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चिरंजीवी भव: मुख्यमंत्री अशोक गहलोत

चिरंजीवी भव: मुख्यमंत्री अशोक गहलोत

राजस्थान के गांधी के नाम से मशहूर अशोक गहलोत जब-जब भी प्रदेश में सरकार का नेतृत्व करने आते है, अपनी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के लिए पूरे देश का ध्यान आकर्षित करते है। विशेष कर जन स्वास्थ्य से जुड़ी योजनाओं के लिए वे हमेशा चर्चित रहे है। इस बार प्रदेश के सभी नागरिकों के लिए पांच लाख तक का स्वास्थ्य बीमा कवर करने की मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य योजना लाकर एक बार फिर से वे देश भर में चर्चित हों रहें है। देश में इस प्रकार की योजना लाने वाला राजस्थान पहला प्रदेश है।

गहलोत ने मुख्यमंत्री के रूप में अपने विभिन्न कार्यकालों में गरीबी की रेखा के नीचे जीवन व्यापन करने वाले अंतिम पंक्ति में बैठे व्यक्ति से लेकर आम व्यक्ति, वृद्धजनों, महिलाओं, बच्चों और पत्रकारों के सेहत की चिंता की है। गहलोत ने गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोगों विशेष कर किडनी (गुर्दा), लीवर और घुटने का प्रत्यारोपण, ओपन हार्ट सर्जरी, विभिन्न प्रकार के कैंसर आदि के उपचार के लिए हमेशा सरकारी खजाना खोल कर रखा है। गहलोत ने अपने पिछले कार्यकाल में सरकारी और निजी सभी अस्पतालों में गम्भीर बीमारियों से पीडि़त लोगों के उपचार ऑपरेशन आदि का पूरा पैसा सरकारी खजाने से दिलवाने के साथ ही मुख्यमंत्री नि:शुल्क दवा योजना के तहत सरकारी अस्पतालों में जेनरिक दवाइयों की शुरुआत करवा देश भर में वाहवाही लूटी थी। उनकी यह योजना देश- प्रदेश में काफी लोकप्रिय हुई थी।

इस बार एक कदम और आगे बढ़ाते हुए गहलोत, मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना लेकर आए है जिसमें प्रदेश के सभी नागरिकों को सरकारी और निजी सभी अस्पतालों में केश लेस ईलाज और प्रति वर्ष पांच लाख रु तक का बीमा कवर की सुविधा मिलेगी। विशेष कर निर्धन वर्ग के लोगों के लिए यह सुविधा बिल्कुल मुफ्त और मध्यम एवं उच्य वर्ग के लिए मात्र 850 रु. मात्र के मामूली प्रीमियम शुल्क में यह सुविधा उपलब्ध कराई जायेगी। अपनी बजट घोषणा में गहलोत ने कहा कि मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना में राज्य के प्रत्येक परिवार को पांच लाख रुपये का कैशलेस बीमा दिया जाएगा। इसमें आर्थिक रूप से गरीबों को बिना किसी प्रीमियम के यह बीमा मिलेगा जबकि अन्य सभी परिवारों को योजना का लाभ लेने के लिए 850 रुपये का वार्षिक प्रीमियम देना होगा।

इस महत्वाकांक्षी योजना से जुडऩे के लिए आसान रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया से गुजरना होगा। योजना से जुडऩे के लिए एक अप्रैल से तीस अप्रैल तक ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन किए जा रहे हैं। आयुष्मान भारत महात्मा गांधी राजस्थान स्वास्थ्य बीमा योजना में लाभान्वित राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम और सामाजिक आर्थिक जनगणना-2011 के लाभार्थियों को रजिस्ट्रेशन की जरुरत नहीं हैं। लाभार्थी के पास जन आधार कार्ड या नम्बर होना ज़रूरी है। रजिस्ट्रेशन के लिए सभी जिला कलेक्टर ने ब्लॉक स्तर और ग्राम पंचायत स्तर पर तैयारियों और देखरेख समितियां गठित कर दी हैं। योजना का लाभ एक मई से मिलेगा।

किसी भी बीमा योजना से जुडऩे के लिए अमूमन उम्र सीमा भी कहीं न कहीं मायने रखती है लेकिन चिरंजीवी योजना पूरे परिवार के लिए है। योजना में परिवार के सदस्यों की संख्या की पाबंदी नहीं है। उम्र की भी सीमा नहीं होगी। जन्में बच्चे से लेकर बुजुर्ग तक सभी योजना के लाभार्थी होंगे। योजना में जुडऩे से पहले यदि कोई बीमारी से ग्रसित है, तो भी वह इस योजना का लाभ ले सकेगा। योजना में चिन्हित बीमारियों के लिए 50 हजार रुपये एवं गंभीर बीमारियों के लिए 4 लाख 50 हजार का बीमा कवर मिलेगा। इसके अलावा विभिन्न बीमारियों के 1,576 पैकेज शामिल किए गए हैं।

राज्य के एक प्रतिनिधि ने बताया कि केंद्र सरकार की आयुष्मान भारत योजना के तहत आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोग ही स्वास्थ्य चिकित्सा का लाभ उठा सकते हैं। वहीं, राजस्थान सरकार की चिरंजीवी योजना में राज्य के सभी परिवार और सभी आयवर्ग को शामिल किया गया हैं। हालांकि भारत सरकार ने भी हाल ही असामान्य बीमारियों के लिए राष्ट्रीय नीति- 2021 को मंजूरी दी है, जिससे दुर्लभ बीमारियों के इलाज की लागत कम हो सकेगी। राष्ट्रीय आरोग्य निधि योजना के अंतर्गत ऐसी बीमारियों के इलाज के लिए 20 लाख रु. तक की वित्तीय सहायता का प्रावधान भी किया गया है। इस नीति के तहत मिलने वाली आर्थिक सहायता का लाभ केवल बीपीएल परिवारों तक ही सीमित नहीं रखा गया है, बल्कि इसका दायरा भी बढ़ा कर व्यापक किया गया है। यह लाभ करीब उन चालीस प्रतिशत आबादी तक भी पहुंचाया जाएगा, जो प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के पात्र नहीं है।

हालांकि राजस्थान में लागू की जा रही चिरंजीवी स्वास्थ्य योजना को लेकर प्रतिपक्ष की ओर से कतिपय टिप्पणियां की जा रहीं है लेकिन यह कहना अतिश्योक्ति नहीं होगी कि गहलोत सरकार की मंशा जन स्वास्थ्य के प्रति किसी भी प्रकार की भी कौताही नहीं बरतने की है। हां, केंद्र और राज्य सरकार की इन योजनाओं का क्रियान्वयन कैसे होगा? इसकी सफलता और असफलता उस पर ही निर्भर करेंगी। सरकारों को इन योजनाओं का अमल कराने पर सरकारी मशीनरी के साथ सख्ती से पेश आना होगा अन्यथा जनहित की यें योजनाएं भी अन्य अच्छी योजनाओं की तरह असफलता की भेंट चढ़ जाएगी।

कोरोना के विकट समय में गहलोत सरकार की नई पहल चिरंजीवी स्वास्थ्य योजना के लिए कुछ प्रतिपक्ष के नेताओं ने भी वक्तव्य जारी कर योजना की प्रशंसा की हैं। साथ ही प्रदेश की जनता मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को लख-लख बधाई देते हुए आशीर्वाद दे रहीं है कि गहलोत जी आप चिरंजीवी भव:

 

नीति गोपेन्द्र भट्ट

(लेखक सम-सामयिक विषयों की टिप्पणीकार है)

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