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नया लक्ष्य लक्षद्वीप

नया लक्ष्य लक्षद्वीप

कुछ निहित स्वार्थी तत्व लक्षद्वीप से संबंधित निराधार मुद्दों पर हंगामा कर रहे हैं। उनका कहना है कि लक्षद्वीप, जो की एक मुस्लिम बहुल क्षेत्र हैं, वहां प्रशासन ने शराब बचने की छूट दे दी, जानवरों की सुरक्षा के नाम पर बीफ पर पाबंदी लगा दी एवं तटीय क्षेत्रों में मछुआरों के शेड को यह कहकर उखाड़ फेंक दिया कि ये कोस्ट गार्ड एक्ट का उल्लंघन था। लेकिन सच्चाई तो यह है कि वहां के प्रशासक प्रफुल्ल खोड़ा पटेल, एक दृढ़शाली व्यक्ति जो कभी नैतिक मूल्यों से समझौता नहीं करते, ने कई उचित कदम उठाते हुए राजनीतिक भ्रष्टाचार को खत्म करने का प्रयास किया है। वहां का प्रशासन जनता की भलाई के लिए ही कदम उठा रहा है। यहां यह बताना आवश्यक है कि स्थानीय लोगों में  इस संबंध में कोई शिकायत नहीं है। हां, केरल के कुछ कट्टर धार्मिक समूह इन विषयों को सोशल मीडिया और मीडिया के माध्यम से बड़ा अवश्य ही बनाने का प्रयास कर रहे हैं। कुछ राजनेता भी बिना इसकी सच्चाई जाने विरोध कर रहे हैं, जो दुर्भाग्यपूर्ण है।

पंचायत विनियमन में बदलाव लाने के प्रस्ताव की आलोचना के बारे में बात करते हुए, जिसमें दो से अधिक बच्चों वाले लोगों को चुनाव में भाग लेने की अनुमति नहीं देने का प्रस्ताव है, यह ध्यान दिया जाना चाहिए कि यह नियम उन लोगों पर लागू नहीं होगा जिनके पहले से ही दो से अधिक बच्चे हैं। ऐसे दो से अधिक बच्चों के माता-पिता जिनका जन्म नियम के लागू होने की तिथि के बाद हुआ है, उन्हें चुनाव लडऩे से रोका जा सकेगा। जहां तक बीफ का प्रश्न हैं तो प्रशासन ने मिड-डे मील से मांसाहार को नहीं हटाया है। बच्चों को अंडे और मछली दिए जा रहे हैं जो इस लॉकडाउन के समय वहां आसानी से उपलब्ध हैं। हां,जो गलत तरीके से व्यापार कर रहे हैं, वे इसे एक बड़ा मुद्दा बना रहे हैं। वैसे भी गौ-वध पर कई राज्यों में पाबंदी हैं, और इसमें प्रफुल्ल पटेल का कोई हाथ नहीं है। यह देश का कानून है। जहां तक शराब बेचने का प्रश्न है तो केवल रिसोर्ट को शराब बेचने की अनुमति दी गयी है, ताकि विदेशी पर्यटकों को आकर्षित किया जा सके। प्रिवेंशन ऑफ एंटी-सोशल एक्टिविटीज रेगुलेशन 2021 को लगाया गया है, क्योंकि लक्षद्वीप रणनीतिक रूप से बहुत महत्वपूर्ण है। इस परिप्रेक्ष्य में यहां ये कहना अनुचित नहीं होगा की लक्षद्वीप एक द्वीप गंतव्य, एक पर्यटन केंद्र होने के नाते, प्रशासन इसे विकास के पथ पर ले जाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहा है, जैसा कि हमारी एक स्टोरी के विवरण में बताया गया है। वास्तव में, प्रशासन ने अपने सभी नागरिकों, विशेषकर मछुआरों, महिलाओं और युवाओं की समृद्धि और उज्ज्वल भविष्य के लिए निरंतर काम करना शुरू कर दिया है, जो अतीत में विकास की दौड़ में पीछे रह गए थे। इसलिए, वह दिन दूर नहीं जब विकास की गतिविधियां लक्षद्वीप को विश्व पटल पर ले जाएंगी।

 

Deepak Kumar Rath

दीपक कुमार रथ

(editor@udayindia.in)

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