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उत्तर प्रदेश में भाजपा के रामबाण बने रामभक्त योगी

उत्तर प्रदेश में भाजपा के रामबाण बने रामभक्त योगी

उत्तर प्रदेश के वर्तमान मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी बहुगुणी है। ईमानदारी में उनकी मिसाल दी जाती है। उनकी छवि एक कड़क प्रशासक की बन गई है। गुंडों अपराधियों को सफाया करने मे और प्रदेश के प्रत्येक कोने के विकास में रोड़े अरकाने वालों को माफ नहीं करते हैं। वे अपना कार्य जय श्रीराम से शुरू करके ईश्वर का आर्शीवाद लेते है। इसलिए वे ऐसे रामबाण बन गए हैं जो हर बुराई को भेदकर खत्म कर रहे हैं।

2022 में उत्तर प्रदेश के होने वाले विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने योगी आदित्यनाथ जी को नेतृत्व संभालने की क्लीन चिट दे दी है। इसके पहले भी प्रधानमंत्री तथा भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, योगी की कई बार खुली प्रशंसा कर चुके हैं। विशेष तौर से प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी  कोरोना नियंत्रण में योगी के द्वारा उठाए गए कदमों और त्वरित कार्यवाही के लिए योगी की भारी सराहना करते रहे हैं। न सिर्फ हिंदुस्तान में बल्कि पूरी दुनिया ने योगी के समर्पित भाव से कोरोना नियंत्रण के लिए रात दिन एक करके जो प्रयास किए हैं की भारी प्रशंसा की है। वल्र्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन और इलाहाबाद हाई कोर्ट द्वारा की गई टिप्पणी से योगी की लोकप्रियता और भी अधिक बढ़ गई है। जनता में उनके प्रति उनका कार्य देखकर विश्वास और भी गहरा हुआ है। भाजपा द्वारा योगी में विश्वास जताने के कारण उनकी लोकप्रियता, उनका काम करने का तरीका और उनकी ईमानदारी मुख्य कारण है, इसके अलावा भारतीय जनता पार्टी के नेता और कार्यकर्ता उन्हें प्रदेश का मुख्यमंत्री दोबारा देखना चाहते हैं। ऐसा आभास हाल ही मैं लखनऊ आए भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय मंत्री संगठन, बीएल संतोष और प्रदेश प्रभारी राधा मोहन सिंह को मिला, इस कारण नेतृत्व को निर्णय लेने में कोई देर नहीं लगी।

योगी को पिछड़े क्षेत्रों का विकास और गरीबों की जरूरत पूरी करने का विशेष ध्यान रहता है। वे गरीबों का दर्द और गरीबी का मतलब बखूबी समझते हैं और इस ओर जी जान से काम कर रहे हैं। अब मेडिकल कॉलेज अस्पतालों में गंभीर बीमारियों का इलाज हो रहा है। मरीजों को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए 5 लाख तक का अनुदान तुरंत मिलता है, ऐसे हजारों मरीज अस्पतालों से ठीक होकर घर भी पहुंच गए। योगी द्वारा गुंडाराज को समाप्त करने के लिए कड़ी कार्रवाई करना और उन्हें जेल की सलाखों तक पहुंचाने का काम जितनी तेजी से किया गया है यह शायद अपने आप में एक रिकॉर्ड है।

जनता को इस बात का भरोसा हो चुका है कि केवल योगी एकमात्र ऐसे नेता है जो अपराध तंत्र से उत्तर प्रदेश को मुक्त कर सकते हैं। आम जनता को अपराधियों से छुटकारा मिल जाने से काफी राहत मिली है। पहले की कई सरकारें गुंडा तंत्र को आश्रय देती थी इसलिए गुंडे हावी होते चले गए। योगी छांट-छांट कर एक एक माफिया अपराधी को पकड़ रहे हैं। बीसियों साल से उनके द्वारा सरकारी जमीने और लोगों की जब्त की गई जमीनें छुड़वाई जा रही है। उनके नाजायज कब्जे हटाए जा रहे हैं, उन पर गैर कानूनी निर्माण भी गिराया जा रहा है।

प्रदेश में जहां कहीं भी अपराधी तंत्र ने या माफिया ने प्राइवेट जमीनों पर जबरन कब्जा किया था, उनको भी खाली कराया गया है। कोरोना काल में योगी को बीमारी के नियंत्रण करने में भारी सफलता मिली है। इतनी बड़ी जनसंख्या होने के बावजूद भी देश में कोरोना को हराने में उत्तर प्रदेश का नाम सर्वप्रथम आता है। हिंदुस्तान को ही नहीं

पूरे विश्व को मोदी मॉडल अपनाने की बात लोग करने लगे हैं। उनका टेस्ट ट्रेस ट्रीटमेंट फॉर्मूला काफी सफल रहा है। इसके बाद जिस तेजी से उत्तर प्रदेश में टीकाकरण हुआ है वह भी एक रिकॉर्ड बना है जिसको सारी दुनिया सराह रही है।

उत्तर प्रदेश के किसान भी योगी से खुश दिखाई दे रहे हैं। समय से उनके खातों में गेहूं खरीद का रुपया पहुंच रहा है इस वर्ष भी गेहूं की रिकॉर्ड फसल खरीदी गई है और सभी को एमएसपी रेट पर भुगतान किया गया है। गन्ना की फसल की खरीद का भी भुगतान समय से हो रहा है। पिछली सरकारों में बरसों बरस सरकार गन्ना  किसानों का भुगतान नहीं करती थी और उन्हें कई कई साल तक इंतजार करना पड़ता था। योगी सरकार ने पुराना बकाया भी भुगतान किया और नई की भी समय से भुगतान की व्यवस्था की है।

उत्तर प्रदेश के अन्य किसान फसलों की समय से खरीद के कारण अत्यंत प्रसन्न है इसलिए उत्तर प्रदेश में किसान प्रदर्शन कहीं दिखाई नहीं दिए ना उसका असर दिखाई दिया। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कुछ स्वार्थी नेताओं द्वारा चलाए जा रहे किसान आंदोलन को थोड़े से पश्चिमी किसानों के समर्थन के अलावा कहीं से कोई समर्थन प्राप्त नहीं हुआ। यह योगी की अपने आप में एक बड़ी जीत है। यहां तक की पश्चिमी उत्तर प्रदेश में किसान नेता राकेश टिकैत का खुद भारी विरोध है। उनके द्वारा पंचायत चुनाव में खड़े किए गए लगभग सभी लोग चुनाव हार गए यहां तक कि उनके अपने निवास क्षेत्र में उनके लोग चुनाव नहीं जीत सके।

स्कूल कॉलेजों में गुंडागर्दी कम करने के लिए उनकी रोमियो स्कीम काफी सफल रही और अब थानों में महिला काउंटर अलग से बनाने से महिलाओं के खिलाफ होने वाले अत्याचारों में कमी आई है। क्योंकि उनके द्वारा की गई शिकायत तुरंत रजिस्टर करके कार्रवाई हो रही है। पुलिस प्रशासन को चुस्त-दुरुस्त किया गया है, पहले अपराध राजनीतिक नेताओं की शरण में हुआ करते थे इसलिए पुलिस भी हाथ पर हाथ रखकर बैठ जाती थी और नेताओं के घरों पर फैसले हुआ करते थे। रिपोर्ट भी सत्ताधारी पार्टी के विधायकों द्वारा हां कहने पर ही लिखी जाती थी। अब यह सब पूरी तरह बंद हो गया है, जनता को इससे भारी राहत मिली है। कहीं-कहीं मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्रों से जो अन्य धर्म के लोगों का पलायन हो रहा था उस पर भी रोक लगी है और गुंडागर्दी करने वाले लोगों पर तुरंत कार्रवाई हो रही है।

लव-जिहाद पर तुरंत कानून बनाने के कारण हिंदू परिवारों की लड़कियों को विशेष तौर से सुरक्षा प्रदान हुई है और धोखाधड़ी से अपनी गलत आईडी बता कर प्रेम जाल में फसाने वाले लोगों पर पुलिस ने कार्यवाही की है। इस कानून की सफलता देखकर कुछ अन्य राज्यो ने भी पहल की है। हजारों स्कूल मदरसे जो केवल पेपर पर थे और चलाएं नहीं जा रहे थे को मिलने वाली मदद बंद करने से सरकार का बेवजह धन लूटने वाले मदरसे अपने आप बंद हो गए हैं। इस तरह की झूठी एनजीओ भी बंद हो गई है। उक्त धनराशि को विकास में लगाया जा रहा है।

विकास की बात करें तो 4 एक्सप्रेस वे तेजी से तैयार हो रहे हैं। इससे ट्रैफिक का आवागमन तेज सुरक्षित ढंग से शुरू हो जाएगा। वहीं दूसरी ओर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे भी निर्मित हो रहे हैं। गरीब लोगों के लिए जिलों जिलों में सरकार आवास निर्मित कर रही है, कई जिलों में आवंटन भी हो चुका है और कई जिलों में आवास लगभग पूर्ण निर्माण पर हैं। शौचालय भी लाखों की संख्या में तैयार हो चुके हैं, लगभग पूरी आबादी खुले शौच से मुक्ति पा चुकी है। इस कारण स्वच्छता अभियान भी सफल हो रहा है और बीमारियां भी कम हो रही है। खासतौर से गांव में बाहर शौच के लिए जाने वाली महिलाओं को इससे काफी बड़ी राहत मिली है। इस कार्यक्रम की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि शौचालय और आवास तथा बिजली कनेक्शन गैस आवंटन सभी सबका साथ सबका विकास को ध्यान में रखकर किया गया है। इसमें किसी तरह का जाति या धर्म का भेदभाव नहीं किया गया है इन कारणों से अल्पसंख्यकों मैं भी योगी का प्रभाव बड़ा है।

योगी को सुनने के लिए भीड़ उमड़ पड़ती है इसलिए किसी भी प्रदेश में चुनाव हो, प्रत्याशी चाहते हैं कि योगी उनके क्षेत्र में आए उनकी बात दो
चोट होती है जो कुछ भी वो कहते हैं डंके की चोट कहते हैं, और प्रमाण सहित उसे ब्यान करते हैं। इसका लोगों पर सीधा असर होता है और यही कारण है कि उत्तर प्रदेश की जनता का मन जीत चुके हैं। भारतीय जनता पार्टी के हाईकमान ने काफी गहराई तक इसका अध्ययन किया है इस कारण उनका नाम पुन: मुख्यमंत्री के लिए अगले चुनाव में आगे करके पार्टी जीत की तरफ से काफी हद तक अस्वस्थ है।

कोरोना संक्रमण के कारण जिन बच्चों के माता-पिता अथवा अभिभावक का निधन हो गया है। ऐसे ही असहाय अनाथ बच्चों के पालन पोषण, शिक्षा दीक्षा आदि के लिए सरकार ने उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री आवास योजना शुरू करके अभूतपूर्व कार्य किया है। इसके अंतर्गत चार हजार की मासिक की धनराशि दिए जाने और उन्हें बाल संरक्षण गृह में व्यवस्थित किए जाने का कार्य भी भी सम्मिलित है। कोई भी पात्र बच्चा इससे वंचित ना रहे इसके लिए उचित आदेश भी दिए गए हैं। 18 वर्ष की आयु से अधिक के ऐसे बच्चे जिनके माता-पिता दोनों अथवा किसी एक अभिभावक का कोरोनावायरस से निधन हो गया है, उनके सुचारू रूप से पठन-पाठन की व्यवस्था की गई है ताकि आर्थिक कारणों से किसी बच्चे की पढ़ाई बाधित ना हो, इनको टेबलेट लैपटॉप आदि भी दिए जाएंगे। कोरोना संक्रमण की स्थिति को देखते हुए उसके साथ ही अधिकांश ब्लैक फंगस के इलाज के लिए भी जरूरी इंजेक्शन की आपूर्ति सुचारू रूप से योगी सरकार ने शुरू कर दी है। सभी मेडिकल कॉलेजों में पीआईसीयू एनआईसीयू की स्थापना को तेजी से पूरा किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री योगी का 3 टी फार्मूला काफी हिट हुआ है इसके कारण रिकवरी रेट 96प्रतिशत से ऊपर पहुंच गया यह फार्मूला दूसरे प्रदेश भी अपना रहे हैं। उत्तर प्रदेश की सबसे बड़ी खासियत यह रही कि प्रदेश में बिना पूर्ण लॉकडाउन लगाए हुए आंशिक कोरोना कफर्यू लगाकर काफी सफलता प्राप्त कर ली है, जिससे आर्थिक गतिविधियां चलती रही, कोरोना घटता रहा, गेहूं खरीद होती रही चीनी मिले चलती रही और व्यापारिक कार्य भी होते रहे। जीवन और जीविका दोनों को सुरक्षित रखने में सफल रहा यूपी मॉडल की सब जगह सराहना हो रही है। जिन कर्मचारियों की पंचायत चुनाव ड्यूटी में मौत हुई है, राज्य निर्वाचन आयोग से संवाद कर ऐसे हर कर्मचारी के परिवार को आर्थिक सहायता देने का काम और परिवार में एक नौकरी देने का काम भी मुख्यमंत्री जी ने किया है। मुख्यमंत्री जी का यह कहना कि राज्य सरकार की संवेदना हर नागरिक के साथ है ने लोगों पर काफी असर किया है। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा योगी की अगवाई में हुए कार्यक्रमों पर नजर डालें तो ऐसा लगेगा कि पूरे देश में सबसे अधिक जनहित कार्य करने वाले मुख्यमंत्री है। रोजगार की स्थिति ये रही कि 4 वर्षों में 40 लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी और आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश कार्यक्रम से सवा करोड़ रोजगार पैदा किए गए हैं मनरेगा में भी रिकॉर्ड 27 करोड़ मानव दिवस सृजित कर गांव गांव में लोगों को काम मिला है मनरेगा में 1 करोड़ से अधिक श्रमिकों को रोजगार मिला। एमएसएमई -1 आयु में 33 लाख से अधिक एवं रोजगार और ओडीओपी में 25 लाख से अधिक लोगों को रोजगार मिला। डिफेंस कॉरिडोर में 5 लाख से अधिक रोजगार सृजित हुए हैं या हो रहे हैं।

योगी सरकार द्वारा जनहित में चलाई जाने वाली अनगिनत योजनाएं सफलतापूर्वक चल रही हैं। इतनी बड़ी महाआपदा में भी पिछले साल से अधिक गेहूं की खरीद हुई है। पिछले साल इस अवधि में 24.76 टन गेहूं खरीदा गया था। इस साल 41.56 टन खरीदा जा चुका है और किसानों को 63 हजार करोड़ से अधिक भुगतान भी उनके खाते में हो गया है। मंडियों में सुविधाएं देते हुए मशीन से तौल किए जाने के कारण किसान बहुत खुश है। योगी के नेतृत्व में चुनाव का फैसला करके भाजपा ने शुरुआती भारी बढ़त बना ली है। विरोधियों को सांप सूंघ गया है।

 

Deepak Kumar Rath

डॉ. विजय खैरा

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