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आईपीएल में करियर कामयाबी की राहें आसान नहीं

आईपीएल में करियर कामयाबी की राहें आसान नहीं

क्रिकेट का नाम लेते ही जेहन में खिलाडिय़ों के द्वारा लगाए गये चौकों और छक्कों पर स्टेडियम में खचाखच भरे हजारों दर्शकों के द्वारा तालियां पीटने, नाचने-गाने और खुशियां मनाने के मनोहारी दृश्य जीवित हो उठते हैं। कदाचित इस सत्य को झुठलाना आसान नहीं होगा कि शहर से लेकर गांव तक भारत में क्रिकेट के प्रति लोगों की दीवानगी अन्य खेलों की अपेक्षा सबसे अधिक है। घर से लेकर स्टेडियम तक क्रिकेट के प्रति लोगों के दिल में जुनून और जज्बा इतना अधिक होता है कि इसके करोड़ों फैन्स क्रिकेट के प्लेयर्स को भगवान के रूप में चाहते हैं, पूजते हैं और उनके जैसा ही बनने का सपना देखते हैं।

प्राय: 140 करोड़ आबादी वाले देश भारत में क्रिकेट महज एक स्पोर्ट् नहीं है – यह क्रेज है, यह धर्म है, राष्ट्रीयता और देशभक्ति का प्रतीक है, यह भक्तिभाव है और सबसे बढक़र खेल के शौकीन हर किशोर का अपने देश के लिए इस खेल को खेलने और इसे अपना करियर बनाने का सबसे सुन्दर सपना है। किन्तु इंडियन क्रिकेट टीम के लिए खेलने, इसे करियर बनाने और इस डोमेन में कामयाब होने की राहें आसान नहीं हैं- यह मुश्किलों और चुनौतियों से भरी हुई है।

पहले खुद को पहचानिए

अपने फेवरिट क्रिकेट प्लयेर को बाईस गज के पिच पर चौके और छक्के लगाते देखकर क्रिकेटर बनने की चाहत बहुत सहज है। किन्तु एक क्रिकेटर के रूप में प्रोफेशनल करियर शुरू करने की राहें आसान नहीं है। प्रोफेशन का यह डोमेन कठिन मेहनत, समर्पण और त्याग का है। लिहाजा क्रिकेट में करियर के इच्छुक उम्मीदवारों को निम्न वैयक्तिक गुणों के आधार पर खुद की पहचान करनी चाहिए –

  • आपको एक अच्छा स्पोर्ट्समैन और फिजिकल फिटनेस के साथ एक अच्छा एथलीट होना चाहिए।
  • आपमें विफलताओं के बावजूद जीत के लिए निरंतर कोशिश करने का अदम्य साहस होना चाहिए।
  • क्रिकेट के तीन महत्वपूर्ण सेग्मेंट्स बॉलिंग, बैटिंग और फील्डिंग में किसी एक या एक से अधिक विधाओं में मास्टर होना चाहिए।

क्रिकेट मैचों के प्रकार

विश्व में सभी प्रकार के इंटरनेशनल मैचों को निम्न केटेगरी में बांटा गया है –

  • इंटरनेशनल टेस्ट मैच
  • वन डे इंटरनेशनल मैच
  • टी-20 इंटरनेशनल मैच

इसके अतिरिक्त भारत में घरेलू मैचों के निम्नांकित फोर्मट्स होते हैं-

  • फस्र्ट क्लास
  • लिस्ट ‘ए’
  • टी-20 मैच

इन सभी फोर्मट्स के लिए प्लेयर्स का सिलेक्शन बीसीसीआई (बोर्ड ऑफ कण्ट्रोल फॉर क्रिकेट इन इंडिया) के द्वारा किया जाता है। इसके अतिरिक्त बीसीसीआई कोच, फिजियोथेरेपिस्ट और क्रिकेट टीम के अन्य मेम्बर्स का भी सिलेक्शन करती है। बीसीसीआई ही इंडिया के साथ-साथ विश्व के अन्य 9 प्रमुख क्रिकेट खेलने वाले राष्ट्रों जैसे पाकितान, बांग्लादेश, श्रीलंका, न्यूजीलैण्ड, इंग्लैंड, साउथ अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया, जिम्बाब्वे और वेस्ट इंडीज के साथ विभिन्न मैचों का अरेंजमेंट करती है।

क्रिकेट में करियर पहला कदम कहां रखें?

क्रिकेट में करियर बनाने के इच्छुक उम्मीदवारों के लिए दो रास्तों में पहला स्कूल से शुरू होता है। स्कूल और इंटर-स्कूल मैचों में पार्टिसिपेशन और परफॉरमेंस के आधार पर प्लेयर्स का इंटर-कॉलेज और इंटर-यूनिवर्सिटी लेवल के मैचों के लिए सिलेक्शन होता है।

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इस रास्ते से आप रणजी ट्राफी के लिए अपने सिलेक्शन को पक्का कर लेते हैं। भारत में रणजी ट्राफी के मैचों में खिलाडिय़ों के परफॉरमेंस के आधार पर इंटरनेशनल मैचों के लिए खिलाडिय़ों का सिलेक्शन किया जाता है।

क्रिकेट की दुनिया में प्रवेश का दूसरा रास्ता ‘ओपन क्रिकेट’ का होता है। भारत में प्रत्येक डिस्ट्रिक्ट में ‘डिस्ट्रिक्ट क्रिकेट एसोसिएशन’ होता है। इन सभी डिस्ट्रिक्ट एसोसिएशन से स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन का निर्माण होता है। डिस्ट्रिक्ट लेवल के टीम के प्लेयर्स स्टेट एसोसिएशन के लेवल पर खेलने के लिए चुने जाते हैं। स्टेट लेवल के मैचों में प्रदर्शन के आधार पर प्लेयर्स का राष्ट्रीय स्तर पर रणजी मैचों में खेलने के लिए चयन किया जाता है। इन मैचों में खिलाडिय़ों के परफॉरमेंस के आधार पर उनका अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर चयन किया जाता है।

रणजी ट्राफी

रणजी ट्राफी का इंडिया के नेशनल क्रिकेट टीम में प्रवेश के लिए गोल्डन पासपोर्ट के रूप में शुमार किया जाता है। यह भारत का फस्र्ट क्लास डोमेस्टिक क्रिकेट चैंपियनशिप होता है। इस ट्राफी में सभी राज्यों की क्रिकेट टीम का रिप्रजेंटेशन होता है।

कुछ रणजी टीम एक से अधिक राज्यों को रिप्रेजेंट करती है। वर्तमान में रणजी ट्राफी में 28 राज्यों और 4 केंद्रशासित प्रदेशों की 38 टीमें हैं।

रणजी ट्राफी के लिए प्लेयर्स का सिलेक्शन कैसे होता है?

जीवन के अन्य क्षेत्रों की तरह क्रिकेट में भी कामयाबी नियमित अभ्यास और कठिन मेहनत पर निर्भर करती है। डिस्ट्रिक्ट लेवल और स्टेट लेवल पर अधिक-से-अधिक क्रिकेट मैच खेलकर आप रणजी ट्राफी के लिए सेलेक्ट हो सकते हैं। इन सभी मैचों में परफॉरमेंस के आधार पर आप राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय लेवल पर इंडिया टीम के लिए खेलने के अपने चांस को बेहतर और सुनिश्चित कर सकते हैं।

यदि कठिन मेहनत और कठोर अभ्यास के बावजूद दुर्भाग्यवश आपका रणजी टीम के लिए चयन नहीं हो पाता है तो यह आपके सपनों के करियर का अंत नहीं है। यह मानकर चलिए कि आपके लिए अभी भी स्वर्णिम अवसरों की कमी नहीं है। असफलता की इस स्थिति में आप अंडर-19 वल्र्ड क्रिकेट टूर्नामेंट में अपने उत्कृष्ट परफॉरमेंस के रास्ते इंडिया की नेशनल टीम में खेलने के अपने सपने को बड़ी आसानी से साकार कर सकते हैं।

आईपीएल मैचों में एंट्री – शुरुआत कहां से और कैसे करें

यदि आप उपर्युक्त तरीकों से भी भारत के लिए क्रिकेट खेलने के अपने सपने को पूरा नहीं कर पाते हैं तो ऐसी स्थिति में भी यह आपके सपनों की दुनिया का अंत नहीं है। वर्तमान में क्रिकेट के लेटेस्ट एडिशन के रूप में आईपीएल (इंडियन प्रीमियर लीग) सबसे चर्चित है। आठ टीमों वाली आईपीएल टूर्नामेंट में टी-20-लिमिटेड एडिशन मैच खेले जाते हैं, जिसकी शुरुआत बीसीसीआई के द्वारा 2007 में की गयी थी। इसमें खिलाडिय़ों का चयन टीम के फ्रेंचाइजी के द्वारा मुख्य रूप से रणजी ट्राफी की टीमों से ऑक्शन के आधार पर किया जाता है।

आईपीएल मैचों में किसी टीम में प्लेयर्स के कंपोजिशन  निम्न शर्तों के आधार पर निर्धारित होता है-

  1. टीम में प्लेयर्स की कुल संख्या 18 से 25 के मध्य होता है। इसमें विदेशी प्लेयर्स की संख्या अधिक-से-अधिक 8 हो सकती है।
  2. टीम की पूरी सैलरी पैकेज 85 करोड़ से अधिक नहीं होती है।

3.कोई टीम अपने 11 प्लेयर्स में अधिकतम 4 विदेशी प्लेयर्स के साथ ही मैदान में उतर सकती है।

  1. आईपीएल में अंडर-19 के प्लेयर्स का सिलेक्शन नहीं होता है। वैसे खिलाड़ी जो पहले फस्र्ट क्लास मैच खेल चुके होते हैं तो वे आईपीएल में सेलेक्ट हो सकते हैं।

फ्रेंचाइजी टीमों के द्वारा बिडिंग के माध्यम से चुने गये प्लेयर्स का कॉन्ट्रैक्ट प्राय: एक वर्ष के लिए होता है। कॉन्ट्रैक्ट के इस पीरियड को बढ़ाया भी जा सकता है। भारत में 6 विभिन्न शहरों में 9 अप्रैल से 30 मई 2021 तक आठ टीमों के मध्य खेला जानेवाला आईपीएल टूर्नामेंट का 14 वां संस्करण है।

पुरस्कार राशि

आईपीएल के वर्तमान एडिशन में कुल प्राइज मनी 25 करोड़ रूपये की है। इसमें प्रथम स्थान दर्ज करने वाली क्रिकेट टीम को 10 करोड़ रूपये और सेकंड और थर्ड पोजीशन हासिल करने वाली क्रिकेट टीमों को क्रमश: 6.250 और 4.375 करोड़ पुरस्कार राशि के रूप में प्रदान किये जायेंगे।

अन्य पुरस्कार

आईपीएल मैचों में क्रिकेट में विभिन्न प्रकार के परफॉरमेंस के आधार पर निम्न पुरस्कार भी प्रदान किये जाते हैं-

ऑरेंज कैप – यह कैप आईपीएल के संपूर्ण सीजन में सबसे अधिक रन बनाने वाले बैट्समैन को प्रदान किया जाता है।

पर्पल कैप – आईपीएल के किसी विशेष संस्करण में सबसे अधिक विकेट लेने वाले बॉलर को यह पुरस्कार दिया जाता है।

मोस्ट वैल्युएबल प्लेयर- यह प्राइज मैन ऑफ दि टूर्नामेंट जैसा ही होता है।

इमर्जिंग प्लेयर अवार्ड – यह अवार्ड सबसे अच्छे उभरते युवा प्लेयर को प्रदान किया जाता है।

फेयरप्ले अवार्ड – यह पुरस्कार साफ-सुथरे और सही तरीके से खेल खेलने के लिए अंपायर के द्वारा प्रदान किये गये स्कोर के आधार पर दिया जाता है।

सर्वाधिक छक्के लगाने का अवार्ड – इसके अंतर्गत आईपीएल के किसी विशेष संस्करण में सबसे अधिक छक्के लगाने वाले बैट्समैन को भी सम्मानित किया जाता है।

क्रिकेट के अन्य फोर्मट्स में पारिश्रमिक का निर्धारण कैसे होता है?

बीसीसीआई के द्वारा नेशनल और इंटरनेशनल क्रिकेट मैच खेलने वाले खिलाडिय़ों को पारिश्रमिक के रूप में बड़े रकम का भुगतान किया जाता है। इस पारिश्रमिक को रिटेनर फी कहा जाता है।

बीसीसीआई ने पारिश्रमिक भुगतान के लिए सभी प्लेयर्स को चार श्रेणियों A प्लस, A, B और C में बांट रखा है। A प्लस के खिलाडिय़ों का रिटेनर फी 7 करोड़, A रैंकिंग वाले खिलाडिय़ों का रिटेनर फी 5 करोड़ रूपये होता है जबकि क्च केटेगरी के प्लेयर के लिए यह फी 3 करोड़ रूपये और ष्ट केटेगरी वाले प्लेयर के लिए 1 करोड़ रूपये सालाना होती है।

मैच फी

यह फी इंटरनेशनल मैच खेलने के लिए दिया जाता है जो सभी श्रेणियों के प्लेयर्स के लिए एक समान होता है। प्रत्येक टेस्ट मैच में खेलने के लिए प्रत्येक खिलाड़ी को

प्रति मैच 15 लाख रूपये का भुगतान किया जाता है। जबकि प्रत्येक वन डे इंटरनेशनल मैच के लिए यह फी 6 लाख रूपये है। टी-20 मैच खेलने के लिए मैच फी 3 लाख रूपये होती है।

क्रिकेट खिलाड़ी के रूप में सफलता की कसौटी क्या है?

क्रिकेट में करियर एक आसान प्रोफेशन नहीं होता है। इसमें चैंपियन बने रहने के लिए समर्पण, निरंतर अभ्यास, संघर्ष, कठिन मेहनत और त्याग की जरूरत होती है। क्रिकेट में करियर बनाने के इच्छुक युवा को अपना सौ प्रतिशत देना होता है। पिच पर खड़े होकर प्रत्येक फेंके गये गेंद पर चौके और छक्के लगाने के लिए और विकेट चटखाने के लिए  खिलाड़ी को रोज दिन काफी मेहनत और प्रैक्टिस करनी होती है।

वर्तमान में क्रिकेट की दुनिया में गला-काट प्रतियोगिता के मद्देनजर यह कहना असत्य नहीं होगा है कि अन्य स्पोर्ट्स स्पर्धाओं की तरह क्रिकेट की दुनिया में भी कामयाबी की राहें आसान नहीं है। यदि आप देश के नेशनल टीम में सेलेक्ट हो जाते हैं तो भी आपको इस क्षेत्र में सर्वाइव करने के लिए पिच पर निरंतर प्रैक्टिस करने के लिए तैयार रहना पड़ेगा। इसके अतिरिक्त यदि आप लंबी अवधि के लिए एक सफल खिलाड़ी के रूप में बना रहना चाहते हैं तो क्रिकेट के एक्सपर्ट और प्रोफेशनल कहते हैं कि आपको क्रिकेट के केवल एक सेगमेंट में ही नहीं बल्कि इसके सभी सेग्मेंट्स में एक्सपर्ट बनने की दरकार है। अर्थात क्रिकेट सिलेक्शन टीम आपसे आल-राउंडर होने की अपेक्षा रखती है।

बॉलिंग से लेकर बैटिंग और फील्डिंग से लेकर विकेट-कीपिंग – यदि कोई भावी क्रिकेट प्लेयर क्रिकेट के इन सभी सेग्मेंट्स में अपने आपको एक्सपर्ट बना लेता है तो उसके क्रिकेट में सक्सेसफुल करियर के अतिरिक्त अकूत धन और बेशुमार प्रतिष्ठा पाने के दिनों की शुरुआत हो जाती है। क्रिकेट में करियर सपनों सरीखा ही आसान नहीं होता है। कठिन मेहनत, आत्मविश्वास और सतत प्रैक्टिस से चाहें तो आप क्रिकेट के भगवान बन सकते हैं।

 

 

श्रीप्रकाश शर्मा

(लेखक प्राचार्य, जवाहर नवोदय विद्यालय, मामित, मिजोरम, हैं)

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