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300 मरज की दवा-सहजन

300 मरज की दवा-सहजन

सहजन (ड्रमस्टिक्स) जड़ से लेकर फूल और पत्तियों तक सेहत का खजाना है। इसकी पत्तियों में कई ऐसे पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो स्वास्थ्य की दृष्टि से काफी लाभदायक हैं। सहजन 300 बीमारियों की दवा है। सहजन के पेड़ के लगभग सभी भागों में औषधीय गुण पाए जाते हैं। सहजन के पत्ते, छाल, फूल, फल, बीज और जड़ सभी सेहत के लिए उपयोगी हैं। यह फूड नहीं सुपरफूड है। इसमें दूध की तुलना में 4 गुना अधिक कैल्शियम और दुगना प्रोटीन पाया जाता है। यह शाकाहारियों के लिए एक अच्छा आहार माना जाता है। अगर हम 25 ग्राम सहजन के पत्ते का सेवन नियमित करते हैं तो हमारे शरीर को 42′ प्रोटीन, 125′ कैल्शियम, 61′ मैगनीशियम, 41′ पोटेशियम, 71′ लौह, 272′ विटामिन ए, 22′ विटामिन सी प्राप्त होत है। तो आप समझ ही गए होंगे इसके अद्भुत फायदे। सहजन के गुणों का जितना बखान किया जाए कम है। आईए जानते हैं सहजन के चमत्कारिक गुणों के बारे में।

  • सहजन की जड़ के काढ़े को सेंधा नमक और हींग के साथ पीने से मिर्गी के दौरों में लाभ होता है। इसकी पत्तियों को पीसकर लगाने से घाव और सूजन ठीक होते हैं।
  • सहजन पाचन से जुड़ी समस्याओं को खत्म करता है। हैजा, दस्त, पीलिया और कोलाइटिस होने पर इसके पत्ते का ताजा रस, एक चम्मच शहद, और नारियल पानी मिलाकर लेने से फायदा होता है।
  • सहजन के पत्ते का पाउडर कैंसर और दिल के रोगियों के लिए एक बेहतरीन दवा है। यह ब्लड प्रेशर कंट्रोल करता है। इसका प्रयोग पेट में अल्सर के इलाज के लिए किया जाता है।
  • सहजन का सूप की तरह इस्तेमाल करने से खून साफ होता है।
  • कुपोषण से पीडि़त लोगों के लिए आहार में सहजन का प्रयोग करना फायदेमंद होता है। सहजन की जड़, अजवाइन, हींग और सौंठ का काढ़ा बनाकर पीने से साइटिका रोग में आराम मिलता है।
  • इसका जूस प्रसूता स्त्री को देने से डिलिवरी में होने वाली समस्या से राहत मिलती है और डिलिवरी के बाद भी स्त्री को तकलीफ कम होती है।
  • सहजन में कैल्शियम की मात्रा अधिक होती है, जिससे हड्डियां मजबूत बनती हैं। इसके अलावा इसमें आयरन, मैग्नीशियम और सीलियम होता है, जो महिलाओं और बच्चों के लिए बहुत फायदेमंद है।
  • सहजन की पत्तियों से तैयार सूप, तपेदिक, अस्थमा और ब्रोंकाइटिस की रोकथाम के लिए बेहद फायदेमंद है। बेहतर स्वाद के लिए रोगी के स्वाद के अनुसार इसमें नींबू का रस, काली मिर्च और नमक मिलाया जा सकता है।
  • सहजन के पत्ते का रस और नींबू के रस का मिश्रण मुहांसे, ब्लैक हेड और एज स्पॉट के इलाज में सहायक होता है। इसका नियमित प्रयोग करने से त्वचा चमक उठती है।
  • सहजन मिनरल्स जैसे कैल्शियम, आयरन, कॉपर, मैंगनीज, जस्ता, सेलेनियम और मैग्नीशियम का एक अच्छा स्रोत है, जो शरीर के लिए महत्वपूर्ण हैं।
  • सहजन में विटामिन ए भरपूर मात्रा में पाया जाता है जो नेत्र रोग, त्वचा संक्रमण के उपचार में मदद करता है।
  • सहजन विटामिन सी का एक अच्छ स्रोत है जो सर्दी और फ्लू के उपचार में मदद करता है।
  • सहजन के ताजे पत्तों का रस कान में डालने से दर्द ठीक हो जाता है।
  • सहजन की सब्जी खाने से गुर्दे और मूत्राशय की पथरी कटकर निकल जाती है। इसके छाल का काढ़ा सेंधा नमक और हींग डालकर पीने से पित्ताशय की पथरी में भी लाभ होता है।

प्रीति ठाकुर

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