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पश्चिम बंगाल चुनाव राजनीति की बिसात पर कौन खाएगा मात?

पश्चिम बंगाल चुनाव राजनीति की बिसात पर कौन खाएगा मात?

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव पर पूरे देश की निगाह है, क्योंकि इस बार मुकाबला कांटे का है। भाजपा और तृणमूल कांग्रेस ने एडी-चोटी का जोर लगा दिया है और संयुक्त मोर्चे ने भी पूरी ताकत लगा दी है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सहित कई केंद्रीय नेताओं को बार-बार बंगाल आना पड़ रहा है नरेन्द्र मोदी, लगातार हमले कर रहे हैं ममता बनर्जी सरकार पर। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पक्ष में हवा बनाने बंगाल आये पीएम मोदी ने कांथी की रैली में कहा कि यहां के किसान ममता दीदी की निर्ममता को कभी नहीं भूल पायेंगे। साथ ही आश्वासन किया कि प्रदेश में भाजपा की सरकार बनते ही पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत मिलने वाला तीन साल का बकाया पैसा यहां के किसानों के खाते में सीधे डाल दिया जायेगा। चुनावी रैली में पीएम मोदी ने कहा कि पीएम किसान के तहत केंद्र सरकार देश के किसानों को हर साल 6,000 रुपये देती है। लेकिन, ममता दीदी की सरकार ने प्रदेश के किसानों को इसका लाभ नहीं लेने दिया। इसकी वजह यह थी कि ये पैसे सीधे किसानों के खाते में डाले जाते हैं। इसमें टीएमसी के लोगों को कट मनी मिलने की गुंजाइश नहीं होती। पीएम मोदी ने कहा कि इस देश में कोई बाहरी नहीं, हम सब भारत माता की संतान हैं। ममता दीदी ने बंगाल के किसानों के साथ दुश्मनी निभायी है। भाजपा की सरकार बंगाल में बनते ही यहां के किसानों को तीन साल का बकाया भी मिल जायेगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि ममता दीदी के सिंडिकेट राज ने मेदिनीपुर को बर्बाद करके रख दिया है। भाजपा की सरकार इसे फिर से आबाद करेगी।

प्रधानमंत्री ने कहा कि जनता की आवाज सुनकर और उनके मन के मुताबिक ही भाजपा का संकल्प पत्र तैयार किया गया है। कहा कि आत्मनिर्भर भारत बनाने में मेदिनीपुर का महत्वपूर्ण योगदान हो सकता है। दीदी की सरकार ने अत्याधुनिक कोल्ड स्टोरेज, फूड प्रोसेसिंग की सुविधा यहां के लोगों को नहीं दी। लोकल के लिए यहां की तृणमूल कांग्रेस सरकार वोकल नहीं हुई। लेकिन, हम अपनी चीजों को बढ़ावा दे रहे हैं। हम आत्मनिर्भर भारत बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं। इसलिए स्थानीय चीजों को बढ़ावा दे रहे हैं। हमारी डबल इंजन की सरकार बंगाल को विकास के रास्ते पर ले जायेगी। ममता बनर्जी पर पीएम मोदी ने कांथी से किया हमला, बोले- दीदी, आप खेला कीजिए, हम सेवा करेंगे। पीएम मोदी यहीं नहीं रुके। उन्होंने ममता बनर्जी के भीतरी और बाहरी के मुद्दे पर भी उनकी आलोचना की। कहा कि रवींद्रनाथ टैगोर और बंकिम चंद्र चटर्जी की इस धरती पर कोई बाहरी नहीं है। देश में जन्म लेने वाला कोई भी व्यक्ति बाहरी नहीं है। हम सब भारत माता की संतान हैं।

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पीएम मोदी ने कहा कि सरकारी योजनाओं का पैसा सीधे लोगों के बैंक खाते में भेजा जायेगा। आपको इसके लिए किसी को टैक्स नहीं देना होगा, किसी को कमीशन नहीं देना होगा। उन्होंने कहा कि केंद्र की सरकार ने कोरोना काल में महिलाओं के लिए करोड़ों रुपये दिये। उनकी सहूलियत के लिए घर-घर में नल के जरिये जल पहुंचाने की व्यवस्था कर रहे हैं। प्रधानमंत्री ने राज्य की तृणमूल कांग्रेस सरकार पर आरोप लगाया कि लोक कल्याण से जुड़ी किसी योजना को बंगाल की सरकार ने लागू नहीं होने दिया। इसलिए यहां के लोगों को केंद्र सरकार की कई योजनाओं का लाभ नहीं मिला। सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए टीएमसी सरकार को उखाड़ फेंकने की जरूरत है। तभी बंगाल के लोगों के जीवन में बदलाव आयेगा। यहां बताना प्रासंगिक होगा कि बंगाल में इस बार 8 चरणों में विधानसभा के चुनाव होने जा रहे हैं। पहले चरण की वोटिंग 27 मार्च को है। इसके बाद 1 अप्रैल, 6 अप्रैल, 10 अप्रैल, 17 अपै्रल, 22 अप्रैल, 26 अप्रैल और 29 अप्रैल को 294 सीटों पर वोटिंग होगी। सभी सीटों की मतगणना 2 मई को करायी जायेगी। पहले चरण में जंगलमहल की 30 सीटों पर वोटिंग होनी है। उधर बंगाल के विष्णपुर में रैली को संबोधित करते हुए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने प्रधानमंत्री को झूठा कहा और भारतीय जनता पार्टी पर राज्य में गुंडो को बुलाने का आरोप लगाया। रैली को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि मैं प्रधानमंत्री की कुर्सी का बहुत सम्मान करती हूं। करना चाहिए पर मैनें आज तक पीएम मोदी की तरह झूठा नहीं देखा है। वह केवल झूठ बोलते हैं। साथ ही आरोप लगाया कि आज बीजेपी की प्रताडऩा के कारण उत्तर प्रदेश के आईपीएस अधिकारी अपनी नौकरी छोड़ रहे हैं। उन्होंने बीजेपी पर आरोप लगाया की टीका लगाकर और पान चबाकर वो लोग बंगाल की संस्कृति को खराब कर रहे हैं। साथ ही ममता ने आरोप लगाया कि बीजेपी वाले उत्तर प्रदेश से गुंडे बुला रहे हैं। बढ़ते पेट्रोल डीजल के बढ़ते दामों पर निशाना साधते हुए ममता बनर्नी ने कहा कि पीएम मोदी ने सभी को 15 लाख रुपये देने का वादा किया था पर किसी को 15 लाख रुपये नहीं मिले। इसलिए बीजेपी को वोट नहीं दें। ममता बनर्जी ने बांकुड़ा के बिष्णुपुर में जनसभा को संबोधित करते हुए भारतीय जनता पार्टी पर हमलावर रही। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी, अमित शाह और अडानी का सिंडीकेट है। ये तीनों मिलकर देश को लूट रहे हैं। किसानों पर अत्याचार करते हैं और बंगाल आकर बड़ी-बड़ी बातें करते हैं। कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली में आंदोलन कर रहे किसानों के मुद्दे पर निशाना साधते हुए कहा कि वो दिल्ली में किसानों पर अत्याचार कर रहे हैं और बंगाल आकर बड़ी-बड़ी बातें कर रहे हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसानों को मार्च करने से रोकने के लिए सडक़ को बंद कर दिया है। बनर्जी का यह बयान ऐसे समय में आया है जब लगातार बीजेपी राज्य के किसानों को अपने पक्ष में करने में लगी हुई है। ममता सरकार पर पीएम मोदी और अमित शाह लगातार यह आरोप लगा रहे हैं कि ममता बनर्जी ने राज्य के किसानों को केंद्र की योजनाओं से वंचित रखा है। इसके अलावा किसानों को लुभाने के लिए बीजेपी के संकल्प पत्र में भी काफी घोषणाएं की गयी हैं। आपको बताता चलूं कि बंगाल चुनाव के प्रचार में वह सबकुछ हो रहा है, जिसे देखकर और सुनकर आप अपना सिर पीट लें। विभिन्न पार्टियों के नेताओं की बेलगाम जुबान और विवादित टिप्पणियों का सिलसिला जारी है। कभी ममता बनर्जी बीजेपी नेताओं को रावण और दैत्य कह देती हैं। अब, ‘विवादित बोल’ के लिए मशहूर बंगाल बीजेपी के अध्यक्ष दिलीप घोष ने सारी मर्यादाएं तार-तार कर डाली है। दिलीप घोष ने बंगाल की सीएम ममता बनर्जी की चोट पर बयान दिया। जिस पर सियासी संग्राम मचा हुआ है। टीएमसी के ऑफिशिएल ट्विटर हैंडल से दिलीप घोष का वीडियो शेयर किया गया है। वीडियो में दिलीप घोष मंच पर भाषण के दौरान कह रहे हैं कि ‘दीदी के पैर का प्लास्टर कट गया है। उनके पैर पर बैंडेज बंधा है। दीदी पैर उठाकर सभी को दिखा रही हैं। उनका एक पैर खुला है तो दूसरा ढका हुआ है। दीदी को पैर ही बाहर रखना था तो साड़ी की जगह बरमूडा पहनना चाहिए था। बरमूडा से पैर ठीक से दिखाई देता।’ उधर बीजेपी बंगाल अध्यक्ष दिलीप घोष के विवादित बयान पर टीएमसी ने आपत्ति जताई है।

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टीएमसी ने ऑफिशिएल ट्विटर हैंडल से दिलीप घोष के बयान वाला वीडियो शेयर करके लिखा है- ‘ऐसी अश्लील टिप्पणी दिलीप घोष जी। किसी को उम्मीद नहीं, लेकिन बाबू। एक महिला मुख्यमंत्री के बारे में ऐसी अपमानजनक भाषा के इस्तेमाल से साफ होता है बीजेपी बंगाल के नेताओं के दिल में महिलाओं के लिए जरा भी सम्मान नहीं है। पश्चिम बंगाल की माताएं और बहनें दो मई को इस अपमान का जवाब देंगी।’ दिलीप घोष के बयान पर टीएमसी नेताओं की नाराजगी दिख रही है। टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने दिलीप घोष के बयान पर आपत्ति जताते हुए ट्वीट में बीजेपी को ‘बंदर’ कहा है। महुआ मोइत्रा ने ट्वीट किया- ‘बंगाल बीजेपी के अध्यक्ष पब्लिक मीटिंग में ममता बनर्जी के साड़ी पहनने पर सवाल उठाते हैं। वो सीएम को बरमूडा पहनने की सलाह देते हैं। इन बंदरों को लगता है वो पश्चिम बंगाल जीतने जा रहे हैं।’
कुछ ऐसा ही चल रहा है पश्चिम बंगाल मे।

13 साल बाद नंदीग्राम आंदोलन के आरोपियों ने दी अग्रिम जमानत की याचिका

वर्ष 2007 में हुए नंदीग्राम आंदोलन के समय हिंसा की घटना के आरोपियों ने अग्रिम जमानत के लिए कोलकात्ता हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। याचिका दायर करने वालों में तृणमूल नेता शेख सुफियान, अबू ताहेर सहित कई नेता शामिल हैं। इस याचिका पर गुरुवार को न्यायाधीश हरीश टंडन व न्यायाधीश तीर्थंकर घोष की खंडपीठ पर सुनवाई होने की संभावना है।

उल्लेखनीय है कि पश्चिम बंगाल सरकार ने नंदीग्राम आंदोलन के आरोपी तृणमूल नेताओं के खिलाफ मामलों को वापस लेने के लिए निचली अदालत में याचिका दायर की थी, निचली अदालत ने इसकी मंजूरी भी दे दी थी और उनको जमानत दे दी थी, लेकिन हाइकोर्ट ने निचली अदालत के फैसले पर रोक लगा दी है। अब पुलिस ने एक बार फिर इन आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए अभियान शुरू कर दिया है, इसलिए गिरफ्तारी से बचने के लिए शेख सुफियान व अबू ताहेर सहित कई आरोपियों ने अग्रिम जमानत के लिए हाइकोर्ट में याचिका दायर की है। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2007 में हुए नंदीग्राम आंदोलन के समय कुल 13 मामले दर्ज किये गये हैं, जिनमें 40 लोगों को आरोपी बनाया गया है। राज्य सरकार ने इन मामलों को वापस लेने के लिए याचिका दायर की थी, जिस पर हाइकोर्ट ने रोक लगा दी है। वहीं दूसरी तरफ उत्तर 24 परगना जिले के बीजपुर केंद्र से प्रचार करने निकले भाजपा प्रत्याशी शुभ्रांशु राय के समर्थकों को बीच में बाधा देने का आरोप तृणमूल पर लगा है। आरोप है कि तृणमूल के लोग पूर्व सुनियोजित तरीके से प्रचार में बाधा देने के लिए खड़े थे। बाद में मौके पर पहुंची पुलिस ने स्थिति को संभाला। जानकारी के मुताबिक, हालीशहर के 13 और 14 नंबर वार्ड इलाके में भाजपा उम्मीदवार के समर्थन में कार्यकर्ता रैली करते हुए जा रहे थे, उसी दौरान रास्ते में तृणमूल के समर्थक झंडा लिये सामने आ गये थे, जिसे लेकर थोड़ी देर तक तनाव का माहौल रहा। किसी तरह की अप्रिय घटना न हो, इसे देख पुलिस ने तत्परता दिखायी। इधर, भाजपा ने तृणमूल पर प्रचार में बाधा देने का आरोप लगाया है। तृणमूल ने भाजपा के आरोप को खारिज किया है।

 

 

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