प्रकार के कदम उठाए? 

कोरोना महामारी के कारण सभी क्षेत्रों को भरी नुकसान हुआ और आईटी सेक्टर कोई अपवाद नहीं है। आइटी/आइबी क पनियों  को कहा गया की वे अपने कर्मचारियों को न हटायें। और उन्हें यह भी कहा गया की वे अपने ऑफिस में 50  प्रतिशत लोगों के साथ अपना कार्य जारी रखें।

आपने अपने राजनीतिक जीवन में कई चुनौतियों का सामना किया। कोरोना से लडऩे की चुनौती को किस श्रेणी में रखते हैं?

कोरोना की चुनौती राजनीतिक चुनौती से बिल्कुल भिन्न है। लोगों की सुरक्षा हमारे लिए सबसे बड़ी प्राथमिकता थी। और हमने इसके लिए अपना सबसे अच्छा प्रयास किया।

वर्ष 2020-2021 के बजट के दौरान आपने यह स्वीकार किया था कि राज्य गंभीर वित्त संकट का सामना कर रहा है क्योंकि केन्द्र से 2019-20 का जीएसटी काफी कम मिला। इससे रा’य की राजकोषीय स्थिति पर क्या प्रभाव पड़ा?

राज्य की अपने आर्थिक अनुशासन के लिये प्रतिष्ठा हैं। बाढ़ और कोरोना महामारी की चुनौतियों के बावजूद हमने सावधानीपूर्वक विकास और चुनौतियों के बीच मेल बनाए रखा। हम महामारी की चुनौतियों को नियंत्रित करने में सफल रहे हैं। और इससे हमारी अर्थव्यवस्था पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा है। हम आर्थिक पुर्नजागरण के लिए केंद्र सरकार की गाइडलाइन का अनुसरण करेंगे।

क्या कुछ विभागों को आपस में मिलाने का कोई प्लान है जैसे सिंचाई को जल संसाधन से और पिछड़ा अर्ग को सामाजिक कल्याण से ताकि अनावश्यक खर्च को  कम किया जा सके?

इस मामले को देखने के लिए कैबिनेट सब-कमेटी बनायी गयी है। इसकी  रिपोर्ट के आधार पर हम निर्णय लेंगे।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी प्रवासी कामगारों को रोजगार देने का वादा किया है। क्या आप भी ऐसा करेंगे?

राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के माध्यम से सभी प्रवासी कामगारों को रोजगार देने का वायदा किया गया हैं। जैसाकि आर्थिक गतिविधियां आरंभ हो चुकी है, अत: प्रवासी कामगार भी एक बार फिर रोजगार के अवसर के लिए शहरी क्षेत्रों में वापस आ रहे हैं। एक स्किल कनेक्ट पोर्टल को भी लांच किया गया है, जो इंडस्ट्री और श्रमिक दोनो को लाभ पहुंचाएगी।

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