ब्रेकिंग न्यूज़ 

कोरोना 2.0 के सबक

कोरोना 2.0 के सबक

कोरोना की दूसरी लहर ने आज पूरे देशभर में भयावह स्थिति पैदा कर दी हैं, जिससे लोगों के मन में भी उदासी छाईं हुईं हैं। इसीलिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी देश को सम्बोधित कर यह कहना पड़ा की उनकी सरकार ऑक्सीजन, बेड और दवाइयों की कमी को दूर करने के लिए सभी कार्य कर रही हैं। लेकिन विपक्ष के नेता इसे सरकार की नाकामी बता रहे हैं, यह बात अलग हैं कि वे खुद भी कोरोना की चपेट में आ गये हैं। कोरोना किसी की धर्म, जाति और क्षेत्र देखकर भेदभाव करते हुए संक्रमण नहीं कर रहा। प्रश्न यह खड़ा होता हैं कि आखिर यह लाखों लोगों मे प्रत्येक दिन कैसे फैल रहा हैं और इससे कैसे लड़ा जा सकता हैं? इसका सीधा उत्तर लोगों का इसके प्रति असावधान होना हैं। इस परिप्रेक्ष्य में यह यह कहना उचित होगा की भारत में कोरोना के विरुद्ध युद्ध का आरम्भ हो चुका हैं। केंद्र और राज्य की सरकारें दलगत राजनीति से ऊपर उठकर इसको खत्म करने में जुट गयी हैं। सरकार के अलावा समाज का एक बड़ा वर्ग लोगों की सहायता करने में आगे आया हैं। कुछ लोग मुफ्त में मरीजों के लिए ऑक्सीजन दे रहे हैं, तो कुछ लोग मुफ्त में भोजन दे रहे  हैं। वही कुछ लोग रोगियों को अस्पताल पहुंचा रहें हैं। हम उद्योगपतियों को आए दिन भला-बुरा बोलते रहते हैं, लेकिन आज वो देश को ऑक्सीजन मुहैया करा रहे हैं। वे यह पुण्य काम स्वयं से कर रहे हैं और उनपर ऐसा करने के लिए सरकार का कोई दबाव नहीं हैं। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के मार्गदर्शन में देश की वायु सेना देशभर में ऑक्सीजन पहुंचाने का कार्य कर रही हैं। इसके अलावा सेना से रिटायर्ड डाक्टर भी कोरोना से लडऩे के लिए लोगों की मदद के लिए आगे आ रहे हैं। देश में अब ऑक्सीजन ट्रेन भी चलनी आरम्भ हो चुकी हैं। हजारों ऑक्सीजन के टैंकर अस्पतालों में पहुंचाये जा रहे हैं। रेल मंत्री पीयूष गोयल ने भी ऑक्सीजन के ट्रांसपोर्टेशन में होने वाले चार्जेज हटा दिए है। देश के लाखों डाक्टर और स्वास्थकर्मी लोगों की सहायता करने में जुटे हुए हैं। अभी हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री रिलीफ फंड के माध्यम से देश भर में 551 ऑक्सीजन प्लांट लगाने के निर्देश दिए हैं। इस सब के बावजूद यह कहना उचित होगा की करोना काल ने न केवल देश की चरमराती स्वास्थ्य व्यवस्था को उजागर किया हैं, बल्कि उन लोगों की काली नियत भी उजागर की है, जो रेमदिसिविर इंजेक्शन और ऑक्सीजन की कालाबाजारी करने में जुटे हुए हैं। यह समय है एकजुटता दिखने का, केवल व्यक्ति ही नहीं पूरे समाज को एक होना पड़ेगा। यही एक सभ्य समाज की निशानी हैं।

 

Deepak Kumar Rath

दीपक कुमार रथ

(editor@udayindia.in)

 

Leave a Reply

Your email address will not be published.