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बलवर्धक अनार

बलवर्धक अनार

अनार किसे पसंद नहीं है। अनार का छिलका जितना कठोर होता है, अंदर उतना ही स्वादिष्ट, और मीठा फल होता है। किसी भी व्यक्ति को, कोई भी रोग हो जाए, लोग उन्हें सबसे पहले अनार के सेवन की सलाह ही देते हैं। डॉक्टर भी कमजोरी दूर करने के लिए, या इलाज के बाद स्वास्थ्य लाभ पाने के दौरान, रोगी को अनार खाने के लिए बोलते हैं। आपको भी यही पता होगा कि अनार के सेवन से आपकी सेहत को बहुत फायदे मिलते हैं, लेकिन क्या आपको पता है कि अनार के वे फायदे कौन-कौन से हैं? नहीं ना! आप यह नहीं जानते होंगे कि अनार का प्रयोग कर रोगों की रोकथाम भी की जा सकती है।

ऐसा माना जाता है कि सुबह के वक्त अनार खाना आपकी सेहत के लिए सबसे ज्यादा फायदेमंद होता है। अनार में पर्याप्त मात्रा में शुगर और विटामिन पाएं जाते हैं, जो किसी को भी स्वस्थ रखने में मदद करते हैं। अनार में पौष्टिक तत्व आपके दिन को स्वस्थ शुरुआत देते हैं। वहीं शुगर आपको पर्याप्त ऊर्जा देने का काम करती है, जिससे आप दोपहर के भोजन तक एनर्जी देने का काम करते हैं।

एनिमिया से पीडि़त लोगों को अनार का सेवन करने की सलाह दी जाती है। अनार का नियमित सेवन शरीर में न केवल आयरन की कमी को पूरा कर सकता है बल्कि उसके साथ रेड ब्लड सेल्स को भी बढ़ाने का काम कर सकता है। अनार के नियमित सेवन से रक्त में हीमोग्लोबिन की मात्रा बढ़ती है, जिसके परिणामस्वरूप ब्लड फ्लो भी बेहतर हो सकता है।

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अनार हमारे दिल के स्वास्थ्य को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा कर सकता है। अनार में मौजूद पोषक तत्व हमारी रक्त धमनियों को साफ कर रक्त प्रवाह को बेहतर बनाते हैं, जिसके जरिए रक्त हमारे ह्रदय से सभी अंगों तक बराबर पहुंच जाता है और ह्रदय संबंधी बीमारियां दूर रहती हैं।

 

अनार में फ्लेवोनॉइड्स नाम का एंटीऑक्सीडेंट होता है। फ्लेवोनॉइड्स कैंसर रोधी होता है। जिन्हें प्रोस्टैट और ब्रेस्ट कैंसर का खतरा होता है, उन्हें अनार का जूस जरूर पीना चाहिए। जिन्हें कैंसर है उनके लिए भी अनार का जूस फायदेमंद है। इसे खाने से PSA का स्तर घट जाता है और कैंसर से लडऩे में मदद मिलती है।

गर्भवती महिलाओं के लिए अनार का रस फायदेमंद हो सकता है। दरअसल, यह फॉलिक एसिड सहित कई विटामिन और खनिजों से समृद्ध होता है, जो प्रसव से पहले गर्भवती के स्वास्थ्य के लिए जरूरी माने जाते हैं। इसके अलावा, अनार के जूस में एंटी इंफ्लेमेटरी गुण मौजूद होते हैं, जो शरीर में स्वस्थ रक्त प्रवाह को बढ़ावा देकर भू्रण के विकास में मदद कर सकते हैं। अनार के रस में पोटैशियम भी पाया जाता है, जो गर्भावस्था के दौरान पैरों की ऐंठन को रोकने में मददगार साबित हो सकता है।

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अनार में एंटीऑक्सीडेंट गुण मौजूद होते हैं, जिस वजह से इसे हृदय स्वास्थ्य के लिए अच्छा माना जाता है। दरअसल, अनार के सेवन से अच्छे कोलेस्ट्रॉल का स्तर बढ़ता है और हानिकारक ऑक्सीडाइज लिपिट का असर कम होता है। इसके अलावा, अनार का सेवन करने से एथेरोस्क्लेरोसिस होने की आशंका काफी हद तक कम हो जाती है। बता दें कि धमिनयों में वसा व कोलेस्ट्रॉल के जमा होने पर एथेरोस्क्लेरोसिस नामक बीमारी होती है।

अनार के रस के साथ सौंफ, धनिया और जीरा इनको बराबर मात्रा में पीस कर इनका चूर्ण बनाकर सेवन करें। अथवा अनार के रस में पका हुआ केला मथकर इसका सेवन करें। अनार  के पत्तों को उबाल कर उसका काढ़ा पीने से कब्ज से पीछा छुड़ाया जा सकता है। अजवायन का चूर्ण फांक कर फिर अनार का रस पीएं। तो कब्ज से मुक्ति मिलेगी।

जवाखार आधा तौला, कालीमिर्च एक तौला, पीपल दो तौला, अनारदाना चार तौला, इन सबका चूर्ण बना लें। फिर आठ तौला गुड़ में मिलाकर चटनी बना लें। चार-चार रत्ती की गोलियां बना लें। गरम पानी से सुबह, दोपहर, शाम एक-एक गोली लें। इस प्रयोग से दु:साध्य खांसी मिट जाती है, दमा रोग में राहत मिलती है। बच्चों की खांसी अनार के छिलकों का चूर्ण आधा-आधा छोटा चम्मच शहद के साथ सुबह-शाम चटाने से मिट जाती है।

 

उदय इंडिया ब्यूरो

 

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